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Study in Scotland: स्कॉटलैंड में पढ़ाई क्यों करना चाहते हैं भारतीय छात्र? जानें कैसे मिलता है एडमिशन, क्या हैं वीजा के नियम

स्कॉटलैंड की सबसे बड़ी खासियत यहां की शिक्षा व्यवस्था है। यहां की यूनिवर्सिटीज को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली हुई है। यहां भारतीय छात्रों को "फ्लेक्सिबल स्टडी" मिलती है जिससे छात्र अपने समय और स्थान के अनुसार पढ़ाई कर सकते हैं। स्कॉटलैंड में चार वर्षीय UG के साथ एक साल का PG कोर्स उपलब्‍ध है। अगर आप भी स्कॉटलैंड में पढ़ाई की सोच रहे हैं, तो इस लेख से जानें एडमिशन, वीजा और करियर की पूरी जानकारी

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स्कॉटलैंड में पढ़ाई क्यों करना चाहते हैं भारतीय छात्र (Image- ChatGPT)
Authored by: Neelaksh Singh
Updated Aug 21, 2026, 16:08 IST
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Study in Scotland: विदेश में पढ़ाई का सपना देखने वाले भारतीय छात्रों के बीच स्कॉटलैंड एक लोकप्रिय विकल्प बना हुआ है। इसकी बड़ी वजह यहां की नामी यूनिवर्सिटीज, पढ़ाई का बेहतरीन तरीका, अलग-अलग विषयों को एक साथ समझने का मौका और अंतरराष्ट्रीय माहौल है। स्कॉटलैंड में 19 प्रमुख हायर एजुकेशन कराने वाली यूनिवर्सिटीज की कमी नहीं है। यहां 150 से ज्यादा देशों हजारों की संख्या में अंतरराष्ट्रीय छात्र पढ़ते हैं। खास बात यह है कि स्कॉटलैंड की अंडरग्रेजुएट पढ़ाई आमतौर पर चार साल की होती है। इन चार वर्षों में छात्रों को विषयों की बेहतर समझ हो जाती है, इसके अलावा अपनी पसंद के क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल करने का भी अवसर मिलता है। यहीं नहीं यहां कई ऐसे मास्टर्स प्रोग्राम हैं, जिन्हें आप 1 साल में पूरा कर सकते हैं। यानी भारत की तरह 5 साल में ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन पूरा किया जा सकता है।

सबसे जरूरी सवाल 'भारतीय छात्र स्कॉटलैंड में पढ़ाई क्यों करना चाहते हैं? स्कॉटलैंड की सबसे बड़ी खासियत यहां की शिक्षा व्यवस्था और विश्वविद्यालयों की मान्यता या ख्याति है। यहां के सबसे प्रमुख यूनिवर्सिटी में University of Edinburgh, University of Glasgow, University of St Andrews इत्यादि आते हैं। इनकी पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी है। यहां भारतीय छात्रों को "फ्लेक्सिबल स्टडी" (Flexible Study) का मौका मिलता है, जिसका मतलब है कि छात्र अपने समय और स्थान के अनुसार पढ़ाई कर सकते हैं। स्कॉटलैंड में कई चार वर्षीय अंडरग्रेजुएट कोर्स में शुरुआती वर्षों के दौरान अलग-अलग विषयों के मॉड्यूल पढ़ाए जाते हैं। इससे अगर छात्र शुरुआत में अपने करियर को लेकर पूरी तरह निश्चित नहीं है, तो उसे बाद में विशेषज्ञता का क्षेत्र चुनने में मदद मिल सकती है।

इसके अलावा यहां का कैंपस वातावरण काफी अंतरराष्ट्रीय है। अलग-अलग देशों के छात्रों के साथ पढ़ने से विद्यार्थियों को नई संस्कृतियों, विचारों और काम करने के तरीकों को समझने का मौका मिलता है। स्कॉटलैंड केवल पढ़ाई के लिए ही नहीं, बल्कि अपने यहां के शानदार माहौल, ऐतिहासिक शहरों और सांस्कृतिक विरासत के लिए भी जाना जाता है। यही वजह है कि पढ़ाई के साथ छात्रों को एक अलग तरह का अंतरराष्ट्रीय अनुभव मिलता है।

स्कॉटलैंड में पढ़ाई (Image - ChatGPT)

स्कॉटलैंड में पढ़ाई (Image - ChatGPT)

भारतीय छात्र स्कॉटलैंड में एडमिशन कैसे ले सकते हैं?

स्कॉटलैंड में दाखिले की प्रक्रिया आपके कोर्स और यूनिवर्सिटी पर निर्भर करती है। इसलिए सबसे पहले यह तय करना जरूरी है कि आप अंडरग्रेजुएट, मास्टर या किस दूसरे प्रोग्राम में जाना चाहते हैं। इसके बाद अपनी पसंद की यूनिवर्सिटीज और कोर्स की पात्रता देखें। हर संस्थान में शैक्षणिक योग्यता, अंग्रेजी भाषा की जरूरत, जरूरी दस्तावेज और आवेदन की समयसीमा अलग-अलग मिल सकती है। लेकिन आमतौर पर आवेदन के दौरान छात्रों को अपनी शैक्षणिक मार्कशीट, पासपोर्ट, अंग्रेजी भाषा की योग्यता का प्रमाण, स्टेटमेंट ऑफ पर्पज और जरूरत के अनुसार रेफरेंस आदि देने पड़ सकते हैं।

अंडरग्रेजुएट कोर्स के लिए कई आवेदन UCAS सिस्टम के माध्यम से किए जाते हैं, जबकि कई पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स के लिए सीधे यूनिवर्सिटी की वेबसाइट से आवेदन करना होता है। इसलिए जिस कोर्स में आवेदन करना है, उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर प्रक्रिया चेक करना जरूरी है। एडमिशन मिलने के बाद यूनिवर्सिटी की तरफ से Confirmation of Acceptance for Studies यानी CAS जारी किया जाता है। बता दें, स्टूडेंट वीजा के लिए यह एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है।

एडमिशन की प्रक्रिया समझें

1. अपनी पसंद का कोर्स और यूनिवर्सिटी चुनें।

2. चुनी हुई यूनिवर्सिटी या कोर्स की क्या योग्यता है, उसे ध्यान रखें।

3. अंग्रेजी लिखने, बोलने और समझने पर पकड़ रखें। इसके लिए आपको सर्टिफिकेट भी दिखाना होगा। जरूरी दस्तावेज तैयार करें।

4. निर्धारित पोर्टल या यूनिवर्सिटी की वेबसाइट से आवेदन करें।

5. आवेदन शुल्क जमा करें।

6. ऑफर स्वीकार करने और जरूरी शर्तें पूरी करने के बाद CAS प्राप्त करें।

7. इसके बाद Student visa के लिए आवेदन करें।

स्कॉटलैंड में भारतीय छात्रों के लिए वीजा की जानकारी (Image- ChatGPT)

स्कॉटलैंड में भारतीय छात्रों के लिए वीजा की जानकारी (Image- ChatGPT)

स्कॉटलैंड जाने के लिए भारतीय छात्रों को कौन-सा वीजा चाहिए?

स्कॉटलैंड यूनाइटेड किंगडम का हिस्सा है, इसलिए वहां पढ़ने के लिए भारतीय छात्रों को 'यूके स्टूडेंट वीजा' की जरूरत होगी। स्टूडेंट वीजा के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होता है और पहचान सत्यापन के लिए प्रक्रिया के अनुसार UK Immigration: ID Check ऐप या बायोमेट्रिक प्रक्रिया का इस्तेमाल किया जा सकता है।

वीजा आवेदन में पासपोर्ट और CAS जैसे दस्तावेज जरूरी होते हैं। कोर्स और आपकी स्थिति के अनुसार आर्थिक क्षमता का प्रमाण, TB टेस्ट और कुछ मामलों में ATAS प्रमाणपत्र भी जरूरी हो सकते हैं।

वीजा के लिए कितने पैसे दिखाने होंगे?

स्कॉटलैंड 'लंदन' के बाहर आता है, इसलिए स्टूडेंट वीजा के फाइनेंशियल रिक्वायरमेंट में लंदन के बाहर पढ़ने वाले छात्रों के लिए फिलहाल 1,171 £ प्रति माह, अधिकतम 9 महीने तक की living-cost requirement लागू है। इसके अलावा एक साल की एकेडमिक ईयर की कोर्स फीस का भुगतान करने या उसे कवर करने की क्षमता भी दिखानी होती है। इसका मतलब है कि सिर्फ यूनिवर्सिटी की फीस का इंतजाम करना पर्याप्त नहीं है। वीजा के लिए रहने, खाने और दूसरी जरूरी जरूरतों के लिए भी निर्धारित रकम का प्रमाण देना पड़ सकता है। आमतौर पर आवश्यक रकम को लगातार 28 दिनों तक खाते में रखने की शर्त होती है और इस अवधि की अंतिम तारीख आवेदन की तारीख से 31 दिनों के भीतर होनी चाहिए। हालांकि, कुछ परिस्थितियों में financial evidence की जरूरत अलग हो सकती है।

स्कॉटलैंड में पढ़ाई करने के क्या फायदे हैं?

स्कॉटलैंड में पढ़ाई करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि छात्र को बेहतरीन एकेडमिक एन्वॉयरन्मेंट के साथ अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर मिलता है। यहां के विश्वविद्यालयों में कई विषयों में रिसर्च और प्रैक्टिकल लर्निंग पर जोर दिया जाता है। दूसरा फायदा पढ़ाई की फ्लेक्सिबिलिटी है। खासकर अंडरग्रेजुएट लेवल पर छात्र अलग-अलग विषयों और मॉड्यूल्स का अनुभव ले सकते हैं। इससे उनकी रुचि और करियर के लक्ष्य के अनुसार, पढ़ाई को दिशा देने में मदद मिल सकती है।

स्‍कॉटलैंड में स्‍टडी के फायदे (Image - ChatGPT)

स्‍कॉटलैंड में स्‍टडी के फायदे (Image - ChatGPT)

पढ़ाई के बाद नौकरी पाने के क्या रास्ते हैं?

यूके में 'एलिजिबल कोर्स' पूरा करने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्र 'ग्रेजुएट वीजा' के लिए आवेदन कर सकते हैं। मौजूदा नियमों के अनुसार, अगर ग्रेजुएट वीजा का आवेदन 31 दिसंबर 2026 तक किया जाता है तो सामान्य एलिजिबल कोर्स को दो साल की अनुमति मिल सकती है। 1 जनवरी 2027 या उसके बाद किए गए आवेदनों के लिए यह अवधि 18 महीने होगी जबकि PhD के लिए यह अवधि तीन साल है। इस अवधि में छात्र नौकरी तलाश सकता है या नौकरी कर सकता है। लेकिन ध्यान दें, ग्रेजुएट वीजा का समय खत्म होने के बाद अतिरिक्त समय नहीं मिलता है।

स्कॉटलैंड जाने से पहले किन बातों का ध्यान रखें?

विदेश में पढ़ाई का फैसला केवल यूनिवर्सिटी की रैंकिंग देखकर नहीं करना चाहिए। सबसे पहले पूरे खर्च का अनुमान लगाएं इसलिए आपको प्रॉपर स्टडी करनी होगी। इसमें ट्यूशन फीस के अलावा एकोमोडेशन, खाना, ट्रांसपोर्ट, इंश्योरेंस, वीजा और दूसरे व्यक्तिगत खर्च भी शामिल होंगे। इसके बाद देखें कि चुना गया कोर्स् आपके करियर गोल के लिए कितना उपयोगी है। यूनिवर्सिटी की फीस, स्कॉलरशिप, कोर्स की अवधि, प्लेसमेंट या करियर सपोर्ट और शहर में रहने की लागत की तुलना करना भी जरूरी है।

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