फोर्ब्स के मुताबिक, वागिट अलेक्पेरोव की कुल संपत्ति आज करीब 28.70 बिलियन डॉलर है। यानी भारतीय मुद्रा में यह रकम 2 लाख करोड़ रुपए से भी ज्यादा होती है। दुनिया के सबसे अमीर लोगों की लिस्ट में भी उनका नाम है और वे फिलहाल दुनिया के 62वें सबसे अमीर शख्स हैं।
आज अरबों डॉलर के मालिक वागिट की शुरूआत बेहद साधारण थी। वे कभी कैस्पियन सागर में एक ऑयल रिग वर्कर के रूप में काम करते थे। यह वह काम है जिसमें समुद्र के बीच बने रिग पर रहकर तेल की खुदाई होती है। यह काम बहुत कठिन होता है, जिसमें मौसम और जोखिम दोनों का सामना करना पड़ता है। लेकिन वागिट अलेक्पेरोव ने अपनी मेहनत और लगन से तेल उद्योग में अपने लिए अलग जगह बनाई।
धीरे-धीरे वे सोवियत संघ (USSR) की सरकार में तेल क्षेत्र की निगरानी करने वाले डिप्टी मिनिस्टर बन गए। यह बड़ी जिम्मेदारी थी और इसी दौरान उन्होंने तेल उद्योग की गहराई से समझ विकसित की। यह अनुभव आगे चलकर उनकी जिंदगी बदलने वाला साबित हुआ।
1991 में सोवियत संघ टूटने के समय वागिट के पास मंत्री पद का अनुभव और उद्योग की गहरी समझ थी। इसी समय उन्होंने मिनिस्ट्री द्वारा नियंत्रित तीन बड़े तेल क्षेत्रों की बागडोर अपने हाथ में ले ली और Lukoil नाम की कंपनी स्थापित की।
यह कदम उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट बना। आज Lukoil रूस की सबसे बड़ी निजी तेल और गैस कंपनी है, जो दुनिया भर में तेल, प्राकृतिक गैस, पेट्रोलियम उत्पादों और बिजली की खोज, उत्पादन, ट्रांसपोर्ट और बिक्री करती है।
कंपनी का नेटवर्क कई देशों में फैला हुआ है और इसकी कमाई अरबों डॉलर में है। वागिट की दूरदर्शिता और मजबूत नेतृत्व ने Lukoil को इंटरनेशनल लेवल की कंपनी बना दिया।
साल 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान पश्चिमी देशों ने कई बड़े रूसी बिजनेसमैन पर प्रतिबंध लगाए। इसी दौरान यूनाइटेड किंगडम ने वागिट अलेक्पेरोव को भी बैन लिस्ट में शामिल कर लिया। इसके कुछ दिन बाद ही उन्होंने Lukoil के प्रेसिडेंट पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि, कंपनी में उनकी हिस्सेदारी अभी भी बेहद बड़ी है। रिपोर्ट के अनुसार, वागिट के पास Lukoil में लगभग 30 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जो उन्हें रूस का सबसे ताकतवर और प्रभावशाली बिजनेसमैन बनाती है।
वागिट अलेक्पेरोव न केवल बिजनेस में बड़े नाम हैं, बल्कि उनके लाइफस्टाइल की भी खूब चर्चा होती है। साल 2022 में उन्होंने अपनी यॉट बनाने वाली कंपनी Heesen Yachts में मौजूद हिस्सेदारी एक डच फाउंडेशन को ट्रांसफर कर दी। इसी कंपनी ने उनकी मशहूर 230-फुट सुपरयॉट ‘Galactica Super Nova’ बनाई थी, जो दुनिया की सबसे लग्जरी यॉट्स में गिनी जाती है।
वागिट अलेक्पेरोव रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बेहद करीबी माने जाते हैं। उनकी कंपनी Lukoil पर कई देशों ने समय-समय पर प्रतिबंध लगाए हैं, लेकिन कंपनी की मजबूत पकड़ और वागिट के प्रबंधन की वजह से उनका बिजनेस लगातार चलता रहा है। तेल और गैस उद्योग में उनकी पकड़ इतनी मजबूत है कि दुनिया की आर्थिक हलचलों का भी उन पर सीमित असर पड़ता है।