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Thought of the day: उस इंसान का कोई मुकाबला नहीं कर सकता, जिसके पास सब्र की ताकत है

Thought of the day: इतिहास गवाह है कि दुनिया के अधिकांश सफल लोगों ने अपनी मंजिल एक दिन में हासिल नहीं की। उन्होंने असफलताओं, आलोचनाओं और मुश्किलों का सामना किया, लेकिन धैर्य नहीं खोया।

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आज का सुविचार

Thought of the day (आज का सुविचार): मनुष्य का जीवन उसके विचारों से संचालित होता है। जैसे विचार होते हैं, वैसा ही उसका व्यवहार और व्यक्तित्व बनता है। इसलिए सुविचारों का किसी भी इंसान के जीवन में खास महत्व है। सुविचार हमें सही दिशा दिखाते हैं और सकारात्मक सोच विकसित करने में सहायता करते हैं। ये सुविचार ही हैं जो मन में उत्साह, आत्मविश्वास और आशा भरते हैं। जब हम कठिन हालातों का सामना करते हैं, तब अच्छे विचार हमें निराश होने से बचाते हैं और आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। इसी लिए हम आपको रोज एक सुविचार से रूबरू करवाते हैं। इसी कड़ी में आज का सुविचार है:

"उस इंसान का कोई मुकाबला नहीं कर सकता, जिसके पास सब्र की ताकत है"

धैर्य या सब्र ऐसी शक्ति है, जो किसी भी इंसान को परिस्थितियों का गुलाम बनने से बचाती है। दरअसल आज की दुनिया में हर कोई जल्दी सफलता, जल्दी पैसा और जल्दी परिणाम चाहता है। लेकिन प्रकृति का नियम है कि बड़ी उपलब्धियां समय मांगती हैं। एक बीज को वृक्ष बनने में वर्षों लगते हैं, नदी को अपना रास्ता बनाने में समय लगता है और इंसान को अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए संघर्षों से गुजरना पड़ता है। ऐसे समय में जो व्यक्ति धैर्य बनाए रखता है, वही अंततः सफल होता है।

सब्र का अर्थ सिर्फ इंतजार करना नहीं है। असली सब्र वह है, जब कठिन परिस्थितियों में भी इंसान अपना विश्वास, मेहनत और सकारात्मक सोच नहीं छोड़ता। जब लोग हार मान लेते हैं, तब धैर्यवान व्यक्ति एक और कोशिश करता है। जब लोग गुस्से में फैसले लेते हैं, तब वह शांत रहकर सही अवसर का इंतजार करता है। यही गुण उसे दूसरों से अलग बनाता है।

इतिहास गवाह है कि दुनिया के अधिकांश सफल लोगों ने अपनी मंजिल एक दिन में हासिल नहीं की। उन्होंने असफलताओं, आलोचनाओं और मुश्किलों का सामना किया, लेकिन धैर्य नहीं खोया। उनकी जीत का सबसे बड़ा कारण उनकी प्रतिभा नहीं, बल्कि उनका सब्र था।

दरअसल, सब्र इंसान को मानसिक रूप से मजबूत बनाता है। यह उसे भावनाओं के बहाव में बहने से रोकता है और सही समय पर सही निर्णय लेने की क्षमता देता है। इसलिए कहा जा सकता है कि ताकत सिर्फ शरीर में नहीं, धैर्य में भी होती है। जिसके पास सब्र की शक्ति है, वह देर से ही सही, लेकिन जीवन की सबसे बड़ी जीत जरूर हासिल करता है।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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