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तड़के में बेसन डालने से क्या होता है, दाल के तड़के में बेसन कब और क्यों डालना चाहिए

तड़के में सिर्फ एक चम्मच बेसन डालने से दाल और सब्जी का स्वाद कई गुना बढ़ जाता है। देखें आखिर तड़के में बेसन डालने से क्या होता है।दाल के तड़के में बेसन कब और क्यों डालना चाहिए।

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तड़के में बेसन डालने से क्या होता है

Tadke me besan kyon dala jata hai: क्या आपने कभी सोचा है कि कई घरों में दाल या सब्जी का स्वाद इतना खास क्यों लगता है? इसका राज सिर्फ मसालों में नहीं, बल्कि तड़के में डाले जाने वाले एक चम्मच बेसन में छिपा होता है। दादी-नानी के जमाने से चला आ रहा यह देसी तरीका खाने का स्वाद, खुशबू और टेक्सचर तीनों बदल देता है। जब बेसन तड़के में हल्का भुनता है, तो उसकी खुशबू पूरे खाने में घुल जाती है और दाल या ग्रेवी को गाढ़ापन भी मिलता है। यही छोटा सा ट्रिक साधारण खाने को भी बेहद स्वादिष्ट बना देता है।

दाल के तड़के में बेसन क्यों डाला जाता है

साधारण सी फीकी दाल में भी अगर आप बेसन का तड़का लगा देंगे, तो स्वाद दुगना हो जाएगा। बता दें कि, जब बेसन को हल्का सा भुना जाता है, तो वह तड़के को थोड़ा गाढ़ा बना देता है। इससे दाल की ग्रेवी अलग नहीं पड़ती और उसका टेक्सचर स्मूद बना रहता है। इसके अलावा, बेसन तेल और मसालों को अच्छे से आपस में मिला देता ह। भुने हुए बेसन से एक हल्की सी खुशबू भी आती है, जो दाल के स्वाद को और ज्यादा टेस्टी बना देती है।

Besan in Dal Tadka

Besan in Dal Tadka

किन दालों में किया जाता है बेसन का इस्तेमाल

मूंग दाल, तूर दाल या मसूर दाल जैसी रोज खाने वाली दालों में जब थोड़ा सा बेसन डाला जाता है। बेसन दाल को हल्का गाढ़ा बनाता है, जिससे उसका स्वाद तुरंत बदल जाता है। इससे दाल पतली या पानी जैसी नहीं लगती। जब बेसन तड़के में हल्का सा भुनता है, तो दाल में एक हल्की नट्टी खुशबू आ जाती है, जिससे सादा खाना भी ज्यादा टेस्टी लगने लगता है। न केवल दाल बल्कि पालक, मेथी, पत्ता गोभी, टिंडे, लौकी तो भिंडी आदि जैसी सब्जियों को बनाने में भी बेसन यूज किया जाता है। बेसन का तड़का किसी भी सब्जी या दाल के स्वाद को बढ़ा सकता है।

Besan Bhindi

Besan Bhindi

छाछ वाली सब्जियों में बेसन जरूरी

कई सारी ऐसी सब्जियां होती हैं, जिन्हें बनाने में छाछ डलती है। छाछ गर्म करने पर कभी-कभी फटने लगती है या पानी और दही अलग-अलग दिखने लगते हैं।जिससे सब्जी का स्वाद और रूप दोनों खराब हो जाते हैं। ऐसे में बेसन एक तरह का नेचुरल गाढ़ी ग्रेवी की तरह काम करता है। अगर बेसन न डाला जाए, तो छाछ जल्दी अलग हो सकती है और सब्जी का टेक्सचर टूट सकता है। इसलिए बेसन डालने से यह डिश ज्यादा स्वादिष्ट और संतुलित बनी रहती है।

यह लेख मुख्य रूप से गौरांगी ने लिखा है, जो टाइम्स नाऊ नवभारत के साथ बतौर इंर्टन काम कर रही हैं।

Avni Bagrola
अवनि बागरोलाauthor

अवनी बागरोला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के लाइफस्टाइल सेक्शन में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। फैशन, ब्यूटी, ट्रेंड्स, पर्सनल स्टाइलिंग और आधुनिक जीवनशैली से जुड़े कंटेंट पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें युवा और स्टाइल-सेवी ऑडियंस के बीच खास पहचान दिलाती है। अवनी की लेखन शैली सरल, ट्रेंडी और यूज़र-फ्रेंडली है, जो पाठकों को तेजी से बदलते फैशन व लाइफस्टाइल ट्रेंड्स को समझने में मदद करती है। अब तक 2,500 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुकी अवनी क्रिएटिव अप्रोच, अपडेटेड नॉलेज और रियल-टाइम ट्रेंड सेंस के लिए जानी जाती हैं।

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