कुछ धातुएं इतनी ज्यादा रिएक्टिव होती हैं कि वे पानी के संपर्क में आते ही तेजी से प्रतिक्रिया करने लगती हैं। इस दौरान हाइड्रोजन गैस और बहुत ज्यादा गर्मी निकलती है। कई बार ये गर्मी इतनी ज्यादा होती है कि गैस में आग लग जाती है और विस्फोट जैसा कुछ दिखाई पड़ता है।
सोडियम धातु को अगर पानी में डाला जाए तो ये इधर-उधर भागने लगती है। इसके बाद ये आग पकड़ लेती है। यही वजह है कि इसे तेल में स्टोर किया जाता है।
पोटेशियम को पानी में डालते ही ये बहुत तेजी से रिएक्ट करता है। धातु पानी की सतह पर तेजी से घूमने लगती है और इतनी गर्मी पैदा करती है कि विस्फोट हो जाता है। पोटेशियम बहुत ज्यादा रिएक्टिव धातु है और पानी से मिलती ही ये तुरंत इलेक्ट्रॉन छोड़ देती है।
लिथियम भी पानी के साथ रिएक्ट करता है लेकिन सोडियम और पोटेशियम जितना खतरनाक नहीं होता। ये धीरे-धीरे बुलबुले बनाता है और गैस छोड़ता है। ये भी अल्कली मेटल है लेकिन इसका रिएक्शन कम होता है।
कैल्शियम को पानी में डालने पर बुलबुले बनते हैं और धातु धीरे-धीरे घुलने लगती है। इसमें आमतौर पर आग नहीं लगती। ऐसा इसलिये होता है क्योंकि कैल्शियम पानी से प्रतिक्रिया करके कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड और हाइड्रोजन बनाता है।
एल्यूमिनियम आमतौर पर पानी के साथ तुरंत रिएक्ट नहीं करता। ऐसा इसलिये क्योंकि इसके ऊपर ऑक्साइड की एक पतली सी परत बन जाती है, जो इसे सुरक्षित रखती है।
मैग्नीशियम ठंडे पानी में बहुत धीमे से रिएक्ट करता है लेकिन गर्म पानी या भाप के साथ काफी तेजी से इसका रिएक्शन देखने को मिलता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि मैग्नीशियम की बाहरी परत उसे तुरंत रिएक्ट करने से रोकती है।