Caliber Mining IPO Review: अगर आप इस हफ्ते किसी IPO में निवेश करने की सोच रहे हैं तो Caliber Mining & Logistics IPO आपके रडार पर जरूर होगा। इसकी वजह सिर्फ ग्रे मार्केट में 24% का प्रीमियम नहीं है, बल्कि कंपनी का ₹9,551 करोड़ का मजबूत ऑर्डर बुक और लगातार बढ़ता कारोबार भी है। यही कारण है कि SBI Securities ने इस IPO पर 'Subscribe' की रेटिंग दी है। हालांकि, निवेश से पहले कंपनी की ताकत और जोखिम दोनों को समझना जरूरी है।
पहले जानिए IPO की पूरी डिटेल
Caliber Mining IPO 17 जुलाई से 21 जुलाई 2026 तक खुला है। कंपनी ₹450 करोड़ जुटा रही है, जिसमें ₹400 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹50 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है। प्राइस बैंड ₹402-₹424 प्रति शेयर तय किया गया है। एक लॉट में 35 शेयर हैं और रिटेल निवेशक को कम से कम ₹14,840 का निवेश करना होगा। पहले ही दिन इश्यू पूरा सब्सक्राइब हो गया है।
GMP क्या बता रहा है?
दमदार सब्सक्रिप्शन के साथ ही इश्यू को ग्रे मार्केट में भी निवेशकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। इस IPO का GMP करीब ₹102 चल रहा है। ऊपरी प्राइस बैंड ₹424 के हिसाब से संभावित लिस्टिंग प्राइस लगभग ₹526 बनती है। यानी मौजूदा संकेतों के हिसाब से करीब 24% लिस्टिंग प्रीमियम मिल सकता है। हालांकि, GMP अनौपचारिक बाजार का संकेत है और इसमें रोज बदलाव होता है।
कंपनी क्या करती है?
Caliber Mining & Logistics सिर्फ कोयला निकालने वाली कंपनी नहीं है। यह एक इंटीग्रेटेड माइनिंग और लॉजिस्टिक्स सर्विस प्रोवाइडर है। कंपनी कोयला खनन, ओवरबर्डन (OB) हटाने, कोयला लोडिंग-अनलोडिंग, सड़क परिवहन, रेल समन्वय और कोयला ट्रेडिंग जैसी सेवाएं देती है। इसके प्रमुख ग्राहक Coal India की सहायक कंपनियां Western Coalfields (WCL) और Northern Coalfields (NCL) हैं।
₹9,551 करोड़ की ऑर्डर बुक
कंपनी के पास मई 2026 तक ₹9,551 करोड़ की मजबूत ऑर्डर है। इसमें करीब 96% हिस्सेदारी माइनिंग कॉन्ट्रैक्ट्स की है। इन ऑर्डर्स की अवधि 32 से 68 महीने तक है, जिससे आने वाले वर्षों के लिए कंपनी की आय का अच्छा अनुमान मिलता है।
लगातार बढ़ रही है कमाई
पिछले तीन वित्त वर्षों में कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत हुई है। वित्त वर्ष FY24 में कंपनी का रेवेन्यू ₹953 करोड़ और प्रॉफिट ₹96 करोड़ रहा था, जो FY26 में बढ़कर ₹1,678 करोड़ और ₹158 करोड़ हो गया। इसी दौरान EBITDA भी ₹243 करोड़ से बढ़कर ₹431 करोड़ हो गया। FY24 से FY26 के बीच कंपनी का रेवेन्यू, EBITDA और एडजस्टेड मुनाफा 30% से अधिक की वार्षिक दर (CAGR) से बढ़ा है।
IPO का पैसा कहां खर्च होगा?
फ्रेश इश्यू से जुटाई गई रकम में से ₹208 करोड़ कर्ज चुकाने में खर्च होंगे। इसके अलावा ₹167 करोड़ नए कमर्शियल वाहन, प्लांट और मशीनरी खरीदने में लगाए जाएंगे। कंपनी का कहना है कि इससे कर्ज घटेगा और परिचालन क्षमता बढ़ेगी। SBI Securities का अनुमान है कि कर्ज चुकाने के बाद कंपनी का Debt-to-Equity Ratio 1.6 गुना से घटकर 1 गुना से नीचे आ सकता है।
लेकिन ये जोखिम भी हैं
हालांकि कंपनी की स्थिति मजबूत दिखती है, लेकिन कुछ बड़े जोखिम भी हैं। SBI सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी के कुल रेवेन्यू का लगभग 85% Coal India की सहायक कंपनियों से आता है। इसके अलावा सिर्फ तीन बड़े ग्राहकों से करीब 90% आय होती है। ऐसे में कंपनी कारोबार और आय के सीमित स्रोतों पर निर्भर है। इसके अलावा डीजल की कीमत बढ़ने और माइनिंग से जुड़े नियामकीय बदलावों का प्रॉफिटेबलिटी पर असर पड़ सकता है।
SBI Securities की क्या राय है?
SBI Securities का मानना है कि कंपनी की मजबूत ऑर्डर बुक, लगातार बढ़ती कमाई, कर्ज कम करने की योजना और विस्तार की संभावनाओं को देखते हुए यह IPO आकर्षक है। ऊपरी प्राइस बैंड पर कंपनी का EV/EBITDA लगभग 7.7 गुना है, जिसे ब्रोकरेज ने उचित माना है। इसी आधार पर उसने निवेशकों को 'Subscribe' करने की सलाह दी है।
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डिस्क्लेमर: TimesNow Navbharat किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।
