नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS)असल में पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवेलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA)के तहत शुरू की गई निवेश व्यवस्था है। इसमें आयकर कानून के Section 80CCD(1B) के तहत ₹50,000 टैक्स बेनिफिट मिलता है। अक्सर लोग टैक्स फायदे के लिए NPS में शामिल होते हैं, पैसा जमा करना बंद कर देते हैं। जैसे ही Tier-I NPS अकाउंट में सालभर में ₹1,000 से कम योगदान होता है, अकाउंट फ्रीज हो जाता है।
NPS अकाउंट दोबारा एक्टिव करने के लिए सिर्फ दो चीजें जरूरी हैं। पहला, चालू वित्त वर्ष के लिए कम से कम ₹1,000 का नया योगदान। दूसरा, जितने साल कंट्रीब्यूशन मिस हुआ है, उतने दिन का रिएक्टिवेशन चार्ज देना होगा। अगर NPS में शामिल आपका मोबाइल नंबर और ईमेल चालू है, तो यह काम बेहद आसान है। इसके लिए CRA portal जैसे - Protean eGov Technologies, KFin Technologies या CAMS पर जाकर “Contribute Online” विकल्प चुनिए। OTP verification के बाद ड्यूज भरते ही अकाउंट 3-4 दिना में एक्टिव हो जाता है।
बहुत से लोगों के सामने सबसे बड़ी मुश्किल OTP वेरिफकेशन के तौर पर सामने आती है। क्योंकि, ज्यादातर लोग सालों पुराने मोबाइल नंबर और ईमेल बदल चुके होते हैं। लेकिन, NPS सिस्टम में हर जरूरी काम login, forgot password, contribution, registered mobile या email पर OTP भेजकर ही होता है। यानि अगर पुराना नंबर बंद हो चुका है, तो CRA portal आपके लिए practically लॉक हो जाता है। कई बार निवेशक सोचते हैं कि अकाउंट हमेशा के लिए बंद हो गया, जबकि असली जरूरत सिर्फ कॉन्टैक्ट डिटेल अपडेट करने की होती है। यही पूरा प्रॉसेस सबसे अहम है।
अगर पुराना नंबर या ईमेल काम नहीं कर रहा, तो सबसे पहले आपको अपने पॉइंट ऑफ प्रेजेंस यानी PoP जाना होगा। यह आमतौर पर वही बैंक शाखा होती है जहां से NPS खुला था। यहां आपको तीन दस्तावेज लेकर जाने होंगे।- PRAN card की कॉपी- Self-attested photo ID (Aadhaar, PAN, Passport या Voter ID)- Self-attested address proofइसके साथ Form S2 भरना होगा, जो सब्सक्राइबर डिटेल्स अपडेट फॉर्म कहा जाता है। PoP आपकी रिक्वेस्ट CRA को भेजेगा और 3-7 दिनों में नया मोबाइल नंबर व ईमेल अपडेट हो जाएगा और कन्फर्मेशन SMS भी मिलेगा।
जैसे ही नया मोबाइल नंबर और ईमेल सिस्टम में अपडेट हो जाए, उसके बाद पूरा प्रॉसेस आसान हो जाता है। अब CRA पोर्टल पर कंट्रीब्यूट ऑनलाइन विकल्प आता है। यहां OTP आपके नए नंबर पर आएगा। इसके बाद वेरिफिकेशन को पूरा करें और पेंडिंग ड्यूज के साथ ₹1,000 जमा करें। इसके बाद फ्रीज NPS अकाउंट एक्टिव हो जाएगा। आमतौर पर इसमें 3-4 दिन का समय लगता है। इसके बाद आप फिर से कंट्रीब्यूशन, नॉमिनी अपडेट, फंड स्विच और निकासी जैसी सुविधाएं इस्तेमाल कर सकेंगे।
अगर NPS आपकी रिटायरमेंट प्लानिंग का हिस्सा है, तो फ्रीज अकाउंट को नजरअंदाज करना नुकसानदायक हो सकता है। क्योंकि, इसका फायदा लगातार कंट्रीब्यूशन से ही मिलता है। लिहाजा, बीच-बीच में यह जरूर चेक करते रहें कि आपका अकाउंट एक्टिव है या नहीं। मोबाइल नंबर बदला है, तो उस भी NPS में तुरंत अपडेट करें।
अगर आपका मोबाइल नंबर और ईमेल अभी भी चालू हैं, तो पूरा काम ऑनलाइन हो सकता है। Login किए बिना भी CRA portal के जरिये भुगतान करते ही रिएक्टिवेशन हो जाएगा। लेकिन अगर कॉन्टैक्ट डिटेल बदल चुकी हैं, तो ऑफलाइन काम कराना होगा। इसके लिए बैंक ब्रांच या PoP जाकर Form S2 और बाद में जरूरत पड़ने पर Form UOS-S10-A जमा करना होगा। Online तरीका तेज है। Offline तरीका थोड़ा समय लेता है, लेकिन फ्रीज अकाउंट खोलने का यही सबसे भरोसेमंद रास्ता है।