प्रदूषण की 'आग' में जल रहा ये शहर, जहरीली हवा ले रही जान; कौन है नंबर-1 पॉल्यूटेड शहर?

India's No-1 Polluted City: भारत में सर्दियों की शुरुआत से ही प्रदूषण का स्तर खतरनाक श्रेणी की ओर शिफ्ट होने लगता है। खासकर दिवाली के बाद बिगड़ती एक्यूआई से सांसों पर संकट गहराने लगता है। सीपीसीबी इसको लेकर रोजाना आंकड़े पेश करता है, लेकिन सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर ने साल 2025 के अक्टूबर माह का डेटा जारी करते हुए देश के सबसे प्रदूषित और सबसे स्वच्छ शहर के बारे में बताया है। आइये जानते हैं देश के सबसे पॉल्यूटेड शहर कौन हैं?

Authored by: पुष्पेंद्र कुमारUpdated Nov 6 2025, 10:06 IST
​सर्दियों में क्यों बढ़ रहा है प्रदूषण​01 / 08

​सर्दियों में क्यों बढ़ रहा है प्रदूषण​

सर्दियों की आहट मिलते ही शहरों में धुंध और धुएं का गुबार परेशान करने लगता है। खासकर, बड़े शहरों में ये समस्या हर साल की है। इसमें सबसे ज्यादा एयर क्वालिटी राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के शहरों की दर्ज की जाती है। हवा की गुणवत्ता खराब होने पर कई प्रकार के प्रतिबंध लगाए जाते हैं, लेकिन सर्दी की मौजूदगी में प्रदूषित कण वातावरण में ही तैरते रहते हैं और पॉल्यूशन का ग्राफ अधिक रहता है। दरअसल, ठंडी हवा गर्म हवा की तुलना में भारी होती है और नीचे की ओर बहती है। इससे हवा की वर्टिकल स्पीड काफी कम हो जाती है और उसमें प्रदूषक तत्व फंसे रह जाते हैं। इसके अतिरिक्त सर्दियों में हवा में काफी नमी कम होती है। आइये जानते हैं फिलहाल देश का सबसे प्रदूषित शहर कौन है?

​दिल्ली अक्टूबर में देश का छठा सबसे प्रदूषित​Image Credit : Istock02 / 08

​दिल्ली अक्टूबर में देश का छठा सबसे प्रदूषित​

सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर’ (सीआरईए) की ओर से जारी मासिक वायु गुणवत्ता आंकड़ों के अनुसार, हरियाणा का धारूहेड़ा अक्टूबर में सबसे प्रदूषित शहर रहा, जहां मासिक औसत पीएम 2.5 सांद्रता 123 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर थी। वहीं, अक्टूबर माह में दिल्ली देश का छठा सबसे प्रदूषित शहर रहा, जो पड़ोसी गाजियाबाद और नोएडा से पीछे है। एक अध्ययन में यह जानकारी सामने आई। उसने सतत परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन (सीएएक्यूएमएस) आंकड़ों के आधार पर भारत की वायु गुणवत्ता का व्यापक विश्लेषण प्रदान किया।

​एनसीआर में बढ़ रहा पॉल्यूशन​Image Credit : Istock03 / 08

​एनसीआर में बढ़ रहा पॉल्यूशन​

रिपोर्ट के मुताबिक, देश भर में वायु गुणवत्ता में तीव्र गिरावट आई है और स्थिति और भी खराब हो गई है। खासकर सिंधु-गंगा के मैदानी इलाकों (आईजीपी) में, विशेषकर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में। इसमें कहा गया है कि दिल्ली 107 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर³ की औसत सांद्रता के साथ छठे स्थान पर रही, जो सितंबर के औसत 36 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर³ से तीन गुना अधिक है।

​पीएम 2.5 के स्तर में बढ़ोतरी​Image Credit : Istock04 / 08

​पीएम 2.5 के स्तर में बढ़ोतरी​

अक्टूबर में दिल्ली के पीएम 2.5 के स्तर में पराली जलाने का योगदान छह प्रतिशत से भी कम होने के बावजूद, यह तीव्र वृद्धि वर्ष भर के उत्सर्जन स्रोतों के प्रभाव और क्रमिक प्रतिक्रिया कार्य योजना जैसे अल्पकालिक मौसमी उपायों से परे दीर्घकालिक शमन योजनाओं की आवश्यकता को उजागर करती है। अक्टूबर में धारूहेड़ा को सबसे प्रदूषित शहर का दर्जा दिया गया, जहां मासिक औसत पीएम2.5 की सांद्रता 123 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर³ थी, जो 77 प्रतिशत दिनों में राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानक (एनएएक्यूएस) सीमा को पार कर गई।

​हरियाणा-यूपी में कितना पॉल्यूशन​Image Credit : Istock05 / 08

​हरियाणा-यूपी में कितना पॉल्यूशन​

महीने के दौरान दो दिन ‘गंभीर’ और नौ दिन ‘बेहद खराब’ दर्ज किए गए। धारूहेड़ा के बाद, रोहतक, गाजियाबाद, नोएडा, बल्लभगढ़, दिल्ली, भिवाड़ी, ग्रेटर नोएडा, हापुड़ और गुरुग्राम सबसे प्रदूषित शहर रहे। कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के चार-चार शहर शीर्ष 10 की सूची में शामिल हैं, जो सभी एनसीआर में स्थित हैं, जहां साफ हवा में सांस लेना सपना हो गया है। लोगों को सांस संबंधी दिक्कतें हो रही हैं।

​शिलांग भारत का सबसे स्वच्छ शहर​Image Credit : Istock06 / 08

​शिलांग भारत का सबसे स्वच्छ शहर​

मेघालय का शिलांग अक्टूबर में भारत का सबसे स्वच्छ शहर रहा, जहां औसत पीएम 2.5 सांद्रता 10 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर³ थी। शीर्ष 10 सबसे स्वच्छ शहरों में कर्नाटक के चार, तमिलनाडु के तीन और मेघालय, सिक्किम और छत्तीसगढ़ का एक-एक शहर शामिल था। इन शहरों में साफ हवा में लोग सांस ले रहे हैं।

​देश के 249 शहरों में से 212 में पीएम2.5 का स्तर​Image Credit : Istock07 / 08

​देश के 249 शहरों में से 212 में पीएम2.5 का स्तर​

देश के 249 शहरों में से 212 में पीएम2.5 का स्तर भारत के एनएएक्यूएस 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर³ से कम दर्ज किया गया। हालांकि, केवल छह शहर ही विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के 15 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर³ के दैनिक सुरक्षित दिशानिर्देश को पूरा कर पाए। ‘अच्छी’ वायु गुणवत्ता (0-30 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर³) वाले शहरों की संख्या सितंबर के 179 से घटकर अक्टूबर में 68 हो गई, जबकि ‘संतोषजनक’ श्रेणी (31-60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर³) वाले शहरों की संख्या 52 से बढ़कर 144 हो गई। ‘मध्यम’ श्रेणी (61-90 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर³) वाले शहरों की संख्या चार से बढ़कर 27 हो गई, जबकि नौ शहर ‘खराब’ (91-120 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर³) श्रेणी में आ गए और एक शहर ‘बहुत खराब’ (121-250 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर³) श्रेणी में पहुंच गया।

​पॉल्यूशन कहां चेक करें?​Image Credit : Istock08 / 08

​पॉल्यूशन कहां चेक करें?​

भारत में सर्दियों के सीजन की शुरुआत से प्रदूषण का मीटर तेजी से भागने लगता है। बढ़ते पॉल्यूशन को प्रति घंटे या दिन के हिसाब से तुरंत कैसे चेक करें? इसके लिए गूगल ने पिछले दिनों अपने नेविगेशन ऐप में नया फीचर जोड़ा था। इसकी सहायता है आप रियल टाइम पॉल्यूशन डेटा को ट्रैक कर सकते हैं। कुल मिलाकर आप गूगल मैप्स के जरिए भी रियल टाइम एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) चेक कर सकते हैं।

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