क्या ईयरफोन लगाने से कान में जमता है वैक्स? जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

आजकल सोशल मीडिया पर यह दावा खूब वायरल हो रहा है कि लंबे समय तक ईयरफोन का इस्तेमाल करने से कान में मोम (इयरवैक्स) जमा होने लगता है। इंटरनेट पर फैल रहे इस दावे का सच आकिर है क्या?

Authored by: Suneet SinghUpdated Sep 3 2026, 12:07 IST
​कितना सही है दावा​Image Credit : IStock01 / 07

​कितना सही है दावा​

ऑडियोलॉजिस्ट और ईएनटी विशेषज्ञों के अनुसार, इंटरनेट का यह दावा पूरी तरह सही नहीं है। ईयरफोन लगाने से शरीर कान के अंदर ज्यादा वैक्स नहीं बनाने लगता। इयरवैक्स का निर्माण एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसका ईयरफोन पहनने से कोई सीधा संबंध नहीं होता।

​कान में कैसे बनता है वैक्स​Image Credit : IStock02 / 07

​कान में कैसे बनता है वैक्स​

हमारा शरीर कान की सफाई खुद करने में सक्षम होता है। बातचीत करने, चबाने या उबासी लेने जैसी जबड़े की हरकतों से कान में मौजूद मोम धीरे-धीरे अपने आप बाहर की तरफ खिसक जाता है। यह प्राकृतिक व्यवस्था कान को कचरे और बाहरी कणों से बचाती है।

​ईयर फोन लगाने से क्या होता है​Image Credit : IStock03 / 07

​ईयर फोन लगाने से क्या होता है​

जब आप घंटों कानों में इन-ईयर ईयरबड्स लगाकर रखते हैं, तो यह स्वाभाविक सफाई प्रक्रिया बाधित हो जाती है। ईयरफोन मोम को बाहर निकलने देने के बजाय उसे कान में पीछे की तरफ धकेल देते हैं। लगातार दबाए जाने के कारण इयरवैक्स कान की गहराई में जाकर फंस जाता है।

​कान होने लगता है ब्लॉक​Image Credit : IStock04 / 07

​कान होने लगता है ब्लॉक​

लंबे समय तक ईयरफोन लगाए रखने से कान के अंदर नमी और गर्मी भी बढ़ जाती है। खासतौर पर टाइट सिलिकॉन टिप्स वाले ईयरफोन से कान के अंदर का माहौल गर्म और नम हो जाता है। इस स्थिति में रुका हुआ मोम सूखकर सख्त हो जाता है, जिससे ब्लॉक बनने लगता है।

​ब्लॉक होने से कैसी दिक्कतें आती हैं​Image Credit : IStock05 / 07

​ब्लॉक होने से कैसी दिक्कतें आती हैं​

कान के भीतर मोम के सख्त होकर जम जाने से व्यक्ति की सुनने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा, लंबे समय तक इस्तेमाल किए जाने वाले गंदे ईयरफोन बैक्टीरिया को कान के भीतर तक पहुंचा देते हैं। साफ-सफाई न रखने से कान में जलन और गंभीर संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

​क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स​Image Credit : IStock06 / 07

​क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स​

विशेषज्ञों का कहना है कि इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि ईयरफोन का इस्तेमाल बंद कर दिया जाए। जरूरत इस बात की है कि इनका संतुलन के साथ इस्तेमाल किया जाए। ईयरफोन को साफ रखें, उन्हें बहुत गहराई तक न डालें और लगातार इस्तेमाल के दौरान बीच-बीच में ब्रेक जरूर लेते रहें।

​हमेशा ध्यान रखें ये बात​Image Credit : IStock07 / 07

​हमेशा ध्यान रखें ये बात​

अगर आपको कानों में भारीपन या सुनने में परेशानी महसूस हो रही है, तो बड्स या कॉटन स्वैब का उपयोग कतई न करें। कॉटन बड्स का इस्तेमाल करने से मोम और गहराई में चला जाता है। ऐसी स्थिति में खुद इलाज करने के बजाय किसी ईएनटी डॉक्टर से जांच कराना ही सबसे सुरक्षित तरीका है।

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