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गांधी जयंती पर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन पर पुलिस ने लगाया ब्रेक, जंतर-मंतर से नई दिल्ली तक CAPF तैनात, धारा 163 लागू

Delhi News: दिल्ली पुलिस ने गांधी जयंती पर जंतर-मंतर पर प्रस्तावित CEC ज्ञानेश कुमार विरोध प्रदर्शन को अनुमति देने से इनकार कर दिया है। प्रदर्शन में हजारों लोगों के जुटने की आशंका के बीच जंतर-मंतर और नई दिल्ली के प्रमुख इलाकों में सुरक्षा बढ़ाते हुए CAPF जवानों की तैनाती की गई है। वहीं, BNSS की धारा 163 लागू होने के कारण पांच या उससे अधिक लोगों के जमावड़े पर रोक है और पुलिस ने बैरिकेडिंग के साथ निगरानी बढ़ा दी है।

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गांधी जयंती पर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की तैयारी, पुलिस ने नहीं दी इजाजत

Photo : PTI

Delhi News: दिल्ली पुलिस ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ गांधी जयंती पर जंतर मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन की अनुमति देने से गुरुवार को इनकार कर दिया और नई दिल्ली तथा उसके आसपास सुरक्षा बढ़ा दी। जंतर-मंतर पर भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के कर्मियों को तैनात किया गया है।

पुलिस सूत्रों ने संभावना जताई कि विरोध प्रदर्शन के लिए लगभग 3,000 से 4,000 लोग आ सकते हैं और इसके मद्देनजर पूरे इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। गौरतलब है कि दिल्ली के पार्लियामेंट और जंतर मंतर इलाके में BNSS की धारा 163 लागू है, ऐसे में अगर पांच या अधिक लोगों का जमावड़ा होता है तो ये गैर कानूनी होगा। मतदाता सूचियों में अनियमितताओं के आरोपों को लेकर सीईसी कुमार पर महाभियोग चलाने की मांग को लेकर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आईसा), राज्यसभा सदस्य मनोज झा और उच्चतम न्यायालय के वकील प्रशांत भूषण ने इस प्रदर्शन को आहूत किया है।

जंतर मंतर और नई दिल्ली की प्रमुख जगहों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई

सूत्रों ने बताया कि आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं, भारतीय युवा कांग्रेस (आईवाईसी) के सदस्यों और अन्य लोगों के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के शुक्रवार को इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की उम्मीद नहीं है। जंतर मंतर और नई दिल्ली जिले के प्रमुख स्थलों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है, जहां दिल्ली पुलिस की टीमों के साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) कर्मियों को तैनात किया गया है।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि आवाजाही को नियंत्रित करने और लोगों को अनधिकृत रूप से जुटने से रोकने के लिए बैरिकेड लगाए गए हैं तथा प्रवेश एवं निकास बिंदुओं व अन्य संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त कर्मियों को तैनात किया गया है। इससे एक दिन पहले सामाजिक कार्यकर्ताओं और छात्र नेताओं ने दो अक्टूबर को सुबह 11 बजे जंतर मंतर पर एक प्रदर्शन आयोजित करने की घोषणा की थी।

मनीष सिसोदिया ने की लोगों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील

आयोजकों ने मतदाता सूचियों और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कवायद पर निर्वाचन आयोग के रूख पर चिंता व्यक्त की और आरोप लगाया है कि इसने नागरिकों के मताधिकारों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी X पर लोगों से इस प्रदर्शन में शामिल होने का आग्रह किया। उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा, "ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के लिए दो अक्टूबर को जंतर मंतर आएं। वरना आज वोट देने का अधिकार छीना जा रहा है, कल बाकी सारे अधिकार भी छीन लिए जाएंगे।"

आईसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा, भूषण और झा ने बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए विरोध प्रदर्शन की घोषणा की थी और कुमार के इस्तीफे की अपनी मांग दोहराई थी। बोरा ने कहा कि आयोजकों ने संसद मार्ग थाने को प्रस्तावित प्रदर्शन के बारे में सूचित कर दिया था, जिसमें संभावित उपस्थिति, समय और कार्यक्रम के आयोजन के लिए जिम्मेदार लोगों का विवरण शामिल था। CJP ने भी इस मुद्दे पर दो अक्टूबर को मुंबई में विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। अनुमति न मिलने के बाद उसने "जेल भरो आंदोलन" का आह्वान किया है।

Abhishek Raj
अभिषेक राजauthor

मैं अभिषेक राज वर्तमान में टाइम्स नाउ नवभारत में सीनियर रिपोर्टर के पद पर कार्यरत हूँ, मैं टाइम्स नाउ नवभारत के लिए national crime इंवेस्टिगेशन और स्पेशल स्टोरी का काम देखता हूं। इससे पहले मैं ZEE न्यूज़ में crime और इन्वेस्टीगेशन विभाग में रिपोर्टर के पद पर तैनात था. मैंने ऑपरेशन मुख्यमंत्री, ऑपरेशन धर्ममंत्रण के स्लीपर सेल, ऑपरेशन किसान आंदोलन जीवी, श्रद्धा मर्डर केस, तुनिषा शर्मा आत्महत्या केस, हिमाचल बाढ़ त्रासदी, एल्विश यादव केस आदि जैसी कई स्टोरीज़ की हैं।

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