ये है ​दुनिया की सबसे ऊंची ‘एक पांव पर खड़ी’ मूर्ति, 108 फीट लंबी नीलकंठ वर्णी प्रतिमा ने इतिहास रचा​

दिल्ली के अक्षरधाम Swaminarayan Akshardham में 108 फीट ऊंची नीलकंठ वर्णी की एक पैर पर खड़ी दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा का भव्य अनावरण किया गया। यह ऐतिहासिक क्षण महंत स्वामी महाराज की पावन उपस्थिति में संपन्न हुआ, जिसने इसे आध्यात्मिक रूप से और भी विशेष बना दिया।

Reported by: भावना किशोरUpdated Mar 26 2026, 12:47 IST
​108 फीट ऊंची नीलकंठ वर्णी प्रतिमा​Image Credit : टाइम्स नाउ नवभारत01 / 07

​108 फीट ऊंची नीलकंठ वर्णी प्रतिमा​

राजधानी दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर परिसर में 108 फीट ऊंची नीलकंठ वर्णी की एक पैर पर खड़ी दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा का भव्य अनावरण कर जनता दर्शन के लिए खोल दिया गया। यह ऐतिहासिक क्षण महंत स्वामी महाराज की पावन उपस्थिति में संपन्न हुआ, जिसने इसे आध्यात्मिक रूप से और भी विशेष बना दिया।

​बाल संन्यासी स्वरूप का प्रतीक​Image Credit : टाइम्स नाउ नवभारत02 / 07

​बाल संन्यासी स्वरूप का प्रतीक​

आध्यात्मिकता और भक्ति के अद्भुत संगम में, 108 फीट ऊंची नीलकंठ वर्णी की भव्य प्रतिमा का प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव पूरे वैदिक विधि-विधान के साथ आयोजित किया गया। एक पैर पर ध्यानमग्न मुद्रा में स्थापित यह प्रतिमा भगवान स्वामीनारायण के बाल संन्यासी स्वरूप का प्रतीक है, जो त्याग, तप और सात वर्ष की उनकी दिव्य पदयात्रा की स्मृति को जीवंत करती है।

​300 संतों की उपस्थिति​Image Credit : टाइम्स नाउ नवभारत03 / 07

​300 संतों की उपस्थिति​

सुबह 6 बजे से शुरू हुए वैदिक अनुष्ठानों में देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। परिसर भजनों, वेद मंत्रों और सामूहिक प्रार्थनाओं से गूंज उठा। लगभग 300 संतों की उपस्थिति ने समारोह की दिव्यता को और बढ़ा दिया।

​श्रद्धा का अनोखा संगम​Image Credit : टाइम्स नाउ नवभारत04 / 07

​श्रद्धा का अनोखा संगम​

श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में बड़ी संख्या में पहुंचे और पूरे वातावरण में भक्ति, उत्साह और श्रद्धा का अनोखा संगम दिखाई दिया।

​पवित्र तिलक अर्पित कर मूर्ति का अनावरण​Image Credit : टाइम्स नाउ नवभारत05 / 07

​पवित्र तिलक अर्पित कर मूर्ति का अनावरण​

दो दिवसीय महोत्सव के दौरान 25 मार्च को विश्व शांति यज्ञ आयोजित हुआ, जबकि 26 मार्च को मुख्य प्राण-प्रतिष्ठा समारोह संपन्न हुआ। इस अवसर पर 108 फीट की ऊंचाई पर पवित्र तिलक अर्पित किया गया, जो समारोह का सबसे भावपूर्ण क्षण रहा।

​आध्यात्मिक जागरण का केंद्र बनी प्रतिमा​Image Credit : टाइम्स नाउ नवभारत06 / 07

​आध्यात्मिक जागरण का केंद्र बनी प्रतिमा​

यह प्रतिमा त्याग, अनुशासन और आध्यात्मिक जागरण का शक्तिशाली प्रतीक बनकर उभरी है। हजारों स्वयंसेवकों, संतों और श्रद्धालुओं के सहयोग से आयोजित यह महोत्सव सेवा और समर्पण की मिसाल भी बना।

​अत्यंत सुंदर प्रतिमा​Image Credit : टाइम्स नाउ नवभारत07 / 07

​अत्यंत सुंदर प्रतिमा​

इस अवसर पर महंत स्वामी महाराज ने कहा यह अत्यंत सुंदर प्रतिमा है, जो पूरे विश्व में शांति का संदेश फैलाएगी। जो भी यहां नीलकंठ वर्णी के दर्शन करेगा, वह सार्वभौमिक गुणों को आत्मसात करेगा और जीवन में आध्यात्मिक उन्नति पाएगा

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