​पर्वत, गहरी घाटियों और सुरंगों के बीच रोमांचक होगा सफर, खुलने वाला है 'समृद्धि का मार्ग' मुंबई-नागपुर एक्सप्रेसवे​

Mumbai-Nagpur Expressway Route Map: महाराष्ट्र की राजधानी और उपराजधानी मुंबई-नागपुर को आपस में कनेक्ट करने के लिए एक्सप्रेसवे हाईटेक समृद्धि एक्सप्रेसवे का पूरा हिस्सा खुलने में कुछ ही महीने शेष हैं। 701 किमी. लंबा यह एक्सप्रेसवे 10 जिलों से होकर गुजरता है। आइये जानते हैं इसकी खासियत क्या है और इसका रूट मैप क्या है?

Authored by: पुष्पेंद्र कुमारUpdated Sep 21 2024, 16:54 IST
​10 जिलों को कनेक्ट करता है समृद्धि एक्सप्रेसवे​01 / 07

​10 जिलों को कनेक्ट करता है समृद्धि एक्सप्रेसवे​

मुंबई से नागपुर के बीच सफर करने वाले लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी मिलने वाली है। इसी माह तक समृद्धि एक्सप्रेसवे (samruddhi Expressway) के पूरे हिस्से को यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से वाहन दौड़ाने के लिहाज से विकसित किया एक्सप्रेसवे 10 जिलों को आपस में कनेक्ट करता है। इस एक्सप्रेसवे को इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम (ITS) से लैस किया गया है, जो सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण रखेगा। आईटीएस सिस्टम सड़क पर आने वाली दुश्वारियों पर निगरानी रखता है। यह तकनीकी वाहन चालकों को मौसम की स्थिति के बारे में भी जानकारी उपलब्ध कराता है।

​701 किमी. का है समृद्धि एक्सप्रेसवे​Image Credit : Istock02 / 07

​701 किमी. का है समृद्धि एक्सप्रेसवे​

मुंबई-नागपुर एक्सप्रेसवे के ज्यादातार हिस्से का कार्य पूरा हो चुका है। 701 किलोमीटर तक फैला यह एक्सप्रेसवे इंजीनियरिंग का आधुनिक चमत्कार बताया जा रहा है। यह राज्य की राजधानी और उपराजधानी को आपस में जोड़ता है। हालांकि, यह वर्तमान में 625 किमी. नागपुर से भरवीर तक यातायात के लिए खुला है। इसे सितंबर 2024 यानी इसी माह के अंत तक इसके आंशिक हिस्से को खोलने की बात चल रही है।

​बालासाहेब ठाकरे महाराष्ट्र समृद्धि महामार्ग का शिलान्यास​Image Credit : Istock03 / 07

​बालासाहेब ठाकरे महाराष्ट्र समृद्धि महामार्ग का शिलान्यास​

मुंबई-नागपुर समृद्धि महामार्ग की नींव साल 2018 में रखी गई थी। इसे बालासाहेब ठाकरे महाराष्ट्र समृद्धि महामार्ग (Balasaheb Thackeray Maharashtra Samriddhi Mahamarg) के नाम से जाना जाता है। मुंबई-नागपुर एक्सप्रेसवे प्रारंभिक 6 लेन का है, लेकिन खारदी पुल पर इसे चार लेन का कर दिया गया है। भविष्य में एक्सप्रेसवे को आठ लेन तक विस्तार देने की योजना है। उस स्थिति में समानांतर फोर लेन का पुल बनाया जा सकता है।

​सह्याद्रि पर्वतमाला-कसारा घाट को पार करेगा एक्सप्रेसवे​Image Credit : Istock04 / 07

​सह्याद्रि पर्वतमाला-कसारा घाट को पार करेगा एक्सप्रेसवे​

यह कसारा घाट (Kasara Ghat) सेक्शन पर 1.8 किमी लंबा खारदी पुल (Khadari Bridege) सबसे बड़ा चैलेंजिग है। आपको बता दें कि कसारा घाट एक पहाड़ी दर्रा है। यह मुंबई-नासिक राजमार्ग (Mumbai-Nasik Highway) पर स्थित। इधर, मुंबई से 110 किमी और उधर, नासिक से 70 किमी की दूरी पर है। यह पश्चिमी घाट की सह्याद्रि पर्वतमाला (Sahyadri Mountain Range) का हिस्सा है। कसारा घाट को थाल घाट या कसारा बुद्रुक के नाम से भी जाना जाता है। इसके अलावा 8 किलोमीटर लंबी सुरंग का कार्य पिछले दिनों पूरा कर लिया गया था।

​मुंबई-नागपुर एक्सप्रेसवे रूट​05 / 07

​मुंबई-नागपुर एक्सप्रेसवे रूट​

मुंबई-नागपुर एक्सप्रेसवे समृद्धि एक्सप्रेसवे 390 गांव और 10 जिलों को जोड़ता है, जिनमें नागपुर, कल्याण, औरंगाबाद नासिक, शिर्डी, भिवंडी और वर्धा शामिल हैं। इस सड़क मार्ग के खुलने से मुंबई और नागपुर के बीच 8 घंटे तक का समय कम हो जाएगा। फिलहाल, नागपुर से मुंबई पहुंचने में 14 से 15 घंटे का सफर तय करना पड़ता है। यह इकलौता ऐसा राजमार्ग है, जिस पर 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से वाहन दौड़ाया जा सकता है।

​मुंबई-नागपुर एक्सप्रेसवे पर 31 टोल प्लाजा​06 / 07

​मुंबई-नागपुर एक्सप्रेसवे पर 31 टोल प्लाजा​

इसके 76 किलोमीटर के हिस्सा 16 गहरी घाटियों, पांच पहाड़ियों को जोड़ने के लिए पांच पुलों और 16 सुरंगों का निर्माण किया गया है। मुंबई-नागपुर एक्सप्रेसवे पर कुल टोल शुल्क वसूलने के लिए 31 टोल प्लाजा हैं। इसमें 1.75 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से टोल शुल्क वसूला जा रहा है। इस एक्सप्रेसवे पर 120 किलोमीटर प्रति घंटे के हिसाब से वाहन दौड़ाए जा सकते हैं। यह सिर्फ आठ पहिए वाले तक के वाहनों के लिए लिमिट है।

​बंदरगाह और एयरपोर्ट को कनेक्ट करेगा एक्सप्रेसवे​07 / 07

​बंदरगाह और एयरपोर्ट को कनेक्ट करेगा एक्सप्रेसवे​

मुंबई-नागपुर समृद्धि महामार्ग आर्थिक महत्वपूर्ण आर्थिक केंद्रों को कनेक्ट करता है, जिसमें जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह (Jawaharlal Nehru Port) और नवी मुंबई में बनने वाला अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (International Airport) शामिल है। उधर, इसी एक्सप्रेसवे के अनुरूप 179 किमी. लंबे जालना-नांदेड़ एक्सप्रेसवे (Jalna-Nanded Expressway) पर एमएसआरडीसी ने कार्य शुरू कर दिया है। इसके अलावा नागपुर-गोदियां (Nagpur-Godiyan) और नागपुर-चंद्रपुर एक्सेस कंट्रोल एक्सप्रेसवे (Nagpur-Chandrapur Access Control Expressway) भी प्रस्तावित किए हैं। यह तीन एक्सप्रेसवे मुंबई-नागपुर महामार्ग से जुड़ेंगे। इन तीनों के आपस में कनेक्ट होने राज्य में यातायात के क्षेत्र में क्रांति आएगी।

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