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तुलसी के पौधे में दही डाल कर देखें, हमेशा हरी भरी रहेगी तुलसी, नहीं सूखेगा पौधा

Tulsi Plant Care Tips: तुलसी के पौधे में दही डालना सुनने में थोड़ा अजीब जरूर लगे लेकिन बागवानी और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से इसके कई फायदे हैं।

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क्या तुलसी के पौधे में दही डालने से फायदो होता है (AI Image)

Tulsi Plant Care Tips: तुलसी अपने तमाम आयुर्वेदिक और धार्मिक कारणों से भारतीय घरों में बहुत पॉपुलर है। लोग अपने घर पर ही तुलसी का पौधा उगाते हैं। तुलसी को हराभरा रखने के लिए लोग कई तरह के काम करते हैं। लोगों के मन में कई तरह के सवाल भी होते हैं। मसलन- तुलसी के पौधे में दूध डालने से क्या होता है, तुलसी को हरा-भरा कैसे रखें, सूख रही तुलसी को फिर से कैसे हरा करें, तुलसी की ग्रोथ कैसे बढ़ाएं। ऐसा ही एक सवाल है जो लोग खूब सर्च कर रहे हैं- तुलसी के पौधे में दही डालने से क्या होता है?

तुलसी के पौधे में दही डालने से क्या होता है

तुलसी के पौधे में दही डालना सुनने में थोड़ा अजीब जरूर लगे लेकिन बागवानी और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से इसके कई फायदे हैं। आइए जानते हैं कि तुलसी के पौधे में दही डालने से क्या होता है:

1. तुलसी के लिए प्राकृतिक खाद है दही - दही में नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटेशियम जैसे पोषक तत्व होते हैं, जो पौधे की जड़ों को मजबूती देते हैं। इससे तुलसी की पत्तियां हरी-भरी और घनी होती हैं।

2. तुलसी के लिए कीटनाशक भी है दही - तुलसी के पौधे में अक्सर सफेद फफूंद की समस्या हो जाती है। खट्टी छाछ या दही में मौजूद लैक्टिक एसिड एक प्राकृतिक फंगीसाइड के रूप में काम करता है, जो हानिकारक बैक्टीरिया और फंगस को पनपने से रोकता है।

3. मिट्टी की गुणवत्ता बढ़ाती है दही - दही मिट्टी के पीएच लेवल को बैलेंस करने में मदद करता है। यह मिट्टी को और अधिक उपजाऊ बनती है।

तुलसी के पौधे में दही कैसे डालें

तुलसी में सीधा गाढ़ा दही डालना हानिकारक हो सकता है। इसे उपयोग करने का सही तरीका यह है:

- एक चम्मच खट्टा दही या छाछ लें।

- इसे कम से कम एक लीटर पानी में अच्छी तरह घोल लें।

- इस मिश्रण को तुलसी की जड़ों में डालें या स्प्रे बोतल की मदद से पत्तियों पर छिड़काव करें।

- महीने में केवल एक या दो बार ही इसका प्रयोग करें।

तुलसी के पौधे की ग्रोथ कैसे बढाएं

तुलसी की ग्रोथ बढ़ाने के लिए जरूरी है यह जानना कि किस तरह से दही डालें। दरअसल दही फायदेमंद तो है लेकिन इसकी अधिकता नुकसानदेह भी साबित होती है। यदि आप बिना पानी मिलाए सीधा दही डालते हैं, तो यह मिट्टी की ऊपरी परत पर एक चिकनी परत बना सकता है, जिससे जड़ों को ऑक्सीजन नहीं मिल पाती। साथ ही, इससे चींटियां भी लग सकती हैं।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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