बढ़ती उम्र में ब्लड प्रेशर की समस्या आम हो सकती है और कई बार इसके कोई खास लक्षण भी दिखाई नहीं देते। इसलिए समय-समय पर ब्लड प्रेशर की जांच कराना जरूरी है। लगातार बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर दिल और ब्लड सेल्स पर असर डाल सकता है।
डायबिटीज हमेशा शुरुआत में साफ संकेत नहीं देता। उम्र बढ़ने के साथ नियमित ब्लड शुगर की जांच से शरीर में शुगर के स्तर पर नजर रखी जा सकती है।
खून में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ने पर रक्त वाहिकाओं से जुड़ी समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है। इसलिए वरिष्ठ नागरिकों के लिए डॉक्टर की सलाह के अनुसार लिपिड प्रोफाइल जैसी जांच उपयोगी हो सकती है। रिपोर्ट के आधार पर खानपान और आगे की जांच तय की जाती है।
उम्र के साथ नजर कमजोर होना, मोतियाबिंद और आंखों से जुड़ी दूसरी समस्याएं हो सकती हैं। कई बार शुरुआत में बदलाव बहुत हल्का होता है। नियमित नेत्र जांच से नजर में बदलाव या अन्य परेशानी का समय रहते पता लगाने में मदद मिल सकती है।
बढ़ती उम्र में हड्डियां कमजोर होने का खतरा बढ़ सकता है। खासकर गिरने की स्थिति में फ्रैक्चर का जोखिम चिंता का विषय हो सकता है। डॉक्टर जरूरत समझें तो हड्डियों की मजबूती की जांच कराने की सलाह दे सकते हैं।
किडनी से जुड़ी कुछ समस्याएं शुरुआती दौर में स्पष्ट लक्षण नहीं देतीं। ब्लड और यूरिन की कुछ जांचों से डॉक्टर किडनी की कार्यक्षमता का आकलन कर सकते हैं।
यह समझना भी जरूरी है कि हर वरिष्ठ नागरिक को सभी जांचें एक ही समय या समान अंतराल पर करवाने की जरूरत नहीं होती। उम्र, पहले से मौजूद बीमारियां, दवाएं, फैमिली हिस्ट्री के आधार पर डॉक्टर जांचों की सलाह देते हैं।