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इश्क से आगे भी है प्यार की दुनिया, ये 8 तरह के प्यार खूबसूरत बनाते हैं जिंदगी

8 Types of Love: हो सकता है कि आपने अपने सबसे अच्छे दोस्त में फिलिया, माता-पिता के साथ स्टॉर्ज, जीवनसाथी के साथ इरोस या प्राग्मा और खुद के लिए फिलॉटिया का अनुभव किया हो।

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प्यार के होते हैं 8 प्रकार, आपकी लाइफ में है कितने

8 Types of Love: जब भी प्यार का जिक्र होता है तो हमारे दिमाग में सबसे पहले रोमांटिक रिश्तों की तस्वीर उभरती है। लेकिन मनोविज्ञान और यूनानी दर्शन बताते हैं कि प्यार केवल प्रेमी-प्रेमिका तक सीमित रहने वाली चीज नहीं है। यह तो अलग-अलग हिस्सों में हमारी जिंदगी में शामिल होता है। पुरानी यूनानी फिलॉस्फी बताती है कि प्यार के 8 तरीके होते हैं। आइए आठ तरह के प्यार कौन-कौन से होते हैं

1. फिलिया

यह वह प्रेम है जो गहरी दोस्ती, भरोसे और आपसी सम्मान पर टिका होता है। इसमें रोमांस नहीं, एक-दूसरे के प्रति अपनापन और सहयोग की भावना होती है। सच्चे दोस्तों के बीच का रिश्ता इसी श्रेणी में आता है।

2. स्टॉर्ज

माता-पिता और बच्चों या भाई-बहनों के बीच जो स्वाभाविक लगाव होता है, उसे स्टॉर्ज कहा जाता है। यह ऐसा प्यार है जो बिना किसी शर्त के समय के साथ और मजबूत होता जाता है।

3. इरोस

इरोस वह प्यार है जिसमें शारीरिक आकर्षण, जुनून और रोमांस प्रमुख भूमिका निभाते हैं। किसी रिश्ते की शुरुआती बटरफ्लाई फीलिंग इसी श्रेणी में आती है।

4. लूडस

रिश्ते की शुरुआत में होने वाली नोकझोंक, हंसी-मजाक और हल्की-फुल्की छेड़छाड़ लूडस कहलाती है। यह प्यार रिश्ते में ताजगी और उत्साह बनाए रखता है।

5. मैनिया

जब प्यार जरूरत से ज्यादा अधिकार, ईर्ष्या या किसी पर पूरी तरह निर्भर होने में बदल जाए, तो उसे मैनिया कहा जाता है। यह रिश्ता कई बार मानसिक तनाव और बीमारी का कारण बन सकता है।

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6. प्राग्मा

लंबे समय तक साथ रहने वाले दंपतियों या जीवनसाथियों के बीच विकसित होने वाला समझदारी, धैर्य और समर्पण से भरा रिश्ता प्राग्मा कहलाता है। इसमें आकर्षण से ज्यादा भरोसा और साथ निभाने की भावना होती है।

7. फिलॉटिया

अपने आत्मसम्मान, मानसिक स्वास्थ्य और खुशियों का ख्याल रखना भी प्यार का एक महत्वपूर्ण रूप है। स्वस्थ आत्म-प्रेम व्यक्ति को दूसरों से बेहतर संबंध बनाने में मदद करता है।

8. अगापे

ऊपर के सभी तरह के प्यार में अगापे को बेस्ट माना गया है। यह प्यार का ऐसा स्वरूप है जिसमें बदले में कुछ पाने की इच्छा नहीं होती। किसी जरूरतमंद की मदद करना, समाज के लिए काम करना या बिना स्वार्थ के दूसरों की भलाई चाहना अगापे का उदाहरण है।

हो सकता है कि आपने अपने सबसे अच्छे दोस्त में फिलिया, माता-पिता के साथ स्टॉर्ज, जीवनसाथी के साथ इरोस या प्राग्मा और खुद के लिए फिलॉटिया का अनुभव किया हो। सच्चाई यह है कि एक बैलेंस्ड और खुशहाल जीवन में इन सभी प्रकार के प्रेम की अपनी-अपनी भूमिका होती है। शायद प्यार को समझने का सबसे अच्छा तरीका यही है कि उसे सिर्फ एक रिश्ते में नहीं, पूरी जिंदगी में महसूस किया जाए।

Suneet Singh
सुनीत सिंह author

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे ... और देखें

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