​पति की शहादत के बाद सुष्मिता ने छोड़ी टीचिंग, फिर सेना में कैप्टन बन रच दिया इतिहास​

Indian Army Captain Sushmita Pandey Success Story: पति की शहादत के बाद उन्हीं के रेजिमेंट में अधिकारी बनकर पहुंचना, श्रद्धांजलि देने का इससे बेहतर तरीका क्या हो सकता है। आज हम आपको सुष्मिता पांडे के बारे में बताने वाले हैं, जिन्होंने टीचिंग के बाद आर्मी ज्वाइन करने का फैसला लिया। 3 साल के बच्चे और पति की शहादत के बाद यह आसान नहीं था, लेकिन बिना हार मानें उन्होंने एक स्ट्रोंग मॉम बनने का फैसला लिया न कि एक कमजोर मॉम। वह चाहती थी उनके बेटे को उन पर गर्व हो और इसी सोच ने उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। आइए आज आपको टीचर से बनी सेना अधिकारी सुष्मिता की पेनफुल लेकिन मोटिवेशनल स्टोरी के बारे में बताएं।

Authored by: वर्षा कुशवाहाUpdated Feb 24 2026, 10:32 IST
एजुकेशन के बाद टीचर बनीं सुष्मिताImage Credit : Canva01 / 07

एजुकेशन के बाद टीचर बनीं सुष्मिता

​गोरखपुर की रहने वाली सुष्मिता एक नॉर्मल मिडिल क्लास परिवार से हैं। ग्रेजुएशन की शिक्षा प्राप्त करने क बाद सुष्मिता टीचर बनी और स्कूल में पढ़ाना शुरू किया। साल 2010 में सुष्मिता की शादी सेना के अधिकारी नीरज पांडे से हुई। शादी के 3 साल बाद 2013 में नीरज और सुष्मिता का बेटे रुद्रांश का जन्म हुआ।​

खुशहाल परिवार में छाए दुख के बादलImage Credit : Canva02 / 07

खुशहाल परिवार में छाए दुख के बादल

​यह परिवार हंसी-खुशी अपना जीवन जी रहा था, फिर अचानक 2016 में उनकी पूरी जिंदगी बदल गई जब मेजर नीरज इंडिया-चीन बॉर्डर पर आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन में लड़ाई लड़ते हुए शहीद हो गए। सुष्मिता के पति नीरज का काफिला सिप्रा पहुंचा ही था कि एक लैंडस्लाइड के चपेट में आ गए। इस दौरान उन्हें गहरी चोटें आई, लेकिन उन्होंने उसकी परवाह किए बिना आखिर तक लड़ाई लड़ी और फिर वह शहीद हो गए।

पति के नक्शे-कदम पर चलने की ठानीImage Credit : Canva03 / 07

पति के नक्शे-कदम पर चलने की ठानी

​एक रिपोर्ट के अनुसार, पति की शहादत की सूचना मिलने पर सुष्मिता ने आंसू नहीं बहाए, बल्कि उन्होंने उस दौरान एक संकल्प लिया कि वह भी सेना में जाएंगी और अपने पति का जीवन जीएंगी।​

बच्चे के परवरिश के साथ दिया SSB एग्जामImage Credit : Canva04 / 07

बच्चे के परवरिश के साथ दिया SSB एग्जाम

​सिर पर बच्चे की परवरिश की जिम्मेदारी और सेना में जाने का फैसला 31 वर्षीय सुष्मिता के लिए यह आसान नहीं था, लेकिन कहते हैं न कि कुछ कर दिखाने का जज्बा हो तो सब हो सकता है। 6 महीने में SSB की परीक्षा दी और पहले ही अटेंप्ट में ही उनका सिलेक्शन हो गया है।​

ट्रेनिंग के लिए चेन्नई पहुंची सुष्मिताImage Credit : Canva05 / 07

ट्रेनिंग के लिए चेन्नई पहुंची सुष्मिता

​पहले अटेम्प्ट में SSB की परीक्षा पास करने के बाद चेन्नई की ऑफिसर ट्रेनिंग एकेडमी गई सुष्मिता, जहां उन्हें कई कठिनाईयों का सामना करना पड़ा। इसमें एक समस्या थी बेटे के जन्म के बाद बढ़ा हुआ उनका वजन। ट्रेनिंग के दौरान सुष्मिता ने 20 किलो वजन घटाया।​

पति की रेजिमेंट में बनी अधिकारी Image Credit : Canva06 / 07

पति की रेजिमेंट में बनी अधिकारी

ट्रेनिंग के बाद 2018 में पति की दूसरी पुण्यतिथि से कुछ दिन पहले सुष्मिता को उन्हीं के रेजिमेंट में ऑफिसर बनकर पहुंची। सुष्मिता की तरफ से उनके पति के लिए इससे बड़ी श्रद्धांजलि क्या हो सकती है।

कॉर्प्स ऑफ सिग्नल्स का कार्यभार संभालाImage Credit : Canva07 / 07

कॉर्प्स ऑफ सिग्नल्स का कार्यभार संभाला

​भारतीय सेना में आने के बाद उन्होंने कॉर्प्स ऑफ सिग्नल्स का कार्यभार संभाला। बता दें कि यह सेना की कम्युनिकेशन ब्रांच है। अब सुष्मिता एक कैप्टन के तौर पर एमपी के इंदौर स्थित मिलिट्री कॉलेज ऑफ टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (मऊ) में तैनात है।​

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