रेलवे बोर्ड ने यात्रियों की चिंता और असमंजस को दूर करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए अब ट्रेन की यात्री सूची (Passenger Chart) 24 घंटे पहले जारी करने की तैयारी कर ली है। फिलहाल, यह चार्ट ट्रेन के रवाना होने से महज 4 घंटे पहले जारी होता है, जिससे वेटिंग टिकट रखने वाले यात्रियों को अंतिम क्षण तक अनिश्चितता का सामना करना पड़ता है।
कई बार यात्री दूर-दराज से ट्रेन पकड़ने आते हैं और अंतिम क्षणों तक अपने टिकट की स्थिति को लेकर परेशान रहते हैं। नई व्यवस्था के तहत उन्हें पहले ही पता चल जाएगा कि टिकट कन्फर्म हुआ है या नहीं, जिससे वे अपनी यात्रा की बेहतर योजना बना सकेंगे और तनाव से बच सकेंगे।
विशेषकर 100 किलोमीटर या उससे अधिक दूरी से यात्रा करने वाले यात्रियों को इससे अधिक सुविधा मिलेगी। वे पहले से यह तय कर सकेंगे कि उन्हें यात्रा के लिए निकलना है या नहीं।
रेलवे बोर्ड के सूचना एवं प्रचार विभाग के कार्यकारी निदेशक दिलीप कुमार ने कहा कि हमने बीकानेर डिवीजन में यह प्रायोगिक परियोजना शुरू की, जिसके तहत ट्रेन के रवाना होने से 24 घंटे पहले चार्ट तैयार किए गए। फिलहाल यह काम चार घंटे पहले किया जाता है। यह परीक्षण उन यात्रियों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है जो वेटिंग टिकट के कारण अपनी यात्रा के बारे में अनिश्चित रहते हैं।
रेलवे सूत्रों का कहना है कि इस नई व्यवस्था का तत्काल टिकट बुकिंग (Tatkal Tickets) पर कोई असर नहीं पड़ेगा। तत्काल टिकट ट्रेन रवाना होने से 24 से 48 घंटे पहले ही बुक किए जाते हैं, इसलिए चार्ट 24 घंटे पहले बनने से इसमें कोई बाधा नहीं आएगी।
टिकट कैंसिल नीति के अनुसार, अगर कंफर्म टिकट प्रस्थान से 48 घंटे से 12 घंटे पहले रद्द किया जाता है, तो यात्रियों को टिकट राशि का 25 प्रतिशत वापस मिलेगा। यदि प्रस्थान से 12 घंटे से चार घंटे पहले रद्द किया जाता है, तो उन्हें केवल 50 प्रतिशत राशि ही वापस मिलेगी। अधिकारियों ने कहा कि टिकट रद्द होने के कारण खाली होने वाली सीट वर्तमान बुकिंग प्रणाली के माध्यम से भरी जाएंगी।