इन बदलावों का मकसद आम आदमी के लिए रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाना और "आत्मनिर्भर भारत" के लक्ष्य को बढ़ावा देना है। इन सुधारों के तहत कई वस्तुओं पर लगने वाले जीएसटी की दरों को कम किया गया है, जिसका सीधा असर वाहनों और इलेक्ट्रॉनिक आइटम पर पड़ेगा।
जीएसटी दरों में बदलाव का सबसे ज्यादा असर ऑटोमोबाइल सेक्टर पर देखने को मिलेगा। इस रिफॉर्म के तहत, छोटी और किफायती गाड़ियों को बड़ी राहत दी गई है, जबकि लग्जरी और महंगी गाड़ियों पर टैक्स बढ़ाया गया है।
जिन पेट्रोल, एलपीजी या सीएनजी कारों का इंजन 1200 सीसी तक है और जिनकी लंबाई 4000 मिमी से कम है, उन पर जीएसटी की दर 28% से घटाकर 18% कर दी गई है।
इसी तरह, 1500 सीसी तक के इंजन वाली और 4000 मिमी से कम लंबाई वाली डीजल कारों पर भी जीएसटी 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है।
350 सीसी तक की मोटरसाइकिलें और थ्री-व्हीलर पर भी जीएसटी 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है।
एम्बुलेंस, गुड्स ट्रांसपोर्ट वाहन और ट्रैक्टर (कुछ अपवादों को छोड़कर) पर भी जीएसटी 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है।
1200 सीसी से ज्यादा इंजन क्षमता वाली या 4000 मिमी से ज्यादा लंबी पेट्रोल या हाइब्रिड गाड़ियों और 1500 सीसी से ज्यादा इंजन क्षमता वाली या 4000 मिमी से ज्यादा लंबी डीजल या हाइब्रिड गाड़ियों पर जीएसटी अब 40% लगेगा।
350 सीसी से ज्यादा इंजन क्षमता वाली मोटरसाइकिलों पर भी 40% जीएसटी लगेगा। मान लीजिए किसी बाइक की एक्स-शोरूम कीमत ₹1,00,000 है। पुरानी दर (28%) पर कीमत = ₹1,00,000 + ₹28,000 = ₹1,28,000, नई दर (18%) पर कीमत = ₹1,00,000 + ₹18,000 = ₹1,18,000 यानी ग्राहक को ₹10,000 की बचत होगी।
1500 सीसी से ज्यादा इंजन, 4000 मिमी से ज्यादा लंबाई और 170 मिमी से ज्यादा ग्राउंड क्लीयरेंस वाली एसयूवी पर भी 40% जीएसटी लगेगा।