बाद में स्टीव जॉब्स और बिल गेट्स ने टेक्नोलॉजी की दुनिया में कई बड़े-बड़े कारनामे किए।
स्टीव जॉब्स का 1973 का रिज्यूम इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्नोलॉजी पर उनके फोकस को दर्शाता है। जॉब्स ने "इलेक्ट्रॉनिक्स" और "टेक" को अपनी विशेष योग्यताओं के तौर पर पेश किया था।
बिल गेट्स का 1971 में बना रिज्यूम कई प्रोग्रामिंग भाषाओं के जरिेए उनके एक्सपीरियंस को दर्शाता है। इन भाषाओं में FORTRAN, COBOL और BASIC, और कंप्यूटर्स, जिनमें PDP-10, PDP-8 और CDC-6400 शामिल हैं।
गेट्स ने उस समय अपना वेतन 35,000 डॉलर (आज के हिसाब से 29.4 लाख रु) बताया, जो 1970 के दशक में एक युवा छात्र के लिए काफी बड़ी रकम थी। उन्होंने पॉल जी एलन के साथ अपनी चल रही साझेदारी का भी जिक्र किया, जिनके साथ उन्होंने बाद में माइक्रोसॉफ्ट की शुरुआत की।
देश के बड़े अरबपतियों में से एक रतन टाटा को अपने ही बिजनेस ग्रुप यानी टाटा ग्रुप में नौकरी पाने के लिए रिज्यूम बनाना पड़ा था।
उन्होंने 1962 में टाटा इंडस्ट्रीज में नौकरी पाने के लिए रिज्यूम बनाया था। उसके बाद वे बिजनेस की दुनिया में लगातार ऊपर चढ़ते गए।