फिल्म निर्देशक इम्तियाज अली (Imtiaz Ali) ने अपनी फिल्मों में हमेशा प्यार को रोमांस से आगे दिखाया है। उनके मुताबिक इश्क खुद को तलाशने का जरिया है। हाल ही में उन्होंने Gen Z यानी आज की युवा पीढ़ी के रिश्तों और प्यार को लेकर दिलचस्प बातें साझा कीं। उनका मानना है कि नई पीढ़ी पहले की तुलना में रिश्तों के बारे में कहीं ज्यादा ईमानदार है और अपनी भावनाओं को खुलकर स्वीकार करती है।
इम्तियाज अली के अनुसार, आज के युवा किसी के लुक्स, पर्सनैलिटी या लाइफस्टाइल से आकर्षित होकर रिश्ते की शुरुआत करते हैं। लेकिन समय के साथ उन्हें एहसास होता है कि सच्चा प्यार केवल बाहरी चीजों में नहीं, इंसान के भीतर छिपी भावनाओं, समझ और अपनापन में होता है। यही अनुभव उन्हें रिश्तों को गहराई से समझना सिखाता है।
प्यार के मामले में Gen Z पहले से ज्यादा ईमानदार क्यों?
इम्तियाज का कहना है कि आज की पीढ़ी अपनी पसंद-नापसंद, सीमाओं और उम्मीदों को खुलकर जाहिर करती है। वे किसी रिश्ते में केवल समाज या परिवार की अपेक्षाओं के कारण नहीं रहना चाहते। वे अपने मन की सुनना पसंद करते हैं। यही वजह है कि वे अपनी भावनाओं के प्रति ज्यादा सच्चे नजर आते हैं।
बदल रही है प्यार की परिभाषा
आज सोशल मीडिया, डेटिंग ऐप्स और डिजिटल दुनिया ने लोगों को मिलने के कई नए रास्ते दिए हैं। इसके बावजूद इम्तियाज मानते हैं कि इंसान की मूल चाहत वही है- कोई ऐसा साथी मिले जो उसे समझे, स्वीकार करे और उसके साथ सच्चा जुड़ाव महसूस कराए। तकनीक बदल सकती है, लेकिन प्यार की बुनियादी जरूरत नहीं बदलती।
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आदर्श नहीं, सच्चा साथ जरूरी
इम्तियाज अली का मानना है कि कई बार लोग अपने मन में एक परफेक्ट पार्टनर की कल्पना बना लेते हैं और उसी के पीछे भागते रहते हैं। लेकिन असली प्यार तब मिलता है जब हम सामने वाले को उसकी कमियों और खूबियों के साथ स्वीकार करना सीखते हैं। रिश्ते केवल आकर्षण से नहीं, बल्कि धैर्य, समझ और भरोसे से मजबूत बनते हैं।
नई पीढ़ी से क्या सीख सकते हैं?
Gen Z हमें यह सिखाती है कि रिश्तों में दिखावे से ज्यादा ईमानदारी जरूरी है। अपनी भावनाओं को छिपाने के बजाय उन्हें स्वीकार करना और खुलकर बात करना स्वस्थ रिश्तों की नींव बन सकता है। साथ ही यह भी जरूरी है कि तुरंत फैसलों के बजाय रिश्तों को समय दिया जाए, ताकि भरोसा और समझ धीरे-धीरे विकसित हो सके।
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कुल मिलाकर इम्तियाज अली की नजर में आज की पीढ़ी प्यार को अलग तरीके से जी रही है। वे जल्दी आकर्षित होते हैं, सवाल पूछते हैं, अपनी भावनाओं को स्वीकार करते हैं और रिश्तों में ईमानदारी चाहते हैं। लेकिन अंततः उनकी मंजिल भी वही है जो हर दौर के इंसान की रही है- ऐसा प्यार जो केवल दिखावे पर नहीं, गहरे इमोशनल कनेक्ट और सच्चे अपनेपन पर टिका हो।
