रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी के पास भारत का सबसे महंगा प्राइवेट जेट है। हाल ही में उनके बेड़े में 'बोइंग 737 मैक्स 9' शामिल हुआ है, जिसकी कीमत 1000 करोड़ रुपये से भी अधिक है। यह विमान इतना विशाल है कि इसमें मास्टर बेडरूम, एक बड़ा लिविंग एरिया और एक हाई-टेक बोर्डरूम भी मौजूद है। यह बिना रुके दुनिया के किसी भी कोने तक उड़ान भर सकता है।
अडानी ग्रुप के प्रमुख गौतम अडानी के पास भी बोइंग का शानदार जेट है। उनके बेड़े में शामिल 'बोइंग 737 मैक्स 8' की कीमत लगभग 1000 करोड़ रुपये है। इस विमान के अंदरूनी हिस्से (Interiors) को कस्टमाइज करने में करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं। इसके अलावा उनके पास बॉम्बार्डियर और एम्ब्रेयर जैसे छोटे लेकिन बेहद तेज और आरामदायक विमान भी हैं।
सीरम इंस्टीट्यूट के सीईओ अदार पूनावाला अपनी लग्जरी लाइफस्टाइल के लिए जाने जाते हैं। उनके पास एक कस्टमाइज्ड 'एयरबस A320' है। यह एक कमर्शियल प्लेन जितना बड़ा है, लेकिन अंदर से इसे किसी 7-स्टार होटल की तरह डिजाइन किया गया है। इसकी कीमत और इस पर किए गए बदलावों को मिलाकर इसकी वैल्यू करीब 1400 करोड़ रुपये तक पहुंच जाती है।
स्टील किंग लक्ष्मी मित्तल के पास 'गल्फस्ट्रीम G650ER' है, जिसे दुनिया के सबसे तेज बिजनेस जेट्स में गिना जाता है। इसकी कीमत 500 करोड़ रुपये से ज्यादा है। यह विमान अपनी रफ्तार और रेंज के लिए मशहूर है, जो मित्तल को उनके वैश्विक स्टील साम्राज्य की देखरेख करने के लिए लंदन से न्यूयॉर्क या दिल्ली बिना रुके ले जा सकता है।
सन ग्रुप के मालिक कलानिधि मारन के पास 'बॉम्बार्डियर ग्लोबल 7500' है। यह भारत के सबसे महंगे बिजनेस जेट्स में से एक है, जिसकी कीमत करीब 600 करोड़ रुपये है। इसकी खासियत इसकी रेंज है; यह विमान एक बार ईंधन भरने पर 14,000 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय कर सकता है, जो इसे लंबी अंतरराष्ट्रीय यात्राओं के लिए बेहतरीन बनाता है।
टाटा ग्रुप के पास भारत के सबसे पुराने और भरोसेमंद प्राइवेट जेट बेड़े में से एक है। रतन टाटा खुद एक कुशल पायलट थे और उनके पास 'फाल्कन 2000' जैसे शानदार विमान रहे हैं। टाटा ग्रुप के पास 'डसॉल्ट' और 'गल्फस्ट्रीम' जैसे कई विमान हैं जिनका उपयोग ग्रुप के टॉप एग्जीक्यूटिव्स अपनी व्यावसायिक यात्राओं के लिए करते हैं।