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Parenting: बच्चों के लिए सबसे बेहतर टीचर साबित होते हैं पेरेंट्स के ये 5 गुण

Parenting Tips: माता-पिता हर दिन अपने बच्चों को कुछ न कुछ सिखा रहे होते हैं, चाहे वे जानबूझकर सिखाएं या नहीं।

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पेरेंट्स की आदतें बच्चों पर करती है बड़ा असर (Photo: iStock)

Parenting Tips: कहा जाता है कि बच्चे का पहला स्कूल उसका घर होता है और उसके पहले शिक्षक उसके माता-पिता। बच्चे किताबों से जितना सीखते हैं, उससे कहीं ज्यादा वे अपने आसपास के लोगों को देखकर सीखते हैं। उनकी बोलचाल, व्यवहार, सोच और आदतों पर माता-पिता की छाप गहरी होती है। यही वजह है कि पेरेंट्स के कुछ गुण बच्चों का भविष्य संवारने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। आइए जानते हैं ऐसे पांच गुणों के बारे में, जो बच्चों के लिए माता-पिता को सबसे अच्छा शिक्षक बना देते हैं।

धैर्य रखने की आदत

बच्चे एक ही सवाल कई बार पूछते हैं, गलती पर गलती करते हैं और कई बार आपकी बात नहीं भी मानते। ऐसे में धैर्य रखने वाले माता-पिता बच्चों को यह सिखाते हैं कि किसी भी समस्या का समाधान गुस्से से नहीं, समझदारी से निकाला जा सकता है। धैर्य बच्चों में आत्मविश्वास और सीखने की इच्छा को बढ़ाता है।

खुद उदाहरण बनकर सिखाना

बच्चे सुनने से ज्यादा देखकर सीखते हैं। अगर माता-पिता दूसरों से सम्मानपूर्वक बात करते हैं, समय की पाबंदी रखते हैं और अपनी जिम्मेदारियां ईमानदारी से निभाते हैं, तो बच्चे भी इन्हीं आदतों को अपनाने लगते हैं। इसलिए बच्चों को अच्छे संस्कार देने का सबसे प्रभावी तरीका खुदपर उनको लागू करना है।

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खुलकर बात करने की कला

जिन घरों में बच्चे अपनी बात बिना डर के कह पाते हैं, वहां उनका भावनात्मक विकास बेहतर होता है। खुले संवाद की आदत बच्चों को अपनी भावनाओं को समझने और व्यक्त करने में मदद करती है। ऐसे बच्चे भविष्य में समस्याओं का सामना अधिक आत्मविश्वास के साथ कर पाते हैं।

गलतियों से सीखना

कई माता-पिता बच्चों की छोटी-छोटी गलतियों पर डांटने लगते हैं। वहीं, अच्छे शिक्षक की तरह व्यवहार करने वाले पेरेंट्स गलतियों को सीखने की प्रक्रिया का हिस्सा मानते हैं। वे बच्चों को यह समझाते हैं कि असफल होना बुरा नहीं है, उससे सीखकर आगे बढ़ना महत्वपूर्ण है। यह दृष्टिकोण बच्चों में सकारात्मक सोच विकसित करता है।

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सहानुभूति और प्यार दिखाना

पढ़ाई और अनुशासन जरूरी हैं, लेकिन प्यार और भावनात्मक सुरक्षा उससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। जब बच्चे महसूस करते हैं कि उनके माता-पिता उन्हें समझते हैं और हर परिस्थिति में उनका साथ देंगे, तो उनमें आत्मविश्वास बढ़ता है। सहानुभूति बच्चों को दूसरों की भावनाओं को समझने और बेहतर इंसान बनने में भी मदद करती है।

माता-पिता को यह याद रखना चाहिए कि वे हर दिन अपने बच्चों को कुछ न कुछ सिखा रहे होते हैं, चाहे वे जानबूझकर सिखाएं या नहीं। बच्चों के सामने उनका व्यवहार, प्रतिक्रियाएं और जीवन जीने का तरीका ही सबसे बड़ा पाठ बन जाता है।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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