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गर्मी में घर से बाहर निकलते वक्त छाता लें या चश्मा पहनें, स्किन और आंखों की सुरक्षा के लिए क्या बेहतर

Umbrella Vs Sunglasses For Summer Care: तेज धूप में बाहर निकलते समय छाता लें या सनग्लासेस - कौन ज्यादा जरूरी है? आइए जानते हैं गर्मी में आपकी त्वचा और आंखों को किससे बेहतर सुरक्षा मिलती है।

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छाता या चश्मा स्किन और आंखों की सुरक्षा के लिए क्या बेहतर

Umbrella Vs Sunglasses: गर्मी का मौसम शुरू होते ही धूप इतनी तेज हो जाती है कि बाहर निकलना भी मुश्किल लगने लगता है। ऐसे में हम अक्सर सोचते हैं - छाता लेकर निकलें या सिर्फ सनग्लासेस पहनना ही काफी है? कुछ लोग स्टाइल के लिए चश्मा पहनते हैं, तो कुछ धूप से बचने के लिए छाता साथ रखते हैं। लेकिन असली सवाल यह है कि आपकी स्किन और आंखों की सुरक्षा के लिए क्या ज्यादा जरूरी है। दरअसल, सूरज की UV किरणें धीरे-धीरे हमारी त्वचा और आंखों दोनों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसलिए जरूरी है कि हम समझदारी से फैसला लें और सही चीजों का इस्तेमाल करें, ताकि गर्मी में बाहर निकलते समय खुद को सुरक्षित रख सकें। आइए जानते हैं घर से बाहर निकलते समय छाता ज्यादा फायदेमंद रहेगा या चश्मा पहनना (umbrella or sunglasses)।

छाता है धूप से बचाव का सीधा और असरदार तरीका

अगर आप सीधी धूप से बचना चाहते हैं, तो छाता एक आसान और भरोसेमंद तरीका है। यह सूरज की किरणों को सीधे शरीर पर पड़ने से रोकता है, जिससे स्किन को टैनिंग और सनबर्न से बचाया जा सकता है। खास बात यह है कि छाता सिर्फ चेहरे को ही नहीं, बल्कि कंधों और हाथों को भी कवर देता है, जो अक्सर धूप में ज्यादा प्रभावित होते हैं।

चश्मा है आंखों की सेहत के लिए जरूरी

तेज धूप में आंखों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। ऐसे में सनग्लासेस बहुत काम आते हैं। ये आंखों को हानिकारक UV किरणों से बचाते हैं और तेज रोशनी से होने वाली जलन या चुभन को कम करते हैं। अगर आप बाहर ज्यादा समय बिताते हैं या ड्राइविंग करते हैं, तो अच्छे क्वालिटी के सनग्लासेस पहनना जरूरी हो जाता है।

क्या सिर्फ एक चीज काफी है?

कई लोग सोचते हैं कि सिर्फ छाता या सिर्फ चश्मा पहन लेना ही काफी है, लेकिन ऐसा नहीं है। दोनों का काम अलग-अलग है। छाता जहां आपकी स्किन को बचाता है, वहीं सनग्लासेस आंखों की सुरक्षा करते हैं। इसलिए एक को छोड़कर दूसरे पर भरोसा करना पूरी तरह सही नहीं होगा।

कब छाता ज्यादा काम आता है

जब धूप बहुत तेज हो, खासकर दोपहर के समय, तब छाता ज्यादा फायदेमंद होता है। यह आपको सीधे सूरज की गर्मी से बचाता है और शरीर को ज्यादा गरम होने से भी रोकता है। लंबे समय तक बाहर रहने पर यह सबसे ज्यादा राहत देता है।

कब सनग्लासेस जरूरी हो जाते हैं

अगर आपको धूप में आंखें खोलने में दिक्कत होती है या गाड़ी चलाते वक्त रोशनी परेशान करती है, तो सनग्लासेस जरूरी हो जाते हैं। ये न सिर्फ आंखों को आराम देते हैं, बल्कि देखने में भी आसानी करते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा भी कम होता है।

सही सुरक्षा के लिए अपनाएं दोनों का साथ

अगर आप सच में गर्मी से पूरी तरह बचाव चाहते हैं, तो छाता और सनग्लासेस दोनों का इस्तेमाल करना सबसे बेहतर तरीका है। इसके साथ सनस्क्रीन लगाना और हल्के, ढीले कपड़े पहनना भी जरूरी है। छोटे-छोटे ये कदम आपको गर्मी में भी सुरक्षित और आरामदायक महसूस कराएंगे।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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