कभी मजदूरों से गुलजार रहती थी ये खदानें, आज डरावनी आत्माओं के कब्जे में हैं

पहाड़ों की रानी मसूरी आप भी कई बार घूमने आए होंगे और यहां की खूबसूरत वादियों में खो गए होंगे। लेकिन मसूरी एक ऐसा शहर है, जहां बहुत ही डरावनी जगह भी मौजूद है। यह हैं यहां की लांबी देहर माइन्स यानी खदानें। एक समय पर यहां चूना पत्थर की खदानें होती थीं और हजारों मजदूर एक साथ काम करते थे। फिर कैसे यह जगह हॉन्टेड बन गई, चलिए जानते हैं।

Slideshow/s by: दिगपाल सिंहUpdated Feb 26 2025, 10:43 IST
मसूरी में सबसे डरावनी जगह01 / 07

मसूरी में सबसे डरावनी जगह

लांबी देहर माइन्स मसूरी की तो सबसे डरावनी जगह है ही, यह देश की सबसे ज्यादा डरावनी जगहों में से एक हैं। कभी मजदूरों से गुलजार रहने वाली यह खदानें बाद में खाली छोड़ दी गईं जो आज भी खाली हैं और खौफ का दूसरा नाम हैं।

क्यों बनी डरावनी जगह02 / 07

क्यों बनी डरावनी जगह

कहा जाता है कि चूना पत्थर की खुदाई का काम काफी खतरनाक स्थितियों और सुरक्षा नियमों को किनारे रखकर किया जाता है। इसकी वजह से यहां कई दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें अनगिनत मजदूरों की मौत हो गई थी। 1990 के दशक में एक दुर्घटना में यहां 50 हजार मजदूरों की मौत हो गई थी। कहते हैं आज भी उन मजदूरों की आत्माएं यहां भटकती हैं।

आती हैं आवाजें03 / 07

आती हैं आवाजें

असमय मौत के आगोश में समाए उन मजदूरों की आत्माएं यहां आने वाले पर्यटकों को डराती हैं। यहां से लौटने वाले कई लोगों ने दावा किया है कि उन्हें यहां पर अजीब आवाजें सुनने को मिलीं। यही नहीं, दावा है कि यहां से चीखने की आवाजें भी नियमित तौर पर आती रहती हैं।

खाली छोड़ दी गई खदानें04 / 07

खाली छोड़ दी गई खदानें

1990 के दशक की उस दुर्घटना के बाद इन खदानों में आए दिन दुर्घटनाएं होने लगीं। मजदूरों को पूर्व में यहां दबकर मरे मजदूरों की आत्माएं परेशान करने लगीं तो इन खदानों को ऐसे ही छोड़ दिया गया।

कहां पर हैं लांबी देहर खदानें05 / 07

कहां पर हैं लांबी देहर खदानें

अगर आप यहां आकर इन खदानों को देखना चाहते हैं और पैरानॉर्मल एक्टिविटीज को एक्सपीरियंस करना चाहते हैं तो आपको मसूरी मॉल रोड से करीब 10 किमी दूर आना होगा।

बहुत ही खूबसूरत जगह है ये06 / 07

बहुत ही खूबसूरत जगह है ये

निश्चित तौर पर यह जगह देश की सबसे डरावनी जगहों में से एक है। लेकिन यह बहुत ही खूबसूरत भी है। यहां पर चारों ओर ऊंचे-ऊंचे चीड़ और देवदार के पेड़ हैं। यहां का अधिकांश हिस्सा ज्यादातर समय धुंध की चादर में घिरा रहता है।

बिछड़े प्रेमियों की कहानी07 / 07

बिछड़े प्रेमियों की कहानी

जहां एक ओर कुछ लोगों का मानना है कि खदानों में मरने वाले हजारों मजदूरों की आत्माएं यहां भटकती हैं तो वहीं कुछ लोग मानते हैं कि यहां पर बिछड़े प्रेमियों की आत्माओं का राज है। चाहे जो हो, यह जगह अपने मसूरी में है। Timesnowhindi.com में हम भुतहा कहानियों का प्रचार नहीं करते हैं, लेकिन ऐसी जगहों को लेकर मान्यता के आधार पर जानकारी आपसे साझा की जा रही है।

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