भारत में कई शहर अपने प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध हैं। इन्हीं में एक ऐसा शहर भी है जिसे 'कई अजूबों की पहाड़ी' कहा जाता है। यह विंध्य पर्वतमाला की उत्तरी पहाड़ियों के बीच बसा शहर हैं। यहां पर प्रकृति और आस्था का अनोखा संगम देखने को मिलता है।
चित्रकूट को कई अजूबों की पहाड़ी भी कहा जाता है। यह मंदाकिनी नदी के किनारे बसा हुआ है। चित्रकूट को ब्रह्मपुरी के नाम से भी जाना जाता है।
चित्रकूट दो शब्दों से मिलकर बना है, संस्कृत में चित्र का मतलब अशोक और कूट का अर्थ शिखर या चोटी है। माना जाता है कि एक समय पर इस क्षेत्र में अशोक के पेड़ अधिक पाए जाते थे।
चित्रकूट, भारत का एक ऐसा जिला है, जो दो राज्यों में बंटा हुआ है। यह उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच फैला हुआ है। हालांकि इसका ज्यादातर हिस्सा यूपी में है।
चित्रकूट जिले की चार तहसीलें उत्तर प्रदेश में आती हैं, जिनमें कर्वी, राजापुर, मऊ और मानकपुर शामिल हैं। वहीं चित्रकूट नगर, मध्य प्रदेश के सतना जिले में आता है।
चित्रकूट धाम को देश के सबसे प्राचीन पवित्र तीर्थस्थानों में से एक माना जाता है। किंवदंतियों के मुताबिक भगवान राम ने अपने 14 सालों के वनवास काल के समय ग्यारह सालों तक अपनी पत्नी सीता और भाई लक्ष्मण के साथ यहीं निवास किया था।
चित्रकूट के प्रसिद्ध स्थानों पर कामदगिरी पर्वत, रामघाट, हनुमान धारा, जानकी कुंड, स्फटिक शिला, भरत कूप, गुप्त गोदावरी, सती अनुसूया आश्रम आदि हैं।