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पैटरनिटी लीव क्यों है ट्रेंड में, न्यू बॉर्न बच्चों की परवरिश के लिए क्या क्या कर सकते हैं पिता

बच्चे की परवरिश में माता-पिता दोनों का समान योगदान जरूरी है, लेकिन जन्म के बाद मां को अधिक समय मिलता है। इसी कारण पैटरनिटी लीव पर चर्चा बढ़ रही है। जानें यह क्या है और बच्चों की डॉक्टर से समझें पिता की भूमिका।

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Parenting Advice for New Dads (Photo Credit - Canva/BacchokiDoctor)

आज के समय में पैरेंटिंग को लेकर सोच तेजी से बदल रही है। जहां पहले बच्चे की जिम्मेदारी मुख्य रूप से मां तक सीमित मानी जाती थी, वहीं अब पिता की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण समझी जा रही है। इसी बदलाव के चलते पैटरनिटी लीव का कॉन्सेप्ट तेजी से ट्रेंड में आ रहा है। संसद में बीते दिनों पैटरनिटी लीव को लेकर खासा चर्चा हुई है। लेकिन समझना ये जरूरी है कि, आखिर पैटरनिटी लीव होती क्या है और ये आज के दौर में क्यों बहुत ज्यादा जरूरी है। साथ ही साथ न्यूबॉर्न बच्चों की परवरिश में पिता कैसे मदद कर सकते हैं।

पैटरनिटी लीव क्या होती है

पैटरनिटी लीव यानी बच्चे के जन्म के बाद पिता को मिलने वाली छुट्टी, ताकि वे अपने न्यूबॉर्न बेबी और पत्नी के साथ समय बिता सकें। पहले यह सुविधा बहुत कम जगहों पर थी, लेकिन अब कंपनियां और समाज दोनों इसे जरूरी मानने लगे हैं। इसका मुख्य कारण है कि बच्चे के शुरुआती दिनों में पिता की मौजूदगी मां और बच्चे दोनों के लिए बेहद अहम होती है। यह न सिर्फ इमोशनल सपोर्ट देता है, बल्कि परिवार के बीच बॉन्डिंग भी मजबूत करता है।

भारत में पैटरनिटी लीव कब तक ले सकते हैं

भारत में सरकारी कर्मचारियों तो कई निजी कंपनियों के लिए पैटरनिटी लीव आमतौर पर, बच्चे के जन्म से 15 दिन पहले से लेकर जन्म के 6 महीने के भीतर में किसी भी 15 दिनों के लिए लिया जा सकता है। हालांकि इस तरह की पेड पैटरनिटी लीव की सुविधा केवल उन पुरुष कर्मचारियों को मिलती है जिनके दो से कम जीवित बच्चे होते हैं।

पैटरनिटी लीव क्यों है जरूरी

आज के पिता सिर्फ कमाने तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि वे अपने बच्चे की परवरिश में सक्रिय भूमिका निभाना चाहते हैं। सोशल मीडिया, हेल्थ एक्सपर्ट्स और बदलती लाइफस्टाइल ने इस सोच को और बढ़ावा दिया है। अब लोग समझने लगे हैं कि बच्चे के विकास में पिता की भागीदारी भी उतनी ही जरूरी है जितनी मां की।

न्यू बॉर्न की देखभाल में पिता क्या कर सकते हैं

सोशल मीडिया इंफ्लुएंजर और डॉक्टर माधवी ने हाल ही में एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें उन्होने बताया कि, कैसे न्यू पापा अपने न्यू बॉर्न बच्चों की परवरिश तो देखभाल में मदद कर सकते हैं।

1. न्यू मम्मी को कर सकते हैं सपोर्ट

डिलीवरी के बाद मां को सबसे ज्यादा जरूरत सपोर्ट की होती है। पिता घर के कामों में मदद करके और मां का ख्याल रखकर बड़ा योगदान दे सकते हैं।

2. बच्चे के साथ समय बिताएं

नवजात के साथ समय बिताने से पिता और बच्चे के बीच मजबूत रिश्ता बनता है। बच्चे को गोद में लेना, उससे बात करना या उसे सुलाना, ये छोटे-छोटे काम भी बहुत मायने रखते हैं।

3. डायपर बदलना और फीडिंग में मदद

न्यू पापा बेबी की देखभाल करने में मदद करना चाहते हैं। तो वे डायपर बदलने, बच्चे को डकार दिलाने और फीडिंग के दौरान मदद करने जैसे काम कर सकते हैं।

4. कॉन्टेक्ट नैपिंग

डिलीवरी के बाद मम्मियों की नींद काफी ज्यादा डिस्टर्ब हो जाती है। ऐसे में न्यू पापा बच्चों के साथ कॉन्टेक्ट नैपिंग कर सकते हैं। जिससे मम्मी को आराम मिल सकता है।

5. मसाज और नहलाना

बच्चों की मसाज तो नहलाने का काम उनके पापा कर सकते हैं।

Avni Bagrola
अवनी बागरोला author

अवनी बागरोला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के लाइफस्टाइल सेक्शन में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। फैशन, ब्यूटी, ट्रेंड्स, पर्सनल स्टाइलिंग और आधुनिक... और देखें

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