सपने को पूरा करने के लिए खुद को जिद्द दिखाना पड़ता है। इस जिद्द में सब कुछ जायज है: 8 से 10 घंटे पढ़ना, कड़ा टाइमटेबल फॉलो करना, सिलेबस को समझना, रिवाइज करना, मॉक टेस्ट देना, लिखने की स्किल्स पर काम करना, मनोरंजन का त्याग करना, सोशल न होना इत्यादि। ये निर्भर करता है कि आप कितना फोकस से किसी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। यही कारण है कोई पहली कोशिश में IAS बन जाता है, तो कई बार एक से ज्यादा अटेम्प देने पड़ते हैं। Jha Samixa Satyendra ने भी एक से ज्यादा अटेम्प्ट दिए लेकिन अपनी रैंक बढ़ाने के लिए।
ये Success Story पहले ही अटेम्प्ट में यूपीएससी क्लियर करना, लगातार मेहनत करके कई अटेम्प्ट में मंजिल पाना, फाइनेंशियल मुश्किलों का सामना करना, घर परिवार की जिम्मेदारियों के बीच लक्ष्य को प्राथमिकता देने से भी ऊपर है। UPSC Success Story में अक्सर उनके बारे में पढ़ा होगा, जो इस परीक्षा को पास करते हैं, लेकिन अपनी रैंक को बेस्ट करने की कहानी कम ही सुनी होगी।
ये सक्सेस स्टोरी Jha Samixa Satyendra की है, जिन्होंने 2023 में यूपीएससी सीएसई में 362 रैंक हासिल की, हालांकि IAS बनने का सपना पूरा नहीं हुआ। लेकिन लक्ष्य को पाने की जिद्द ने उन्हें उनकी मंजिल तक बहुत हद तक पहुंचाया। बहुत हद तक इसलिए क्योंकि अभी यूपीएससी सीएसई का फाइनल रिजल्ट नहीं आया है।
यूपीएससी सीएसई का फाइनल रिजल्ट आने से पहले इंटरव्यू शेड्यूल होगा, जिसके लिए एडमिट कार्ड जारी किया जाएगा। इस भर्ती अभियान के जरिए 979 पदों को भरा जाना है। चूंकि 2736 अभ्यर्थी यूपीएससी मेंस परीक्षा में पास हुए हैं, ऐसे में 1757 अभ्यर्थियों को निराशा हाथ लग सकती है।
वे आईएएस अधिकारी बनना चाहती हैं, और इस बार आईएएस के 180 पद निर्धारित हैं। जबकि आईएफएस के 55, आईपीएस के 150, आईए एंड एएस के 28 और आईसीएएस के 15 पदों पर भर्ती होगी।
वे अहमदाबाद, गुजरात की पली बढ़ी हैं। Jha Samixa Satyendra ने जो इस बार परीक्षा दी है, उसका रोल नंबर 0100287 है। हालांकि इस बार का आप्शनल सक्जेक्ट अभी तक का क्लियर नहीं है, लेकिन 2023 में इन्होंने पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन लिया था।
Jha Samixa Satyendra ने केमिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया है। वे पढ़ाई में हमेशा सीरियस रही हैं, वे एकेडमिक लेवल पर भी पढ़ाई में अच्छे नंबर लाती थीं, 12वीं पूरा करने के बाद उन्होंने विश्वकर्मा गवर्मेंट इंजीनियरिंग कॉलेज से केमिकल इंजीनियरिंग की और फिर यूपीएससी की तरफ रुझान होने से उन्होंने पूरे मन से इस परीक्षा की तैयारी की। उन्होंने पढ़ाई में सबसे ज्यादा अभ्यास मौक टेस्ट सीरीज का किया। उन्होंने एक वीडियो में कहा है कि 'शुरू में 5-6 टेस्ट सीरीज में उन्हें निराशा हाथ लगी, लेकिन उन्हें ये भी पता चला कि वे कहां स्टैंड करती हैं' इसी बात ने उन्हें खुद की स्ट्रेटजी को सुधारने पर काम किया।