बच्चों को नमक और शक्कर कब से देनी चाहिए, यह सवाल लगभग हर माता-पिता के मन में आता है। सही उम्र से पहले इनका सेवन बच्चे की सेहत पर असर डाल सकता है। जानिए एक्सपर्ट्स की सलाह और जरूरी बातें।
6 महीने से बड़े बच्चों की डाइट में पोषण भरपूर मात्रा में होना चाहिए। इस उम्र में बच्चे घर की साधारण दाल या सब्जी का पानी, खिचड़ी आदि खाना शुरू करते हैं। ऐसे में कई पेरेंट्स का सवाल होता है कि, आखिर बच्चों की डाइट में नमक और चीनी कब से देना शुरू करना चाहिए।
जन्म से 6 महीने तक बच्चे को अतिरिक्त नमक या शक्कर की जरूरत नहीं होती। और जब बच्चा सॉलिड्स शुरू करता है, तब भी खाने में अलग से नमक डालने की जरूरत नहीं होती। कई खाद्य पदार्थों में प्राकृतिक रूप से थोड़ा सोडियम मौजूद रहता है।
एक्सपर्ट्स आमतौर पर 1 साल की उम्र से पहले बच्चों को अतिरिक्त चीनी, मिठाई या मीठे पेय देने से बचने की सलाह देते हैं।
केला, सेब, नाशपाती और आम जैसे फलों से बच्चे को प्राकृतिक मिठास मिल सकती है। अलग से चीनी डालने की जरूरत नहीं पड़ती।
छोटे बच्चों की किडनी पूरी तरह विकसित नहीं होती, इसलिए बहुत ज्यादा नमक उनके लिए अच्छा नहीं माना जाता।
अगर कम उम्र में ज्यादा मीठा दिया जाए तो बच्चे को मीठे स्वाद की आदत लग सकती है, जिससे बाद में हेल्दी फूड पसंद करना मुश्किल हो सकता है।
एक साल के बाद नमक और शक्कर धीरे-धीरे दी जा सकती है, लेकिन मात्रा कम ही रखें। घर का ताजा और संतुलित भोजन बच्चों के लिए सबसे बेहतर माना जाता है।