दूषित खाना-पानी, बिना धुले फल-सब्जियां, गंदे हाथ, मिट्टी और खराब हाइजीन पेट में कीड़े पड़ने के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। जानिए किन रोजमर्रा की आदतों से संक्रमण फैल सकता है और किन लक्षणों पर ध्यान दें।
हर साल भारत सरकार द्वारा दो बार नेशनल डिवर्मिंग डे का आयोजन किया जाता है। इस दिन 1 से 19 साल के बच्चों को डिवर्मिंग की दवा दी जाती है। पेट में कीड़े किन्हीं कारणों की वजह से पड़ सकते हैं। इसके लक्षण सभी में अलग और अपस्पष्ट हो सकते हैं। आमतौर पर पेट दर्द, दस्त, कमजोरी, भूख में बदलाव, कुपोषण इसके लक्षण हो सकते हैं।
फल और सब्जियों की सतह पर दूषित मिट्टी या संक्रमण फैलाने वाले कण मौजूद हो सकते हैं। इन्हें अच्छी तरह धोए बिना खाने से Worm Infection का जोखिम बढ़ सकता है। खासकर कच्ची सब्जियों को साफ करने में लापरवाही नहीं करनी चाहिए।
हर स्ट्रीट फूड असुरक्षित नहीं होता, लेकिन अगर खाना साफ जगह पर तैयार न हो, हाथ साफ न हों या पानी दूषित हो, तो संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। खुले में रखी चटनी, सलाद और कटी चीजों पर भी ध्यान दें।
बच्चों का मिट्टी में खेलना सामान्य है, लेकिन खेलने के बाद हाथ बिना धोए खाना खाने या हाथ मुंह में डालने से संक्रमण का रास्ता बन सकता है। इसलिए Outdoor Play के बाद साबुन से हाथ धोने की आदत जरूरी है।
नाखूनों के नीचे मिट्टी और गंदगी जमा हो सकती है। अगर बच्चा बार-बार नाखून चबाता है या हाथ मुंह तक ले जाता है, तो गंदगी शरीर में पहुंच सकती है। छोटे और साफ नाखून रखना आसान लेकिन जरूरी आदत है।
ऐसा पानी जो साफ या सुरक्षित न हो, कई तरह के संक्रमण का कारण बन सकता है। इससे साफ पानी पिएं और बच्चों को साफ पानी की महत्व समझाएं।
टॉयलेट के बाद हाथ न धोना संक्रमण फैलने का कारण हो सकता है। हालांकि हर पेट दर्द या भूख में बदलाव को Worm Infection मानकर खुद से Deworming Tablet लेना सही नहीं है। लगातार या गंभीर लक्षण होने पर डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है। बच्चों के मामले में खास तौर पर बिना सलाह दवा देने से बचें।