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Parenting: हमेशा सुस्त रहता है बच्चा, जानें बच्चों को एक्टिव बनाने के लिए क्या करें

Parenting Tips: हर बच्चा अलग होता है। उसकी तुलना दूसरों से करने के बजाय ग्रोथ की उसकी रफ्तार को समझें। कुछ बच्चे जल्दी सीख जाते हैं और कुछ समय लेते हैं। बस हमेशा याद रखें कि सही दिनचर्या, संतुलित भोजन और प्यार भरा माहौल मिल जाए, तो सुस्त बच्चा भी धीरे-धीरे चुस्त और खुशमिजाज बन सकता है।

How to make child Active

जानें बच्चों को एक्टिव बनाने के लिए क्या करें (Photo: iStock)

Parenting Tips in Hindi: अगर आपका बच्चा हमेशा सुस्त, थका हुआ या अनमना सा दिखता है, तो इसे सिर्फ आलस समझकर नजरअंदाज करना ठीक नहीं है। बच्चों की सुस्ती कई बार उनकी दिनचर्या, खानपान, इमोशनल स्टेटस या दूसरी चीजों से जुड़ी होती है। ऐसे में किसी भी माता-पिता के लिए सबसे जरूरी है कि वह अपने बच्चों की सुस्ती का सही कारण समझे और उसे दूर करे। यहां हम आपको कुछ पेरेंटिंग टिप्स बता रहे हैं जिन्हें अपना कर आप अपने बच्चे को एक्टिव बना सकते हैं:

डेली रूटीन ठीक करें

बच्चों को एक्टिव बनाने की शुरुआत उनकी रोजमर्रा की दिनचर्या से होती है। अगर बच्चा देर रात तक जागता है और सुबह ठीक से नींद पूरी नहीं होती, तो उसका शरीर सुस्त रहेगा ही। 6 से 12 साल के बच्चों को कम से कम 9 से 11 घंटे की नींद जरूरी है। एक तय समय पर सोना और उठना उसकी ऊर्जा को संतुलित रखता है।

स्क्रीन टाइम कम करें

मोबाइल, टीवी और गेमिंग बच्चों को मानसिक रूप से थका देते हैं। बाहर खेलने के बजाय स्क्रीन से चिपके रहने वाले बच्चे शारीरिक रूप से कमजोर और सुस्त हो जाते हैं। रोज का स्क्रीन टाइम सीमित करें और उसकी जगह आउटडोर गेम्स, साइकिल चलाना या पार्क में दौड़ना शामिल करें।

खानपान पर ध्यान दें

सुस्ती का बड़ा कारण पोषण की कमी भी हो सकता है। जंक फूड और मीठी चीजें तुरंत ऊर्जा देती हैं, लेकिन जल्दी गिरा भी देती हैं। बच्चे की डाइट में फल, हरी सब्जियां, दाल, अंडा, दूध और ड्राई फ्रूट्स शामिल करें। आयरन और प्रोटीन की कमी भी थकान बढ़ा सकती है।

फन एक्टिविटी कराएं

बच्चे को एक्सरसाइज करो कहने से वह और भागेगा। उसकी जगह खेल-खेल में एक्टिविटी जोड़ें। डांस, योगा, रस्सी कूदना, क्रिकेट, बैडमिंटन या फिर कोई भी खेल जो उसे पसंद हो, वही करने दें। जब उसके मन की एक्टिविटी होगी, तो बच्चा खुद आगे आएगा।

बच्चे का इमोशनल स्टेटस समझें

कई बार बच्चा मानसिक दबाव, स्कूल स्ट्रेस या अकेलेपन की वजह से भी सुस्त हो जाता है। उससे रोज बात करें, उसकी बातें सुनें। प्यार और सपोर्ट मिलने पर बच्चा अंदर से मजबूत होता है और ऊर्जा खुद-ब-खुद लौट आती है।

पेरेंट्स इन बातों का जरूर रखें ध्यान

हर बच्चा अलग होता है। उसकी तुलना दूसरों से करने के बजाय ग्रोथ की उसकी रफ्तार को समझें। कुछ बच्चे जल्दी सीख जाते हैं और कुछ समय लेते हैं। बस हमेशा याद रखें कि सही दिनचर्या, संतुलित भोजन और प्यार भरा माहौल मिल जाए, तो सुस्त बच्चा भी धीरे-धीरे चुस्त और खुशमिजाज बन सकता है।

Suneet Singh
Suneet Singh author

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे ... और देखें

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