जानिए उस अनोखे ब्लड ग्रुप के बारे में जिसे 'O Negative' भी नहीं दे सकता खून

What is Bombay Blood Group: दुनिया में मुख्य तौर पर 'A', 'B', 'O' और 'AB' ब्लड ग्रुप पाया जाता है। लेकिन ये कहना गलत होगा की पूरी दुनिया में केवल यही चार ब्लड ग्रुप हैं। क्योंकि दुनिया में कुछ ऐसे ब्लड ग्रुप भी हैं, जो बहुत रेयर होते हैं। ऐसा ही एक ब्लड ग्रुप जिसकी खोज भारत में हुई थी और इसे बॉम्बे ब्लड ग्रुप का नाम दिया गया है। आइए आपको बॉम्बे ब्लड ग्रुप से संबंधित महत्वपूर्ण सवालों के जवाब दें, जो छात्रों के लिए जानना आवश्यक हैं।

Authored by: वर्षा कुशवाहाUpdated Jan 30 2026, 17:00 IST
क्या है बॉम्बे ब्लड ग्रुप?Image Credit : Canva01 / 08

क्या है बॉम्बे ब्लड ग्रुप?

​सामान्य तौर पर ब्लड ग्रुप में 'A', 'B' और 'H' एंटीजन पाए जाते हैं। लेकिन बॉम्बे ब्लड ग्रुप इकलौता ऐसा ब्लड ग्रुप है, जिसमें 'H' एंटीजन नहीं पाया जाता है। इसे से hh या Oh भी कहा जाता है।​

बॉम्बे ब्लड ग्रुप की खोज किसने की थी?Image Credit : Canva02 / 08

बॉम्बे ब्लड ग्रुप की खोज किसने की थी?

​बता दें कि बॉम्बे ब्लड ग्रुप की खोज का श्रेय प्रसिद्ध भारतीय डॉक्टर डॉ. वाई.एम. भेंडे (Dr. Y.M. Bhende) को जाता है। उन्होंने ही सबसे पहले इस ब्लड ग्रुप की खोज की थी।​

बॉम्बे ब्लड ग्रुप की खोज कब हुई थी?Image Credit : Canva03 / 08

बॉम्बे ब्लड ग्रुप की खोज कब हुई थी?

​दुनिया के अत्यधिक दुर्लभ बॉम्बे ब्लड ग्रुप की पहचान या खोज भारत के महाराष्ट्र राज्य में 1952 में की गई थी। यह बहुत ही रेयर ब्लड ग्रुप है। ​

बॉम्बे ब्लड ग्रुप का Bombay से क्या नाता है?Image Credit : Canva04 / 08

बॉम्बे ब्लड ग्रुप का Bombay से क्या नाता है?

​बता दें कि इस ब्लड ग्रुप का सबसे पहला मामला बॉम्बे (अब मुंबई) के केईएम (KEM) अस्पताल में सामने आया था। इसकी वजह से इसका नाम 'बॉम्बे ब्लड ग्रुप' रखा गया। इस ब्लड ग्रुप का सीधे तौर पर बॉम्बे शहर से नाता रहा है।​

कितना रेयर है बॉम्बे ब्लड ग्रुप?Image Credit : Canva05 / 08

कितना रेयर है बॉम्बे ब्लड ग्रुप?

​बॉम्बे ब्लड ग्रुप इतना दुर्लभ है कि विश्व स्तर पर हर 40 लाख लोगों में से किसी एक व्यक्ति का बॉम्बे ब्लड ग्रुप होता है। वहीं भारत में यह हर 10,000 लोगों में से कोई एक होता है, जिसमें यह ब्लड ग्रुप पाया जाता है।​

कैसे बना है यह ग्रुप?Image Credit : Canva06 / 08

कैसे बना है यह ग्रुप?

​आमतौर पर 'इनब्रीडिंग' यानी एक ही समुदाय/करीबी रिश्तेदारों के बीच शादियों के कारण जेनेटिक म्यूटेशन होती है, जिसके कारण यह ब्लड ग्रुप विकसित होता है।​

बॉम्बे बल्ड ग्रुप की पहचान मुश्किलImage Credit : Canva07 / 08

बॉम्बे बल्ड ग्रुप की पहचान मुश्किल

​बता दें कि शुरुआती जांच में यह अक्सर 'O' ग्रुप जैसा दिखाई देता है, क्योंकि इसमें भी A और B एंटीजन नहीं होते। लेकिन इसकी सही पहचान के लिए 'H' एंटीजन टेस्ट करना पड़ता है।​

बॉम्बे ब्लड ग्रुप को लेकर क्या है भ्रम?Image Credit : Canva08 / 08

बॉम्बे ब्लड ग्रुप को लेकर क्या है भ्रम?

​बता दें कि बॉम्बे ब्लड ग्रुप सामान्य ब्लड ग्रुप को ब्लड दे सकता है। लेकिन इस ब्लड ग्रुप वाले व्यक्ति को आवश्यकता पड़ने पर सेम ब्लड ग्रुप की जरूरत होगी। भले ही 'O Negative' को यूनिवर्सल डोनर कहा जाता है, लेकिन बॉम्बे ब्लड ग्रुप वाले व्यक्ति का शरीर इसे स्वीकार नहीं करता है। ​

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