एम्सटेलवीन, (भाषा)। ओलंपिक रजत पदक विजेता और दुनिया की चौथे नंबर की टीम चीन को ड्रॉ पर रोकने के बाद आत्मविश्वास से ओतप्रोत भारतीय महिला हॉकी टीम अब मंगलवार को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बड़े अंतर से जीत दर्ज करके पूल में शीर्ष दो में रहने का दावा ठोकने के इरादे से उतरेगी। पूल डी में इस समय दक्षिण अफ्रीका पर 4-0 से मिली जीत के बाद इंग्लैंड शीर्ष पर है, जबकि चीन और भारत दूसरे और दक्षिण अफ्रीका चौथे स्थान पर है।
पूल से शीर्ष दो टीमें दूसरे दौर में जायेंगी और विश्व रैंकिंग में नौवे स्थान पर काबिज भारत के लिये 18वीं रैंकिंग वाली दक्षिण अफ्रीका की चुनौती कठिन नहीं है, लेकिन कोच शोर्ड मारिन की टीम का लक्ष्य अब बड़े अंतर से जीत दर्ज करने का होगा। विश्व कप के बदले प्रारूप में इस बार हर पूल से शीर्ष दो टीमें दूसरे दौर का पूल चरण खेलेंगी, जिसमें आठ टीमें होंगी। इस चरण में चार चार टीमों के दो पूल होंगे लेकिन टीमें तीन नहीं बल्कि दो दो मैच खेलेंगी।
एक-एक अंक महत्वपूर्ण
यानी अगर भारत और चीन दोनों अगले दौर में जाते हैं तो उनका एक दूसरे से सामना नहीं होगा और पहले पूल चरण के एक एक अंक आगे जायेंगे और भारत की संभावनाओं के लिये चीन के खिलाफ ड्रॉ काफी महत्वपूर्ण था। कोच मारिन ने कहा, यह मैच सबसे अहम था और इसे ड्रॅा कराने के बाद अब हमें अपने बाकी मैचों में अपने खेल पर फोकस रखने की सहूलियत मिल गई है। हमें दूसरी टीमों के समीकरणों के बारे में नहीं सोचना है, लेकिन आत्ममुग्धता से बचते हुए आगे के मैचों में भी यह लय कायम रखनी है।'
विश्व कप क्वालीफायर में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रही नवनीत कौर ने उस लय को कायम रखा है जो भारत के लिये अच्छा संकेत हैं। वहीं, स्टार ड्रैग फ्लिकर दीपिका ने पहले मैच में पेनल्टी कॉर्नर तब्दील करने के अलावा उसे हासिल भी किया। सुनेलिटा टोप्पो, इशिका, शिल्पी डबास समेत विश्व कप में पदार्पण करने वाली खिलाड़ियों ने भी बड़ी टीम से खेलने का दबाव लिये बिना अपना स्वाभाविक खेल दिखाया जो अच्छा संकेत है।
बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद
कोच मारिन ने हालांकि, कहा कि भारत को गेंद हासिल करने और अपने पास रखने पर काम करना होगा। पहले क्वार्टर में गेंद पर पूरी तरह से कब्जा करने वाली भारतीय टीम हाफटाइम तक 2-1 से बढ़त बनाने के बाद ढीली पड़ गई और तीसरे क्वार्टर में रक्षात्मक हॉकी खेलती नजर आई जिसका फायदा उठाकर चीन ने बराबरी का गोल दाग दिया।
विश्व कप में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 1974 में पहले विश्व कप में रहा है जब अजिंदर कौर की कप्तानी में वह चौथे स्थान पर रही थी। टोक्यो ओलंपिक 2020 में मारिन के कोच रहते ही भारतीय महिला टीम ने चौथा स्थान हासिल किया था और अब विश्व कप में भी उस प्रदर्शन को दोहराने की उम्मीदें बढ गई है।
