Snake Plant Care Tips in Hindi: स्नेक प्लांट को ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं पड़ती। शायद यही वजह है कि बहुत से लोग अपना छोटा-सा इनडोर गार्डन इसी पौधे से शुरू करते हैं। लेकिन आसान होने का मतलब यह नहीं कि इसे कहीं भी रखकर बार-बार पानी दिया जाए। गमले में रुका पानी, गलत मिट्टी और रोशनी की कमी इसकी पत्तियों को पीला और मुलायम बना सकती है। गार्डनिंग एक्सपर्ट और Garden Up की फाउंडर एकता चौधरी से समझें स्नेक प्लांट उगाने और इसकी नई पौध तैयार करने का सही तरीका।
घर में पौधा लगाने का मन है, लेकिन उसकी रोज देखभाल करने का समय नहीं मिलता तो स्नेक प्लांट अच्छा विकल्प हो सकता है। इसकी सीधी, हरी और पैटर्न वाली पत्तियां कमरे के खाली कोने को तुरंत खूबसूरत बना देती हैं। यह बेडरूम से लेकर ऑफिस डेस्क तक लगभग हर जगह फिट हो जाता है।
इसके बावजूद कई घरों में स्नेक प्लांट लगाने के कुछ समय बाद उसकी पत्तियां नीचे झुकने लगती हैं। कभी जड़ें सड़ जाती हैं तो कभी पौधे की ग्रोथ रुक जाती है। Garden Up के वीडियो में एकता चौधरी ने स्नेक प्लांट की देखभाल, मिट्टी, पानी और इसे फैलाने यानी प्रोपेगेट करने से जुड़ी जरूरी बातें बताई हैं।
स्नेक प्लांट को कितनी धूप चाहिए
स्नेक प्लांट कम रोशनी में जिंदा रह सकता है, लेकिन अच्छी ग्रोथ के लिए इसे सनलाइट की जरूरत होगी ही। इसे ऐसी जगह पर रखें, जहां तेज रोशनी हो लेकिन सीधे इस पर ना आती हो। तभी खिड़की के पास की जगह इसके लिए अच्छी मानी जाती है।
सुबह की हल्की धूप पौधे को दी जा सकती है। लेकिन दोपहर की तेज धूप में लंबे समय तक रखने से पत्तियां झुलस सकती हैं। कम रोशनी वाले कमरे में रखा पौधा धीरे बढ़ेगा और उसके पत्तों का रंग भी फीका पड़ सकता है।
स्नेक प्लांट में पानी कब डालें
स्नेक प्लांट के साथ सबसे आम गलती जरूरत से ज्यादा पानी देने की होती है। इसकी मोटी पत्तियां अपने भीतर पानी जमा करके रखती हैं। इसलिए इसे हर दिन या तय तारीख देखकर पानी देने की जरूरत नहीं होती।
पानी डालने से पहले उंगली से मिट्टी की ऊपरी सतह जांचें। मिट्टी पूरी तरह सूखी महसूस हो, तभी पानी दें। सर्दियों और बरसात में पानी देने के बीच का अंतर और बढ़ाया जा सकता है।
| मौसम | पानी देने का सामान्य तरीका |
|---|---|
| गर्मी | मिट्टी पूरी सूखने के बाद पानी दें |
| सर्दी | बहुत कम पानी की जरूरत होती है |
| बरसात | नमी जांचकर ही पानी दें |
| घर के अंदर | तय दिनों के बजाय मिट्टी देखकर पानी दें |
यह अंतराल घर के तापमान, रोशनी, गमले के आकार और मिट्टी के अनुसार बदल सकता है। इसलिए सात या दस दिन का एक नियम सभी पौधों पर लागू नहीं होता।
स्नेक प्लांट के लिए कैसी मिट्टी होनी चाहिए
इस पौधे को ऐसी मिट्टी चाहिए, जिसमें पानी रुकता न हो। सामान्य चिकनी गार्डन मिट्टी में लगाने पर पानी जड़ों के आसपास जमा रह सकता है जिससे पौधे की जड़ें सड़ सकती हैं। मिट्टी को हल्का और हवादार बनाने के लिए उसमें मोटी रेत, परलाइट, कोकोपीट या कंपोस्ट मिलाया जा सकता है। सक्युलेंट और कैक्टस के लिए मिलने वाला पॉटिंग मिक्स भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
गमला चुनते समय उसके नीचे ड्रेनेज होल जरूर देखें। बिना छेद वाला खूबसूरत पॉट अच्छा सजावटी कवर हो सकता है, लेकिन पौधे को सीधे उसमें लगाना नुकसान पहुंचा सकता है।
स्नेक प्लांट की पत्तियां पीली क्यों पड़ती हैं
पत्तियों का पीला होना अक्सर पौधे द्वारा दिया गया संकेत है। इसका कारण समझे बिना केवल पत्ती काट देना समस्या का समाधान नहीं है।
स्नेक प्लांट की पत्तियां पीली होने के प्रमुख कारण:
- जरूरत से ज्यादा पानी देना
- गमले में पानी जमा रहना
- बहुत भारी मिट्टी का इस्तेमाल
- जड़ों का सड़ना
- अचानक बहुत तेज धूप में रखना
- लंबे समय तक बिल्कुल अंधेरे स्थान पर रखना
यदि पत्ती नीचे से मुलायम और गीली महसूस हो रही है तो ओवरवॉटरिंग की आशंका ज्यादा है। पौधे को गमले से बाहर निकालकर जड़ों की जांच करें। सड़े हिस्से हटाएं और इसे सूखी, अच्छी ड्रेनेज वाली मिट्टी में दोबारा लगाएं।
स्नेक प्लांट को घना कैसे बनाएं
एक ही पत्ती लगातार लंबी होती रहेगी, लेकिन उसे काटने से उसी स्थान से दो नई शाखाएं नहीं निकलेंगी। स्नेक प्लांट का फैलाव मुख्य रूप से मिट्टी के अंदर मौजूद राइजोम और नए पप्स से होता है।
पौधे को घना बनाने के लिए उसे पर्याप्त अप्रत्यक्ष रोशनी दें। गमला बहुत बड़ा न रखें और बार-बार उसकी जगह न बदलें। एक्टिव ग्रोइंग सीजन में हल्की मात्रा में संतुलित खाद दी जा सकती है। जरूरत से ज्यादा खाद देने पर पौधा तेजी से बढ़ने के बजाय कमजोर हो सकता है।
स्नेक प्लांट की कटिंग कैसे लगाएं
स्नेक प्लांट को लीफ कटिंग से उगाया जा सकता है। इसके लिए एक हेल्दी और पूरी तरह विकसित पत्ती चुनें। उसे साफ कैंची से कुछ हिस्सों में काट लें। हर टुकड़े का नीचे वाला हिस्सा पहचानकर रखें, क्योंकि उल्टा लगाने पर जड़ बनने की संभावना कम हो सकती है।
कटिंग लगाने का आसान तरीका:
- हेल्दी पत्ती को साफ कैंची से काटें।
- पत्ती को लगभग तीन से चार इंच के टुकड़ों में बांट लें।
- कटे हुए हिस्सों को कुछ समय सूखने दें।
- नीचे वाले हिस्से को हल्के पॉटिंग मिक्स में लगाएं।
- मिट्टी को हल्का नम रखें, गीला नहीं।
- गमले को तेज अप्रत्यक्ष रोशनी वाली जगह पर रखें।
कटिंग से जड़ें और नए पत्ते निकलने में समय लग सकता है। इसलिए हर कुछ दिन बाद उसे खींचकर देखने से बचें। वैरिगेटेड स्नेक प्लांट को पत्ती से उगाने पर नए पौधे में वही पीला या हल्का बॉर्डर बना रहे, यह जरूरी नहीं। ऐसे पौधों के लिए जड़ों और पप्स को अलग करके लगाना बेहतर तरीका हो सकता है।
पौधे के बढ़ने पर कब बदलें गमला
पौधे की ग्रोथ के साथ जब जड़ें ड्रेनेज होल से बाहर आने लगें, गमला टेढ़ा होने लगे या मिट्टी बहुत जल्दी सूखने लगे, तब पौधे को रिपॉट किया जा सकता है। नया गमला पुराने गमले से केवल एक साइज बड़ा रखें। बहुत बड़े गमले में अतिरिक्त मिट्टी लंबे समय तक गीली रह सकती है।
स्नेक प्लांट को संभालने का सबसे आसान मंत्र है- अच्छी रोशनी, कम पानी और जल्दी सूखने वाली मिट्टी। इसकी देखभाल में बहुत कुछ करने से ज्यादा जरूरी है सही समय पर सही काम करना। पौधे को थोड़ा समय और स्थिर वातावरण दें। धीरे-धीरे नए पप्स निकलेंगे और एक अकेला पौधा घने हरे कोने में बदल जाएगा।
नोट: स्नेक प्लांट को छोटे बच्चों और पालतू जानवरों की पहुंच से दूर रखना बेहतर है, क्योंकि इसकी पत्तियां खाने पर परेशानी हो सकती है।
