लाइफस्टाइल

EXCLUSIVE: दिवाली के बाजार में बच्चों के लिए क्या है खास ? भागीरथ पैलेस से ग्राउंड रिपोर्ट

  • Agency by: Agency
  • Updated Oct 21, 2022, 01:58 PM IST

Diwali 2022: दिवाली हमेशा से बच्चों का पसंदीदा त्योहार रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह है पटाखे। दिल्ली में पटाखों पर प्रतिबंध के बीच हम आपको बता रहे हैं बच्चों के लिए पटाखे की कमी को पूरा करने के कई उपाय।

Image

EXCLUSIVE: दिवाली के बाजार में बच्चों के लिए क्या है खास ? भागीरथ पैलेस से ग्राउंड रिपोर्ट

KEY HIGHLIGHTS
बच्चों के लिए बाजार में उप्लब्ध हैं कई इकोफ्रेंडली पटाखे।
कई तरह की ऐसी खिलौने वाली बंदूक हैं जिन्हें चलाकर बच्चे खुश होंगे।
सबसे अच्छी बता है कि यह सब बजट में मिल रहा है।

Diwali 2022: आपने अक्सर पढ़ा या सुना होगा 'ये दिवाली खुशियों वाली'। इस खुशी का अगर कोई पूरे साल बेसब्री से इंतजार करता है तो वो होते हैं बच्चे। दिया, रंगबिरंगी लाइट्स, तरह-तरह के पकवान, मिठाई, नए कपड़े और पटाखे ये वो चीजें हैं जो बच्चों के दिल के बेहद करीब होती हैं। नए कपड़े पहन कर धमाचौकड़ी करना और पटाखे फोड़ना दिवाली के दिन बच्चों का सबसे पसंदीदा काम होता है। दिल्ली में पटाखों पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। लेकिन हम आपको कुछ ऐसी चीजों के बारे में बताएंगे जो आपके बच्चों के लिए पटाखे की कमी को पूरा कर देगी। हमने दिल्ली के भागीरथ पैलेस से आपके बच्चे के लिए कुछ इकोफ्रेंडली चीजें ढूंढ़ निकाली हैं।

बाजार में आ गई बच्चों के लिए अनोखी खिलौना बंदूकें

पटाखे वाली बंदूक के साथ हम सब की यादें जुड़ी होंगी। एक वक्त था जब 5 रुपए की बंदूक और 50 पैसे की पटाखे की लड़ी आती थी। वो दौर अब बीत चुका है। लेकिन इस बार दिल्ली के मशहूर बाजार भागीरथ पैलेस में बच्चों के लिए कई मनोरंजक चीजें उपलब्ध हैं। सबसे पहले बात पटाखे वाले बंदूक की। बाजार में तीस रुपए से लेकर 150 रुपए तक के बंदूक मौजूद हैं। इनको इस्तेमाल करना भी आसान है और इनसे बच्चों को नुक्सान पहुंचने की गुंजाइश भी न के बराबर है। सबसे छोटी वाली बंदूक 30 रुपए की है। इसमें लगाने के लिए पटाखा 10 रुपए प्रति पैकेट मिल रहा है।

थोड़े से बड़े साइज का बंदूक तकनीकी रुप से बड़ी ही लाजवाब है। इसमें पटाखों का इस्तेमाल नहीं होता लेकिन यह आवाज जबरदस्त करती है। आप सोच रहे होंगे कि ऐसा मुमकिन कैसे है। इसके अंदर इस्तेमाल होती है आपके घर में मौजूद एक चिज़ जिसे हम आमतौर पर माचिस बोलते हैं। इसके अंदर आप एक बार में एक माचिस की तिल्ली डालें और फायर करें। बाजार में यह बंदूक केवल 75 रुपए की है। बच्चों को पटकने वाले पटाखे या हम यूं कहें तो पॉप पटाखे बहुत पसंद होते हैं। यह पटाखा इतना साधारण है कि इसे आराम से घर की बालकनी में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। बाजार में इसका पूरा एक डब्बा केवल 250 रुपए का है। एक डब्बे के अंदर करीब 2 हजार पटाखे हैं।

बच्चों के लिए माचिस बम का कमाल

वक्त के साथ चीजें बदल रही हैं और मनोरंजन के साधन भी। पटाखों पर प्रतिबंध के बाद पटाखा मेकर्स ने भी बीच का रास्ता निकाल लिया है। कुछ ऐसे तरीके निकाल लिए जो अच्छा विकल्प साबित हो रहे हैं। माचिस बम एक ऐसा ही अनोखा आविष्कार है। इसे जला कर बच्चे अगर पानी में भी फेंक दे तो ये आवाज जरूर करेगा। बाजार में इसकी कीमत 100 रुपये प्रति डब्बा है और एक डब्बे में 600 माचिस बम आ रहे हैं। वहीं वंडर थ्रो नाम का पटाखा भी खूब धमाल मचा रहा है। इसके एक बॉक्स की कीमत 150 रुपेय है। भागिरथ पैलेस में बच्चों के खेलने का सामान बेच रहे इदरीस ने हमें कई और भी जानकारिया दीं। उन्होंने हमें मैजिक पॉप्स के नाम से एक पटाखा दिखाया जिसे जलाने के बाद अलग-अलग किस्म का रंग निकलता है। इदरीस इसका एक डब्बा हमें 100 रुपये में देने को राजी हो गए। जबकी बाजार में आमतौर पर इसकी कीमत 120 रुपये है।

Diwali toys

Diwali toys

छोटे बच्चों के लिए रौशनी वाली बंदूक

अगर आपके घर में बहुत छोटे बच्चे हैं तो उनके लिए भी आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है। इस दिवाली हम उनके लिए भी कुछ नया ढूंढ लाए हैं। बाजार में आमतौर पर मिल रही यह बंदूक बैटरी पर चलती है। जब बच्चे इसका ट्रिगर दबाते हैं तो फायरिंग की आवाज के साथ रंगबिरंगी रौशनी निकलती है। यह रौशनी आपके बच्चों को रोमांच से भर देगी। यह बंदूक करीब 150 रुपये मे मिल रही है।

तो देर किस बात की है, बाजार जाइये और अपने बच्चों के लिए खुशियां घर लाइये। कोशिश कीजिये के बच्चों के साथ बाजार न जाएं। ज्यादा भीड़ की वजह से परेशानी हो सकती है। साथ ही हमें कमेंट सेक्शन में जरूर बताइये के हमारी दी गई जानकारी आपको कैसी लगी।

अबुज़र कमालुद्दीन
अबुज़र कमालुद्दीनauthor

अबुज़र कमालुद्दीन टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर सीनियर रिपोर्टर कार्यरत हैं। खानपान, यात्रा वृतांत और सामाजिक मुद्दों पर लिखना पसंद करते हैं। साथ ही हिंदी पट्टी के राजनीतिक माहौल पर भी नज़र रखते हैं।

और पढ़ें
End of Article