लाइफस्टाइल

क्या रमजान के दौरान ब्रश करने से टूट जाता है रोजा, जानें Ramadan से जुड़े ये मिथक

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 25, 2023, 12:58 PM IST

Ramadan Myth: रमजान का पाक महीना शुरू हो चुका है जिसमें दुनियाभर के मुसलमान रोजा रखते हैं। इसे लेकर हर किसी के मन में कोई ना कोई सवाल रहता ही है कि रोजे में क्या करना चाहिए क्या नहीं। आइये जानते हैं कुछ ऐसी ही बातें जिनको लेकर बहुत से सवाल उठते रहते हैं—

Image

क्या रमजान के दौरान ब्रश करने से टूट जाता है रोजा, जानें Ramadan से जुड़े ये मिथक

इस्लाम को मानने वाले लोग रमजान को अल्लाह या खुदा की इबादत का महीना कहते हैं। इस्लाम में इसे सबसे पवित्र महीना माना गया है लेकिन बहुत से लोग इसे केवल खाना-पीना छोड़ देना ही समझते हैं। रोजा का मतलब केवल खाना-पीना छोड़ना भर नहीं है। इस्लाम को जानने वाले लोग बताते हैं कि रमजान का पूरा महीना एक बेहतर इंसान बनने का लगातार अभ्यास है। रमजान के महीने में रोजा दिन के पहले पहर (सहरी) से शुरू हो जाता है और दिन के अंतिम पहर सूर्यास्त (इफ्तार) पर खत्म होता है। इस दौरान रोजेदार अन्न-जल ग्रहण नहीं करते हैं। रोजा को लेकर हमारे सामने कई तरह के भ्रम आते रहते हैं। कई ऐसे मिथक और धारणाएं हैं जिन पर लोगों की राय अलग-अलग दिखाई पड़ती है। ऐसे ही एक मिथक के बारे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं—

क्या रमजान में ब्रश करने से रोजा टूट जाता है?

अधिकांश इस्लाम के जानकार इस बात से असहमत रहते हैं कि रोजा के दौरान दांतों को ब्रश करने से रोजा टूट जाता है। वे इसके साथ ही कहते हैं कि रोजे के दौरान हमें ब्रश करते समय सावधानी बरतनी चाहिए कि कोई टूटपेस्ट का टुकड़ा हम निगल ना जाएं। यदि आप सावधानी से टूथपेस्ट करते हैं और ब्रश करने के बाद अच्छे से कुल्ला कर लेते हैं तो रोजे के दौरान ब्रश करना एकदम सही है। यदि आप रोजे के दौरान अपने दांतों की सफाई को लेकर चिंता में हैं तो इन तरीकों को फॉलो कर अपने दांतों को रख सकते हैं साफ और मजबूत।

मिस्वाक की दांतुन

दुनिया भर के लोग हजारों सालों से अपने दांतों की सफाई के लिए ‘मिस्वाक’ पौधे की जड़ तथा टहनियों का प्रयोग करते आ रहे हैं। इसकी जड़ और टहनियों को दांतुन की तरह चबाकर प्रयोग किया जाता है। कई वैज्ञानिक शोध में सामने आया है कि मिस्वाक में एंटीवैक्टीरियल, एंटीफंगल और एंटीप्लांक जैसे गुण होते हैं जो हमारे दांतो की सफाई का काम टूथब्रश से भी बेहतर तरीके से करता है।

इफ्तार के बाद और सहरी से पहले कर लें ब्रश

रमजान के माह में आप अपने सहरी और इफ्तार से साथ-साथ अपने रात के खाने और सोने का समय भी तय करें। रोजे के दौरान ब्रश करने से बचें उसकी जगह आप सबुह सहरी से पहले और रात को इफ्तार के बाद ब्रश कर सकें तो ये आपके लिए सबसे अच्छा रहेगा।

सहरी और इफ्तार लें बैलेंस डाइट

रमजान में रोजे के अलावा अतिरिक्त समय में पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं जिसे आपको रोजे के दौरान डिहाईड्रेशन की समस्या का सामना ना करना पड़े। इफ्तार और सहरी में अधिक मसालेदार और चाय, कॉफी जैसे खाद्य पदार्थों को खाने से बचें। बल्कि सहरी और इफ्तार की डाइट में अधिक मात्रा में फल, सब्जियां और ड्राईफ्रूट्स शामिल हों जिससे हमारे शरीर को प्रोटीन और विटामिन्स की पूर्ति होती रहे।

टाइम्स नाउ नवभारत
टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलauthor

अक्टूबर 2017 में डिजिटल न्यूज़ की दुनिया में कदम रखने वाला टाइम्स नाउ नवभारत अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। अपने न्यूज चैनल टाइम्स नाउ नवभारत की सोच एवं नजरिए के साथ आगे बढ़ते हुए यह न्यूज़ प्लेटफॉर्म आम लोगों से जुड़े मुद्दों का गहराई से विश्लेषण एवं उसे आसान भाषा में पेश करता आया है। राजनीति से लेकर खेल, मनोरंजन, कारोबार और आम लोगों के जीवन पर असर डालने वालीं खबरों का मायने समझाते हुए यह डिजिटल प्लेटफॉर्म लोगों के भरोसे पर खरा उतरा है। \n\nसाथ ही यह अपने न्यूज़ चैनल पर दिखाए जाने वाली खबरों, शोज, स्पशेल कार्यक्रमों एवं रिपोर्टों को पेश करता है। चैनल के ये कार्यक्रम एवं शोज देश-दुनिया के घटनाक्रमों पर एक नया एवं विश्वसनीय नजरिया देते हैं। अपनी खबरों एवं विश्लेषण के चलते पसंदीदा न्यूज़ प्लेटफॉर्म बन चुका टाइम्स नाउ नवभारत, डिजिटल लोगों के भरोसे को लगातार मजबूत कर रहा है।

और पढ़ें
End of Article