Rain Shayari: देश की राजधानी दिल्ली में कई दिनों से जारी भीषण गर्मी के बीच कई इलाकों में मौसम का मिजाज बदला है। दिल्ली में जैसे ही तापमान का आंकड़ा 50 के पार पहुंचा, इंद्रदेव की कृपा बरसी और झमाझम बारिश होने लगी। अब बारिश भी भला किसे नहीं पसंद। बारिश में भीगने, खिड़की पर खड़े होकर नजारा देखने और चाय की चुस्कियां लेने का मजा ही कुछ और है। धरती पर जैसे-जैसे बरसात की बूंदें गिरती है, दिल झूमने लगता है। आइये इसी सुहाने मौसम पर आपको कुछ मजेदार शायरियां बताते हैं। ये शायरियां आप अपनी स्टोरी, व्हाट्सअप स्टेटस पर भी लगा सकते हैं।
1) अब भी बरसात की रातों में बदन टूटता है,
जाग उठती हैं अजब ख़्वाहिशें अंगड़ाई की।
2) मैं वो सहरा जिसे पानी की हवस ले डूबी,
तू वो बादल जो कभी टूट के बरसा ही नहीं।
3) बरसात का बादल तो दीवाना है क्या जाने,
किस राह से बचना है किस छत को भिगोना है।
4) अब भी बरसात की रातों में बदन टूटता है,
जाग उठती हैं अजब ख़्वाहिशें अंगड़ाई की।
5) दर-ओ-दीवार पे शक्लें सी बनाने आई,
फिर ये बारिश मिरी तंहाई चुराने आई।
6) बारिश शराब-ए-अर्श है ये सोच कर 'अदम',
बारिश के सब हुरूफ़ को उल्टा के पी गया।
7) कोई कमरे में आग तापता हो,
कोई बारिश में भीगता रह जाए।
8) याद आई वो पहली बारिश,
जब तुझे एक नज़र देखा था।
9) आज बारिश के मौसम भी सताने लगे हैं,
भीगने के बाद तुम जो याद आने लगे हो,
बादल ने मुझसे कहा यार मैं रो रहा हूं धरती के लिए,
और तुम मेरे आंसू में भीग कर जश्न मनाने लगे।
10) कच्चे मकान जितने थे बारिश में बह गए,
वर्ना जो मेरा दुख था वो दुख उम्र भर का था।
