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डांटने से नहीं छूटेगी पेंसिल चबाने की आदत, पेरेंट्स करें ये स्मार्ट काम

Pencil Chewing: अगर आपका बच्चा बार-बार पेंसिल चबाता है, तो सबसे पहले यह जानने की कोशिश करें कि वह ऐसा कब और क्यों करता है।

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बच्चे क्यों चबाते हैं पेंसिल (Photo: iStock)

बहुत से पेरेंट्स की शिकायत होती है कि बच्चा पढ़ते समय पेंसिल खूब चबाता है। शुरुआत में मात-पिता बच्चे की इस आदत को इग्नोर करते हैं लेकिन कई बार ये नरजंदाजगी मुसीबत बन जाती है। वैसे बच्चों का पेंसिल चबाना आम है लेकिन अगर ये समस्या या लत का रूप ले ले तो वह सामान्य बात नहीं है। इस कारण से सही समय पर बच्चों की ये आदत छुड़ानी जरूरी है। ऐसे में बच्चों को डांटने या सजा देने के बजाय यह समझना जरूरी है कि वे ऐसा क्यों कर रहे हैं और इस आदत को कैसे छुड़ाया जा सकता है।

आखिर बच्चे पेंसिल क्यों चबाते हैं?

विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चे कई कारणों से पेंसिल चबाते हैं। कुछ बच्चे तनाव, चिंता या बोरियत के कारण ऐसा करते हैं। वहीं कुछ बच्चों को किसी चीज को मुंह में रखने या चबाने से सुकून महसूस होता है। कई बार जाने-अनजाने यह आदत और रूटीन का हिस्सा बन जाती है।

अगर आपका बच्चा बार-बार पेंसिल चबाता है, तो सबसे पहले यह जानने की कोशिश करें कि वह ऐसा कब और क्यों करता है। क्या वह होमवर्क करते समय ऐसा करता है? क्या परीक्षा या पढ़ाई का दबाव है? कारण समझने से समाधान निकालना आसान हो जाता है।

कैसे छुड़ाएं आदत

बच्चे को बार-बार रोकने-टोकने के बजाय उसे कोई विकल्प दें। छोटे बच्चों के लिए चबाने वाले सुरक्षित सिलिकॉन टूल या हेल्दी स्नैक्स जैसे गाजर, खीरा या सेब के टुकड़े मददगार हो सकते हैं। इससे उसकी चबाने की जरूरत पूरी हो जाती है।

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तनाव कम करने में करें मदद

यदि बच्चा चिंता या तनाव के कारण पेंसिल चबा रहा है, तो उसकी दिनचर्या पर ध्यान दें। खेलकूद, आउटडोर एक्टिविटी, ड्राइंग, म्यूजिक या परिवार के साथ समय बिताना तनाव कम करने में मदद कर सकता है। बच्चे से खुलकर बात करना भी जरूरी है।

अच्छी आदतों की तारीफ करें

जब बच्चा बिना पेंसिल चबाए पढ़ाई करे, तो उसकी प्रशंसा करें। सकारात्मक प्रोत्साहन बच्चों में नई आदतें विकसित करने का सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है। बार-बार टोकने के बजाय अच्छे व्यवहार को सराहें।

पेंसिल को आकर्षक न बनने दें

कुछ बच्चे रंगीन रबर या खुशबूदार पेंसिल की वजह से भी उन्हें मुंह में डालते हैं। ऐसे में साधारण पेंसिल का इस्तेमाल करने से आदत कम हो सकती है।

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कब लें विशेषज्ञ की सलाह?

अगर बच्चा केवल पेंसिल ही नहीं, रबर, कपड़े, कागज या दूसरी चीजें भी लगातार मुंह में डालता है, तो बाल रोग विशेषज्ञ या चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट से सलाह लेना बेहतर होगा।

बतौर पेरेंट्स हमें समझना होगा कि बच्चों में पेंसिल चबाने की आदत आम है, लेकिन सही मार्गदर्शन और धैर्य के साथ इसे आसानी से बदला जा सकता है। क्योंकि बच्चे आदतें धीरे-धीरे बनाते हैं और उन्हें छोड़ने में भी समय लगता है। इसलिए प्यार और समझदारी से काम लेना सबसे अच्छा उपाय है।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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