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क्या है Floodlighting? ये लक्ष्ण दिखते ही पार्टनर से हो जाएं सावधान

  • Authored by: Ritu raj
  • Updated Mar 10, 2025, 02:11 PM IST

रिलेशनशिप लोगों के बीच एक भावनात्मक जुड़ाव होता है। यह जुड़ाव कई तरह का हो सकता है, जैसे कि रोमांटिक, पारिवारिक, दोस्ती, या पेशेवर। एक स्वस्थ रिलेशनशिप में, लोग एक-दूसरे का सम्मान करते हैं, एक-दूसरे पर भरोसा करते हैं, और एक-दूसरे के साथ संवाद करते हैं। लेकिन इन दिनों डेटिंग वर्ल्ड में एक वर्ड टर्म ‘फ्लड लाइटिंग’खूब ट्रेंड में है। ऐसे में आज जानने की कोशिश करेंगे कि आखिर ये ‘फ्लड लाइटिंग’होता क्या है।

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What Is Floodlighting

जनरेशन ज़ेड (Gen Z) वर्ड इन दिनों काफी ट्रेंड में है। इस शब्द का इस्तेमाल 1997 और 2012 के बीच पैदा हुए लोगों के लिए किया जाता है। नरेशन ज़ेड (Gen Z)में पैदा हुए यंगस्टर्स का देखने और चीजों को समझने का नज़रिया काफी अलग हो गया है। खासकर इस जेनरेशन के लोग प्यार और डेटिंग को भी नई भाषा में परिभाषित कर रहे हैं। ऐसे में आजकल डेटिंग की दुनिया में एक नया शब्द खूब ट्रेंड में है। इस शब्द ने प्यार और डेटिंग की दुनिया पर से भरोसा ही उठा दिया है। इन दिनों डेटिंग वर्ल्ड में जो टर्म खूब ट्रेंड में है वो है ‘फ्लड लाइटिंग’ (Floodlighting) है। ऐसे में ये सवाल उठता है कि आखिर ‘फ्लड लाइटिंग’ (Floodlighting) है क्या।

क्या है Floodlighting?

Floodlighting kya hai

Floodlighting kya hai

फ्लडलाइटिंग (Floodlighting) एक नया डेटिंग टर्म है, जिसमें लोग अपने पार्टनर का अटेंशन और इमोशनल सपोर्ट पाने के लिए चीजें ओवरशेयर करने लगता है। इसका सीधा सा मतलब है अपने पिछले रिश्ते के ड्रामे को बहुत ज़्यादा शेयर करना, या अगर हम इसे आसान शब्दों में कहें तो दूसरे व्यक्ति को आघात पहुंचाना। ‘फ्लड लाइटिंग’में लोग अपनी पर्सनल चीजें ज्यादा शेयर करते हैं और जानने की कोशिश करते हैं पार्टनर के तौर पर आप उसके लिए परफेक्ट हैं या नहीं। सहानुभूति जगाने और विश्वास की झूठी भावना पैदा करने के लिए पार्टनर आपसे अपनी पर्सनल चीजें ज्यादा शेयर करते हैं। फ्लडलाइटिंग (Floodlighting) में लोग विक्टिम कार्ड प्ले करते हैं और ज्यादा से ज्यादा अटेंशन गेन करने की कोशिश करते हैं।

क्यों ऐसा करते हैं लोग?

Reason behind Floodlighting

Reason behind Floodlighting

एक्सपर्ट्स की मानें तो लोग ऐसा इसलिए करते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि ऐसा करने से रिश्में में मजबूती आती है। इस वजह से ही लोग अपनी पहली डेट पर चीजें ओवरशेयर करते हैं और अटेंशन गेन करने की कोशिश करते हैं। इसे ट्रॉमा डंपिंग भी कहा जाता है। वहीं कई बार इमोशनल सपोर्ट पाने के लिए भी लोग फ्लडलाइटिंग (Floodlighting) करते हैं।

फ्लड लाइटिंग के कुछ उदाहरण

पहली डेट पर ही अपने बचपन के ट्रॉमा के बारे में बताना।

अपने पिछले रिश्ते के बारे में बहुत ज्यादा नकारात्मक बातें करना।

अपनी भावनाओं को बहुत जल्दी और बहुत तीव्रता से व्यक्त करना।

सहानुभूति पाने के लिए झूठे किस्से सुनाना।

अपनी बातों से सामने वाले को भावनात्मक रूप से ब्लैकमेल करना।

फ्लड लाइटिंग के संकेत

बहुत जल्दी बहुत ज्यादा जानकारी शेयर करना।

अपनी भावनाओं को नियंत्रित करने में असमर्थ होना।

सहानुभूति पाने के लिए विक्टिम कार्ड खेलना।

अपनी बातों से सामने वाले को भावनात्मक रूप से ब्लैकमेल करना।

रिश्ते को बहुत जल्दी आगे बढ़ाने की कोशिश करना।

फ्लड लाइटिंग से कैसे बचें

अपनी सीमाओं को जानें और उनका सम्मान करें।

रिश्ते को धीरे-धीरे आगे बढ़ाएं।

सामने वाले व्यक्ति को जानने के लिए समय निकालें।

अगर आपको असहज महसूस हो रहा है तो रिश्ते से दूर हो जाएं।

Ritu raj
Ritu rajauthor

<p>ऋतु राज टाइम्स नाऊ नवभारत डिजिटल में लाइफस्टाइल डेस्क में बतौर चीफ कॉफी एडिटर कार्यरत हैं। उनकी हेल्थ और लाइफस्टाइल की खबरों पर अच्छी पकड़ है। यहां वो एक्सप्लेनर और लाइफस्टाइल की ट्रेंडिंग खबरों को लोगों के लिए परोसने का काम करते हैं। उनकी फूड, पैरेंटिंग, ब्यूटी पर अच्छी पकड़ है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की। वो बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से ताल्लुक रखते हैं। ऋतु राज ने पिछले 6 सालों में एनडीटीवी, जनसत्ता जैसे बड़े संस्थानों में अलग अलग बीट्स पर काम किया है। हालांकि उनकी खास रूची न्यूज, लाइफस्टाइल और एंटरटेनमेंट में रही है। ऋतु राज एक वॉयस ओवर आर्टिस्ट भी रहे हैं। उन्होंने एनडीटीवी में वॉयस ओवर आर्टिस्ट के तौर पर भी काम किया है। यहां उन्होंने लोकसभा चुनाव 2019 को भी कवर किया और खबरों को धार देना सीखा। साल 2021 में एनडीटीवी से इस्तीफा देने के बाद ऋतुराज ने जनसत्ता के साथ जुड़े और यहां वेब स्टोरीज पर अपनी रफ्तार बनाई और अलग अलग एंगल से खबरों को बनाना सीखा।</p>

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