पान बेचकर कमा रहे हैं लाखों! BHU के पूर्व छात्र ने ऐसे खड़ा किया देश का सबसे बड़ा 'पान एम्पायर'

Success Story: भारत में पान का इतिहास सदियों पुराना है। यह केवल एक माउथ फ्रेशनर नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, मेहमाननवाजी और शादियों का एक अहम हिस्सा रहा है। इसके बावजूद, दशकों तक पान की दुकानें सड़क किनारे एक छोटे से ठेले या गुमटी तक ही सीमित रहीं, जहां साफ-सफाई और अच्छे माहौल की हमेशा कमी खलती थी। लेकिन साल 2016 में 'मस्त बनारसी पान' ने इस पारंपरिक सोच को पूरी तरह बदल दिया। आज यह ब्रैंड पान को एक मॉडर्न, हाइजीनिक और कैफे-स्टाइल डेजर्ट (मीठे) के रूप में पेश कर देश का सबसे बड़ा ऑर्गनाइज्ड पान ब्रैंड बन चुका है।

Authored by: रामानुज सिंहUpdated May 26 2026, 12:22 IST
​बीएचयू के पूर्व छात्र पी एन ठाकुर की दूरगामी सोच​Image Credit : Istock/X01 / 08

​बीएचयू के पूर्व छात्र पी एन ठाकुर की दूरगामी सोच​

इस अनोखे बिजनेस मॉडल को खड़ा करने के पीछे कंपनी के फाउंडर और सीईओ पी एन ठाकुर का हाथ है। उन्होंने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से पढ़ाई की और फिर मार्केटिंग और इंटरनेशनल बिजनेस में MBA की डिग्री हासिल की। अपने करियर के शुरुआती दिनों में उन्होंने 'हिंदुस्तान टाइम्स' जैसे बड़े मीडिया संस्थान में भी काम किया। इस अनुभव ने उन्हें ब्रैंडिंग और ग्राहकों की पसंद (कंज्यूमर बिहेवियर) को गहराई से समझने में मदद की, जो आगे चलकर उनके इस नए बिजनेस के लिए सबसे बड़ा हथियार साबित हुआ।

​तीन साल की रिसर्च के बाद शुरू हुआ सफर​Image Credit : Istock/X02 / 08

​तीन साल की रिसर्च के बाद शुरू हुआ सफर​

पी एन ठाकुर ने देखा कि भारत के हर कोने में पान खाने वाले लोग मौजूद हैं, लेकिन यह पूरा सेक्टर बिखरा हुआ और पुराना है। गंदगी, खराब प्रजेंटेशन और तंबाकू से जुड़ी नकारात्मक छवि के कारण महिलाएं और परिवार के लोग अक्सर इन दुकानों पर जाने से कतराते थे। इस समस्या को सुलझाने के लिए ठाकुर ने जल्दबाजी में कदम नहीं उठाया, बल्कि बिजनेस शुरू करने से पहले करीब 3 साल तक जमीनी स्तर पर रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) किया। उनका एकमात्र लक्ष्य पान को साफ-सुथरा, परिवार के अनुकूल और सुरक्षित बनाना था।

​100% तंबाकू-मुक्त पान का बड़ा फैसला​Image Credit : Istock/X03 / 08

​100% तंबाकू-मुक्त पान का बड़ा फैसला​

कंपनी ने समाज में पान की छवि को बदलने के लिए एक बहुत बड़ा और क्रांतिकारी फैसला लिया। 100% तंबाकू-मुक्त (Tobacco-Free) होने का। पारंपरिक रूप से पान को अक्सर तंबाकू या गुटखे से जोड़कर देखा जाता था, जिससे समाज का एक बड़ा वर्ग इससे दूरी बनाकर रखता था। 'मस्त बनारसी पान' ने तंबाकू को पूरी तरह हटाकर पान को एक बेहतरीन और सेहतमंद 'आफ्टर-मील डेजर्ट' यानी खाने के बाद खाए जाने वाले मीठे के रूप में पेश किया। इस एक फैसले ने पान के प्रति लोगों का नजरिया हमेशा के लिए बदल दिया।

​गुमटी से कैफे-स्टाइल आउटलेट तक का बदलाव​Image Credit : Istock/X04 / 08

​गुमटी से कैफे-स्टाइल आउटलेट तक का बदलाव​

सड़क किनारे की असुरक्षित और तंग गलियों की दुकानों की जगह, इस ब्रैंड ने खूबसूरत और आधुनिक कैफे-स्टाइल आउटलेट्स की शुरुआत की। इन स्टोर्स में साफ-सफाई, बेहतरीन लाइटिंग और बैठने की अच्छी व्यवस्था की गई। इस नए और बदले हुए माहौल का असर यह हुआ कि अब कॉलेज जाने वाले युवा, महिलाएं और पूरा परिवार एक साथ आकर बिना किसी झिझक के पान का आनंद ले सकते हैं। इसने पान की दुकान को एक सोशल हैंगआउट जोन में बदल दिया।

​हर जेब के लिए खास और वैरायटी से भरपूर मेनू​Image Credit : Istock/X05 / 08

​हर जेब के लिए खास और वैरायटी से भरपूर मेनू​

ग्राहकों की अलग-अलग पसंद और बजट को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने अपने मेनू को काफी दिलचस्प बनाया है। आम ग्राहकों के लिए रोजाना खाए जाने वाले रेगुलर पान की कीमत 30 रुपये से 100 रुपये के बीच रखी गई है। वहीं, शादियों, त्योहारों और खास मौकों के लिए कंपनी के पास बेहद खास और प्रीमियम पान के विकल्प भी मौजूद हैं, जिनकी कीमत 2,100 रुपये तक जाती है। इस विविधता और नए-नए फ्लेवर्स की वजह से यह ब्रैंड खासकर युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय हो गया है।

​फ्रेंचाइजी मॉडल से देश के कोने-कोने में विस्तार​Image Credit : Istock/X06 / 08

​फ्रेंचाइजी मॉडल से देश के कोने-कोने में विस्तार​

'मस्त बनारसी पान' ने नोएडा में अपने हेडक्वार्टर से शुरुआत की थी, लेकिन आज यह देश के 20 से अधिक राज्यों और 320 से ज्यादा शहरों में अपनी पहचान बना चुका है। कंपनी ने अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए फ्रेंचाइजी-आधारित (Franchise-led) बिजनेस मॉडल को अपनाया। इसी आक्रामक विस्तार नीति का नतीजा है कि आज देश भर में इसके 400 से ज्यादा आउटलेट्स सफलतापूर्वक चल रहे हैं और कंपनी हर दिन लगभग एक लाख (1,00,000) से ज्यादा पान बेच रही है।

​ऑनलाइन डिलीवरी और कॉर्पोरेट इवेंट्स में एंट्री​Image Credit : Istock/X07 / 08

​ऑनलाइन डिलीवरी और कॉर्पोरेट इवेंट्स में एंट्री​

बदलते डिजिटल दौर के साथ कदम मिलाते हुए कंपनी ने केवल स्टोर्स तक खुद को सीमित नहीं रखा। 'मस्त बनारसी पान' ने जोमैटो (Zomato) और स्विगी (Swiggy) जैसे फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स के साथ हाथ मिलाया, जिससे शहरी बाजारों में इसकी पहुंच और मजबूत हो गई। अब लोग घर बैठे ही अपने पसंदीदा हाइजीनिक पान का ऑर्डर दे सकते हैं। इसके अलावा, कंपनी अब बड़े कॉरपोरेट प्रोग्राम्स, शादियों और प्राइवेट पार्टियों में भी कैटरिंग सेवाएं दे रही है, जिससे इसका कस्टमर बेस लगातार बढ़ रहा है।

​पारंपरिक स्वाद और आधुनिक ब्रैंडिंग का बेजोड़ संगम​08 / 08

​पारंपरिक स्वाद और आधुनिक ब्रैंडिंग का बेजोड़ संगम​

पी एन ठाकुर के कुशल नेतृत्व में 'मस्त बनारसी पान' ने एक साधारण से दिखने वाले पारंपरिक काम को एक बड़े संगठित रिटेल ब्रैंड में बदल दिया है। उन्होंने यह साबित कर दिया कि अगर सही रणनीति, आधुनिक ब्रैंडिंग और ग्राहकों के अनुभव (Customer Experience) पर ध्यान दिया जाए, तो किसी भी पारंपरिक भारतीय चीज को वैश्विक स्तर का बिजनेस बनाया जा सकता है। आज यह ब्रैंड न सिर्फ भारत की संस्कृति को संजोए हुए है, बल्कि बिजनेस जगत में सफलता की एक नई इबारत लिख रहा है।

End of Photo Gallery
Subscribe to our daily Newsletter!