जहां BJP ने पहली बार लहराया परचम, वहां अमूल 600 करोड़ से लगाएगी दुनिया का सबसे बड़ा दही प्लांट

World Largest Curd Plant : भारत की प्रमुख डेयरी कंपनी अमूल ने पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में एक बड़े निवेश की घोषणा की है। कंपनी करीब 600 करोड़ रुपये खर्च कर एक विशाल दही निर्माण प्लांट (curd plant) बनाएगी। यह प्लांट दुनिया का सबसे बड़ा दही उत्पादन केंद्र माना जा रहा है। यह परियोजना कोलकाता के पास सांकराइल फूड पार्क में विकसित की जाएगी। गौर हो कि बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में हाल ही में पहली बार सरकार बनाई है। उसके बाद यह निवेश किया जा रहा है।

Authored by: रामानुज सिंहUpdated Jun 2 2026, 10:05 IST
​रोजाना 10 लाख किलो दही का उत्पादन​Image Credit : Istock01 / 07

​रोजाना 10 लाख किलो दही का उत्पादन​

इस नए प्लांट की उत्पादन क्षमता बहुत बड़ी होगी। रिपोर्ट के अनुसार, यहां हर दिन करीब 10 लाख किलो दही, मिस्टी दही, योगर्ट, लस्सी और छाछ का उत्पादन किया जाएगा। इसके साथ ही यह प्लांट सिर्फ दही तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि एक बड़ा डेयरी कॉम्प्लेक्स होगा।

​15 लाख लीटर दूध प्रोसेसिंग की क्षमता​Image Credit : Istock02 / 07

​15 लाख लीटर दूध प्रोसेसिंग की क्षमता​

अमूल के इस प्लांट में हर दिन करीब 15 लाख लीटर दूध को प्रोसेस किया जाएगा। यहां दूध से बनने वाले कई प्रोडक्ट्स भी तैयार होंगे, जैसे कि आइसक्रीम, पनीर, घी, फ्लेवर्ड मिल्क और UHT दूध। यह पूरा सिस्टम आधुनिक तकनीक से लैस होगा, जिससे बड़े पैमाने पर उत्पादन संभव होगा।

​दो चरणों में बनेगा पूरा प्रोजेक्ट​Image Credit : Istock03 / 07

​दो चरणों में बनेगा पूरा प्रोजेक्ट​

इस परियोजना का निर्माण दो चरणों में किया जाएगा। इसे गुजरात के आनंद स्थित काइरा जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ (जो अमूल ब्रांड का संचालन करता है) द्वारा विकसित किया जाएगा। पहले चरण में मुख्य उत्पादन यूनिट तैयार होंगी और दूसरे चरण में विस्तार किया जाएगा।

​बंगाल में बढ़ता डेयरी बाजार और अमूल की पकड़​Image Credit : Istock04 / 07

​बंगाल में बढ़ता डेयरी बाजार और अमूल की पकड़​

पश्चिम बंगाल का डेयरी बाजार तेजी से बढ़ रहा है और इसकी कीमत करीब 89,000 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। इसमें हर साल 12% से ज्यादा की वृद्धि का अनुमान है। अमूल पहले से ही राज्य में मजबूत स्थिति में है और रोजाना 10 लाख लीटर से ज्यादा दूध बेच रहा है। कंपनी 14 जिलों में दूध संग्रह नेटवर्क चला रही है, जिसमें 1.2 लाख से अधिक महिला दूध उत्पादक जुड़ी हुई हैं।

​स्थानीय स्वाद और बाजार पर फोकस​Image Credit : Istock05 / 07

​स्थानीय स्वाद और बाजार पर फोकस​

अमूल इस प्लांट के जरिए खास तौर पर बंगाल के पारंपरिक स्वादों पर ध्यान दे रहा है। यहां की मिस्टी दही और टोक दही की मांग बहुत ज्यादा है। कंपनी का मानना है कि पूर्वी भारत में अभी बड़े पैमाने पर संगठित डेयरी उद्योग की कमी है, इसलिए यह निवेश इस कमी को पूरा करेगा। शुरुआत में यह प्लांट कोलकाता और आसपास के जिलों को सप्लाई देगा, जिससे ताजगी और कम कीमत का फायदा मिलेगा।

​रोजगार और किसानों को फायदा​Image Credit : Istock06 / 07

​रोजगार और किसानों को फायदा​

अमूल के इस परियोजना से क्षेत्र में हजारों लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। अमूल का मॉडल किसानों को सीधे जोड़ता है, जिससे वे सिर्फ दूध बेचने वाले नहीं बल्कि पूरी वैल्यू चेन का हिस्सा बन जाते हैं। इससे उनकी आमदनी बढ़ती है और उन्हें बेहतर दाम मिलते हैं। जैसे-जैसे उत्पादन बढ़ेगा, दूध आपूर्ति नेटवर्क भी और मजबूत होगा।

​देश और विदेश में अमूल का विस्तार​Image Credit : Istock07 / 07

​देश और विदेश में अमूल का विस्तार​

अमूल पहले से ही भारत का सबसे बड़ा फूड ब्रांड माना जाता है, जिसकी वैल्यू करीब 4.1 अरब डॉलर है। यह रोजाना करीब 3.1 करोड़ लीटर दूध प्रोसेस करता है। कंपनी 50 से ज्यादा देशों में अपने उत्पाद निर्यात करती है और अमेरिका जैसे बड़े बाजार में भी पहुंच बना चुकी है। हाल के वर्षों में वैश्विक संकटों के बावजूद अमूल की बिक्री और निर्यात लगातार बढ़ा है, जिससे इसकी अंतरराष्ट्रीय स्थिति और मजबूत हुई है।

End of Photo Gallery
Subscribe to our daily Newsletter!