भारत का पहला महिला विश्वविद्यालय कौन-सा है, एक सोच ने लाखाओं छात्राओं को दिए पंख

First Indian Women's University: एक समय था, जब महिलाओं का घर की चारदीवारी तक सीमित रखा गया था। पढ़ना तो दूर, यह उनके अधिकारों में भी शामिल नहीं था। कहा जाता था कि महिलाओं का सम्मान और उनका मुख्य दायित्व घर की चारदीवारी और परिवार की देखरेख तक ही सीमित है। लेकिन फिर समय के साथ बदलाव हुए और आज महिलाएं न केवल शिक्षा में बल्कि हर क्षेत्र में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं और ऊंचाई छूते हुए देश का नाम रोशन कर रही हैं।

Authored by: वर्षा कुशवाहाUpdated Jan 19 2026, 16:49 IST
जहां एक समय पर महिलाओं के लिए शिक्षा भी ना गुजारा थी, वहां शिक्षा प्रदान करने वाला संस्थान शुरू करना एक किसी बड़ी चुनौती और सपने से कम नहीं था। लेकिन इस सपने को सच कर दिखाने की चाह ने महिलाओं की जिंदगी बदल दी और उन्हें पंख फहराने का मौका दिया। एक सोच ने भारत को उसका पहला विश्वविद्यालय दिया, जो पूरी तरह से महिलाओं के लिए समर्पित है। आइए आपको इस विश्वविद्यालय और उसकी स्थापना करने वाले समाज सुधारक के बारे में बताएं। Image Credit : SNDT Website01 / 07

जहां एक समय पर महिलाओं के लिए शिक्षा भी ना गुजारा थी, वहां शिक्षा प्रदान करने वाला संस्थान शुरू करना एक किसी बड़ी चुनौती और सपने से कम नहीं था। लेकिन इस सपने को सच कर दिखाने की चाह ने महिलाओं की जिंदगी बदल दी और उन्हें पंख फहराने का मौका दिया। एक सोच ने भारत को उसका पहला विश्वविद्यालय दिया, जो पूरी तरह से महिलाओं के लिए समर्पित है। आइए आपको इस विश्वविद्यालय और उसकी स्थापना करने वाले समाज सुधारक के बारे में बताएं।

इस समाज सुधारक ने दिया महिलाओं की शिक्षा पर ध्यान Image Credit : SNDT Website02 / 07

इस समाज सुधारक ने दिया महिलाओं की शिक्षा पर ध्यान

​1900 के दशक में महिलाओं को शिक्षा पर ध्यान देना तो दूर इसे गलत माना जाता था। लेकिन उस दौरान समाज सुधारक डॉ धोंडो केशव कर्वे ने महिलाओं की शिक्षा का मुद्दा उठाया।​

विधवा महिलाओं से हुई शिक्षा की शुरुआत Image Credit : SNDT Website03 / 07

विधवा महिलाओं से हुई शिक्षा की शुरुआत

​शुरुआत में उन्होंने विधवा महिलाओं को पढ़ने से शुरुआत की और उसके साथ ही उन्होंने एक ऐसे विश्वविद्यालय के बारे में सोचा, जो केवल महिलाओं के लिए होगा।​

कब रखी विश्वविद्यालय की नींव Image Credit : SNDT Website04 / 07

कब रखी विश्वविद्यालय की नींव

​महिलाओं की शिक्षा के लिए लड़ने वाले डॉ धोंडो केशव कर्वे ने लंबे समय बाद लोगों के सहयोग से 1916 में भारत के पहले महिला विश्वविद्यालय की स्थापना की। हालांकि इसे मान्यता 1951 में मिली थी।​

क्या है देश के पहले महिला विश्वविद्यालय का नाम?Image Credit : SNDT Website05 / 07

क्या है देश के पहले महिला विश्वविद्यालय का नाम?

​भारत के पहले महिला विश्वविद्यालय का नाम श्रीमती नाथीबाई दामोदर ठाकरे महिला विश्वविद्यालय (SNDT Women's University) है। बता दें कि यूनिवर्सिटी का नाम एक व्यापारी सर विठ्ठलदास ठाकरे की मां के नाम पर रखा गया, क्योंकि उनके द्वारा विश्वविद्यालय बनवाने में आर्थिक रूप से सहायता की गई थी।​

5 छात्राओं से हुई थी विश्वविद्यालय की शुरुआतImage Credit : SNDT Website06 / 07

5 छात्राओं से हुई थी विश्वविद्यालय की शुरुआत

​बता दें कि इस विश्वविद्यालय की शुरुआत सैंकड़ों नहीं, बल्कि केवल 5 छात्राओं के साथ हुई थी। लेकिन आज इस कैंपस में हजारों छात्राएं अपना सपनों को पंख देने के लिए आती हैं।​

महिलाओं को देता है सशक्त बनने का मौकाImage Credit : SNTD07 / 07

महिलाओं को देता है सशक्त बनने का मौका

​SNTD वुमन यूनिवर्सिटी में आर्ट्स, साइंस, एजुकेशन, कॉमर्स, ह्यूमैनिटीज, लॉ, बिजनेस, फैशन आदि जैसे विभिन्न प्रकार के विषयों की शिक्षा दी जाती है।​

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