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जिस काम को मना करो वही करता है बच्चा, ज्यादातर पेरेंट्स की यही समस्या, जानें आसान समाधान

ज्यादातर पेरेंट्स बच्चों को किसी काम के लिए मना तो कर देते हैं, लेकिन उन्हें ये नहीं बताते हैं कि वह ऐसा क्यों कर रहे हैं। बच्चों को लगता है कि उनके साथ गलत हो रहा है और वह जानबूझकर वही काम फिर से करते हैं।

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मना करने पर भी वही काम क्यो करता है बच्चा (Photo: Freepik)

अकसर पेरेंट्स की शिकायत होती है कि उनका बच्चा जिस काम को मना करो वही करता है। पेरेंट्स कहते हैं कि हम ने डांट कर थोड़ी सख्ती कर के भी देख ली लेकिन बच्चे की आदत नहीं छूट रही। पेरेंट्स को लगता है कि बच्चों को इस चीज की बुरी आदत लग गई है। लेकिन सही मायने में गलती पेरेंटिंग की भी है। ज्यादातर पेरेंट्स को यह नहीं पता होता है कि किसी चीज के लिए बच्चे को मना कैसे करना है। सबसे पहले समझना होगा कि मना करने पर भी वही काम क्यों करते हैं बच्चे।

मना करने से बढ़ती है जिज्ञासा

जब हम बच्चों को किसी चीज के लिए मना करते हैं तो तुरंत उनके मन में जिज्ञासा जग जाती है। उन्हें लगता है कि इसमें ऐसा क्या है कि उन्हें मना किया जा रहा है। यही सोच उन्हें उस काम को करने की ओर और ज्यादा खींचती है।

पेरेंट्स का तरीका होता है गलत

ज्यादातर पेरेंट्स बच्चों को किसी काम के लिए मना तो कर देते हैं, लेकिन उन्हें ये नहीं बताते हैं कि वह ऐसा क्यों कर रहे हैं। बच्चों को लगता है कि उनके साथ गलत हो रहा है और वह जानबूझकर वही काम फिर से करते हैं।

रिवर्स साइकोलॉजी

साइकोलॉजी कहती है कि जब बच्चे किसी के मुंह से ना सुनते हैं तो उन्हें लगता है उनसे जबरदस्ती की जा रही है। उन्हें अपनी आजादी छिनने का एहसास होता है। ऐसे में वो विद्रोही बन जाते हैं और वही करते हैं ताकि खुद को आजाद साबित कर सकें।

क्या करें पेरेंट्स

जब आप बच्चों को किसी काम के लिए मना करें तो उसे वाजिब कारण भी बताएं। इसके अवाला अगर कोई काम करने से रोकें तो उसका दूसरा ऑप्शन उसे दें। मसलन अगर आप बच्चे को टीवी देखने से मना करते हैं तो उसे कहें कि आओ स्टोरीज पढ़ते हैं।

बकौल अभिभावक आप हर चीज पर रोक लगाने के बजाय बच्चों को कुछ हद तक खुद सीखने दें। अगर आप नहीं जानते हैं तो बता दें गुस्से या सख्ती से बच्चों का व्यवहार और जिद्दी हो सकता है। बच्चों को शांत रहकर समझाएं। आप देखेंगे कि बच्चे की जिस आदत से आप परेशान थे वो धीरे-धीरे खत्म हो जाएगी।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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