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Relationship: दूसरी शादी में कभी ना करें ये एक गलती, टूट सकता है रिश्ता

दूसरी शादी का मतलब सिर्फ नया जीवनसाथी नहीं, नई सोच और नई शुरुआत भी है। अगर आप हर पल अतीत की तुलना करने के बजाय वर्तमान को स्वीकार करेंगे, तो रिश्ता ज्यादा सहज और मजबूत बनेगा।

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दूसरी शादी पर ये एक गलती पड़ जाती है भारी (Photo: iStock)

Relationship Tips: शादी और तलाक एक ही सिक्के के दो पहलू की तरह होते हैं। दो लोग शादी करते हैं, जिंदगी के सफर पर साथ निकलते हैं, सफर सही ना रहे तो तलाक लेकर अलग हो जाते हैं। तलाक के बाद कुछ लोग शादी से दूर हो जाते हैं तो कुछ फिर से घर बसाते हैं। दूसरी शादी को नई शुरुआत की तरह लेते हैं। दूसरी शादी में उम्मीदें भी होती हैं और पिछली गलतियों से सीखने का मौका भी।

जब हम खुद को दूसरा मौका देते हैं और वैवाहिक जीवन फिर से शुरु करते हैं तो हमें एक चीज करने से हमेशा बचना चाहिए। आइए जानते हैं दूसरी शादी में हमारी कौन सी आदत रिश्ते को खत्म कर सकती है:

रिलेशनशिप एक्सपर्ट्स के मुताबिक दूसरी शादी में सबसे बड़ी गलती साबित होती है- अपने नए रिश्ते की लगातार पहली शादी से तुलना करना। कई बार ये तुलना हमारे मन में होती है और कई बार हम अपने पार्टनर के सामने कर देते हैं। दोनों ही मामलों में ये रिश्ते के लिए घातक साबित होता है।

तुलना क्यों बन जाती है परेशानी?

हर रिश्ता अलग होता है। हर व्यक्ति का स्वभाव, सोच और जीवन जीने का तरीका भी अलग होता है। अगर आप बार-बार अपने नए पार्टनर की तुलना पुराने जीवनसाथी से करेंगे, तो सामने वाले को यह महसूस हो सकता है कि आपने अभी तक अतीत को पूरी तरह पीछे नहीं छोड़ा है। ये बातें रिश्ते में दूरी पैदा कर सकती हैं।

अतीत से सीखें, उसमें जीएं नहीं

पहली शादी के अनुभव आपको बेहतर इंसान बना सकते हैं, लेकिन उन्हें हर समय वर्तमान पर हावी नहीं होने देना चाहिए। पिछली गलतियों से सबक लेना अच्छी बात है, लेकिन हर नए फैसले को पुराने अनुभवों के चश्मे से देखना सही नहीं। नई शादी को अपने तरीके से आगे बढ़ने का मौका दें। हर रिश्ते की अपनी गति और अपनी खूबसूरती होती है।

भरोसा बनाने में जल्दबाजी न करें

कई लोग पहली शादी के बुरे अनुभवों की वजह से नए रिश्ते में भी जल्दी भरोसा नहीं कर पाते। वहीं कुछ लोग बहुत जल्दी उम्मीदें पाल लेते हैं। दोनों ही स्थितियां रिश्ते पर दबाव डाल सकती हैं। विश्वास समय के साथ बनता है। इसलिए अपने साथी को समझने और रिश्ते को मजबूत होने का समय दें।

वर्तमान को दें सबसे ज्यादा अहमियत

दूसरी शादी का मतलब सिर्फ नया जीवनसाथी नहीं, नई सोच और नई शुरुआत भी है। अगर आप हर पल अतीत की तुलना करने के बजाय वर्तमान को स्वीकार करेंगे, तो रिश्ता ज्यादा सहज और मजबूत बनेगा।

एक्सपर्ट्स भी कहते हैं कि दूसरी शादी की सफलता इस बात पर निर्भर नहीं करती कि पहली शादी क्यों टूटी थी, बल्कि इस पर निर्भर करती है कि आप नए रिश्ते को कितनी ईमानदारी, सम्मान और भरोसे के साथ निभाते हैं।

Suneet Singh
सुनीत सिंह author

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे ... और देखें

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