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दिलजीत दोसांझ की Satluj को फिर से रिलीज करने की उठी मांग, कोर्ट में दायर हुई याचिका

  • Authored by: अभय
  • Updated Jul 10, 2026, 12:14 PM IST

Satluj Re-Release Demand: दिलजीत दोसांझ (Diljit Dosanjh) की फिल्म सतलुज को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। अब फिल्म को दोबारा ओटीटी पर लाने की मांग हाई कोर्ट पहुंच गई है।

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सतलुज को दोबारा रिलीज करने की उठी मांग (Image Source: Chat GPT/ Zee5)

Satluj Re-Release Demand: पंजाबी सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ (Diljit Dosanjh) की फिल्म सतलुज (Satluj) इन दिनों लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। 3 जुलाई को फिल्म सतलुज को ओटीटी से हटा दिया गया था। जिसके बाद से फिल्म सतलुज को लेकर एक के बाद एक स्टार्स के रिएक्शन सामने आ रहे हैं। ओटीटी प्लेटफॉर्म से फिल्म हटाए जाने के बाद अब यह मामला कोर्ट तक पहुंच गया है। फिल्म को लेकर नया अपडेट सामने आया है, जिसने एक बार फिर इस पूरे विवाद को चर्चा में ला दिया है। तो चलिए जानते हैं कि फिल्म सतलुज को लेकर अब क्या नया अपडेट सामने आया है।

दोबारा रिलीज करने की उठी मांग

दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज फिर से खबरों में आ गई है। इसकी वजह फिल्म को दोबारा रिलीज करने की मांग है। India Today की रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म सतलुज को ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 (ZEE5) से हटाए जाने के खिलाफ पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट (Punjab and Haryana High Court) में जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है। याचिका के मुताबिक, फिल्म सतलुज 3 जुलाई 2026 को जी5 पर रिलीज हुई थी, लेकिन 5 जुलाई को इसे हटा दिया गया। दावा किया गया है कि प्लेटफॉर्म ने सिर्फ 'मौजूदा परिस्थितियों' का हवाला दिया, लेकिन यह नहीं बताया कि फिल्म हटाने का फैसला किसी अदालत, सरकारी आदेश या कानूनी निर्देश के तहत लिया गया था या नहीं। याचिकाकर्ता का कहना है कि बिना किसी सार्वजनिक कानूनी आधार के फिल्म को हटाना अभिव्यक्ति की आजादी और लोगों के सूचना पाने के अधिकार का उल्लंघन है। इसलिए हाई कोर्ट से मांग की गई है कि फिल्म को पूरे देश में दोबारा जी5 पर रिलीज किया जाए। अगर फिल्म हटाने के पीछे कोई कानूनी या न्यायिक आदेश है, तो उसे भी सार्वजनिक किया जाए।

याचिका में लिखी ये बात

याचिका में ये भी बताया गया है कि फिल्म का पहले नाम 'पंजाब 95' था, जिसे बाद में बदलकर 'सतलुज' कर दिया गया। फिल्म जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन और उनके उस काम पर आधारित है, फिल्म जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन और उनके उस काम पर आधारित है, जिसमें उन्होंने पंजाब में उग्रवाद के दौर में कथित अवैध अंतिम संस्कारों का मामला उजागर किया था। याचिकाकर्ता का कहना है कि फिल्म में दिखाई गई घटनाएं कोई नई या गोपनीय जानकारी नहीं हैं। इन मामलों की सुनवाई और जांच पहले ही सुप्रीम कोर्ट, अन्य अदालतों, CBI, NHRC और दूसरी सरकारी एजेंसियां कर चुकी हैं।। याचिका में ये भी कहा गया है कि अगर तय कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना फिल्म को हटाया गया है, तो ये कानून के शासन के खिलाफ है। अब इस मामले पर आने वाले दिनों में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में सुनवाई होने की उम्मीद है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

Abhay
अभय author

अभय टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एंटरटेनमेंट डेस्क पर चीफ कॉपी एडिटर हैं। टीवी पत्रकारिता में डिप्लोमा हासिल करने वाले अभय मनोरंजन जगत की खबरों पर मजब... और देखें

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