हार्ट हेल्थ में सुधार के लिए आपको डाइट में हरी सब्जियां शामिल करनी चाहिए। पालक, मेथी, सरसों का साग, लौकी, तोरई या दूसरी सब्जियों को बदल-बदलकर खाएं। एक ही सब्जी पर टिके रहने के बजाय विविधता रखना दिल के लिए बेहतर खान-पान का हिस्सा माना जाता है।
मसूर, मूंग, अरहर, चना और राजमा जैसी फलियां फाइबर और पौधे आधारित प्रोटीन देती हैं। इन्हें रोज के खाने में अलग-अलग तरीके से शामिल करना थाली को पौष्टिक बनाने का आसान तरीका है।
ओट्स, दलिया, राजमा, ब्राउन राइस और साबुत गेहूं जैसे विकल्प भोजन में फाइबर बढ़ा सकते हैं। यानी रोटी या चावल छोड़ने की जरूरत नहीं, बस कभी-कभी उनके बेहतर विकल्प थाली में लाएं।
अखरोट, बादाम और दूसरे बिना नमक वाले मेवे छोटे हिस्से में अच्छे स्नैक का काम कर सकते हैं। इनमें स्वस्थ वसा, प्रोटीन और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं।
अमरूद, सेब, संतरा, पपीता या मौसमी फल खाने की आदत डालें। पूरा फल फाइबर देता है, इसलिए रोज की डाइट में अलग-अलग फलों को शामिल करना जूस पीने से ज्यादा उपयोगी विकल्प हो सकता है।
सैल्मन, सार्डिन, मैकेरल जैसी मछलियां ओमेगा-3 फैट का स्रोत हैं। मछली को डीप फ्राई करने के बजाय कम तेल में पकाना ज्यादा संतुलित तरीका हो सकता है।
सिर्फ यह देखना काफी नहीं कि प्लेट में क्या है। खाना कैसे बनाया गया है, यह भी मायने रखता है। ज्यादा नमक, अतिरिक्त चीनी, तली चीजें और अत्यधिक प्रोसेस्ड भोजन को सीमित करना दिल के अनुकूल खान-पान का हिस्सा है।