हाल ही में स्टार क्रिकेटर के तौर पर जाने-जानें वाले रिंकू सिंह अब यूपी में क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी (रीजनल स्पोर्ट्स ऑफिसर) बन गए हैं। जल्द ही यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा नियुक्ति पत्र (Appointment Letter) दिया जाएगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यूपी में क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी कौन होते हैं। उन्हें कितनी सैलरी मिलती है और इसके लिए कितनी एजुकेशन चाहिए। आइए जानते हैं इसके बारे में पूरे विस्तार से...
उत्तर प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य है, जो सरकारी सेवाओं में खिलाड़ियों को प्राथमिकता दे रहा है। रिंकू सिंह एशियाई खेलों में उनके प्रदर्शन के लिए यूपी में क्षेत्रीय खेल अधिकारी (रीजनल स्पोर्ट्स ऑफिसर) बनाया गया है। इससे पहले कई खिलाड़ियों को यूपी पुलिस में के विभिन्न पदों पर नियुक्त किया जा चुका है।
रीजनल स्पोर्ट्स ऑफिसर (RSO) सेकेंड क्लास गजेटेड (Gazetted ) ऑफिसर होता है। मुख्य तौर पर इनका कार्य खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने, खेल स्टेडियमों की देखरेक करना और उस क्षेत्र में नई प्रतिभाओं को निखाराना और बेहतर बनाना होता है।
यूपी में RSO का पे-स्केल बहुत अच्छा है। 7वें वेतन आयोग के अनुसार, इस पद का बेसिक-पे 56,100 रुपये से 1,77,500 रुपये तक जाता है। इसमें शुरुआती सैलरी में विभिन्न भत्ते जैसे DA और HRA मिला दें तो शुरुआती सैलरी करीब 80 हजार से 90 हजार रुपये तक हो सकती है।
रीजनल स्पोर्ट्स ऑफिसर (Regional Sports Officer - RSO) बनने के लिए किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से शारीरिक शिक्षा में ग्रेजुएशन यानी B.P.Ed कोर्स, स्पोर्ट्स साइंस और स्पोर्ट्स मैनेजमेंट कोर्स करना अनिवार्य है। इसके साथ भी नेशनल लेवल और इंटरनेशनल लेवल पर खेल का अनुभव होना भी अनिवार्य है।
RSO पदे के लिए भर्ती निकाली जाती है, जिसके लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को पहले लिखित परीक्षा में शामिल होने होता है। परीक्षा पास करने के बाद फिजिकल फिटनेस टेस्ट होता है और उसके बाद इंटरव्यू के लिए आमंत्रित किया जाता है।
क्रिकेटर रिंकू सिंह के यह दोहरी खुशी का माहौल है। एक तरफ उन्हें आईपीएल 2026 (IPL 2026) में कोलकाता नाइट राइडर्स के वाइस कैप्टन की जिम्मेदारी सौंपी गई है, तो दूसरी तरफ यूपी सरकार द्वारा उन्हें रीजनल स्पोर्ट्स ऑफिसर के तौर पर नियुक्त किया गया है।