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‘मां के अपमान' पर क्या बोली देश की जनता? मुंबई, दिल्ली से लेकर देहरादून तक लोगों ने रखी अपनी राय

Rahul Gandhi Mimicry Controversy: इंदौर में कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री और मां के संदर्भ को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। बीजेपी ने इसे मां और मातृशक्ति के अपमान से जोड़ते हुए राहुल गांधी पर सवाल उठाए हैं। वहीं, इस मामले को लेकर मुंबई, देहरादून और दिल्ली के लोगों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं।

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'छात्रों की गूंज' क्रायक्रम में मां के अपमान मामले पर देशवासियों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं। AI IMAGE
Authored by: पीयूष कुमार
Updated Sep 21, 2026, 16:26 IST
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Rahul Gandhi Mimicry Controversy: जिस देश में मां को ईश्वर से भी ऊंचा दर्जा दिया गया हो, जहां ‘मातृ देवो भव’ केवल श्लोक नहीं, बल्कि हर भारतीय की रगों में दौड़ती हुई भावना है, उसी देश में जब वोट और सियासत की खातिर मां के नाम पर भद्दे मजाक गढ़े जाएं तो खामोश रहना नामुमकिन हो जाता है।

इंदौर में कांग्रेस द्वारा आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में जेन जी को साधने के नाम पर जिस तर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री और मां शब्द का जिस हल्केपन के साथ उपहास उड़ाया गया, मजाक बनाया गया, उसने देश में सियासी खलबली मचा दी है।

सवाल यही कि मंच पर मौजूद राहुल गांधी ने उस वक्त उस कॉमेडियन को रोका क्यों नहीं? जब मर्यादा तार-तार हो रही थी, तब मंच पर ठहाके क्यों लगाए जा रहे थे? उस फूहड़ता पर गले क्यों लगाया जा रहा था?

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और स्टैंड-अप कॉमेडियन पुलकित मणि की फोटो।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और स्टैंड-अप कॉमेडियन पुलकित मणि की फोटो।

आज देश में युवाओं के अंदर आक्रोश है। विरोध की आग इतनी भड़क चुकी है कि कॉमेडियन पुलकित मणि के बैक-टू-बैक शो रद्द हो रहे हैं। बीजेपी ने इसे सिर्फ एक नेता का नहीं, बल्कि हिंदुस्तान की हर मां और संपूर्ण मातृशक्ति का खुला अपमान बताया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने मोर्चा खोला तो दूसरी तरफ से सियासत का वही पुराना खेल शुरू हो गया, लेकिन सवाल राजनीतिक नफा-नुकसान का नहीं है। यह मुद्दा अंतरात्मा से जुड़ा है।

राजनीतिक मतभेद अपनी जगह पर हैं, लेकिन क्या अब कुर्सी की चाहत में मां की गरिमा की बलि चढ़ाई जा सकती है? क्या चुनावी गूंज में संस्कारों की चीख किसी को सुनाई नहीं देगी? आज नवभारत मातृशक्ति के स्वाभिमान की ढाल बनकर खड़ा है और सीधा सवाल पूछा जा रहा है कि क्या मंच पर जो हुआ, उसे माफ किया जा सकता है?

यह अधिकार किसी के पास नहीं कि कोई मां का अपमान करे। सवाल राहुल गांधी की उस हंसी पर भी है, जिसमें वह उस मंच से ठहाके लगाते हुए नजर आए। अब मां के अपमान पर बीजेपी ने राहुल गांधी पर हमला बोला है। वहीं, देश की जनता भी इस मुद्दे पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रही है। आइए, पहले जानते हैं कि इस मुद्दे पर मुंबई की जनता की क्या राय है?

मुंबई में एक व्यक्ति ने कहा, “देखिए, जिस तरीके से राहुल गांधी ने माता-बहनों पर टिप्पणी की है, वो काफी दुर्भाग्यपूर्ण है। राहुल गांधी के समर्थक उन्हें प्रधानमंत्री बनते देखना चाहते हैं, लेकिन वही नेता देश की महिलाओं का अपमान कर रहे हैं।”

एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “देश में कोई व्यक्ति राहुल गांधी को इस मामले पर माफ नहीं करेगा। राहुल गांधी ने देश का हमेशा अपमान किया है, लेकिन इस बार राहुल गांधी ने जो किया है, वो माफी के पात्र नहीं, बल्कि सजा के पात्र हैं। किसी भी मां के लिए ऐसी टिप्पणी करना बिल्कुल गलत है।” एक व्यक्ति ने कहा कि कुछ लोग पीएम नरेंद्र मोदी को विश्वगुरु मानते हैं, लेकिन किसी मां का अपमान करना सरासर अपमानजनक है।

'छात्रों की गूंज' में मां के अपमान पर मुंबई की जनता ने दी प्रतिक्रिया।

'छात्रों की गूंज' में मां के अपमान पर मुंबई की जनता ने दी प्रतिक्रिया।

देहरादून की जनता ने क्या कहा?

वहीं, देहरादून की जनता ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय प्रकट की। देहरादून के रहने वाले राजेश ने कहा, “जिस तरीके से राहुल गांधी मां का अपमान कर सकते हैं, वो क्या देश की रक्षा करेंगे? कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए वो जेन जी को बुलाकर मां का अपमान कर रहे हैं। कांग्रेस सिर्फ सत्ता पाने के लिए ऐसी हरकतें कर रही है।”

एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “देखिए, राजनीति में कभी भी किसी की मां को नहीं लाना चाहिए। कांग्रेस को देश की प्रगति के बारे में सोचना चाहिए, न कि किसी पर व्यक्तिगत टिप्पणी करनी चाहिए।”

'छात्रों की गूंज' में मां के अपमान पर देहरादून की जनता ने दी प्रतिक्रिया।

'छात्रों की गूंज' में मां के अपमान पर देहरादून की जनता ने दी प्रतिक्रिया।

दिल्ली के छात्रों ने दी प्रतिक्रिया

इस मुद्दे पर दिल्ली में मौजूद छात्रों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। दिल्ली में रहने वाली पलक ने कहा, “छात्रों की गूंज कार्यक्रम में मां का कोई रोल था ही नहीं। इसमें मां का क्या नाम लेना? मंच पर मां का नाम लेना बिल्कुल गलत है।”

एक अन्य छात्र ने कहा, “हां, यह मिमिक्री थी, लेकिन किसी की मां का अपमान नहीं होना चाहिए। इस मामले पर कॉमेडियन को माफी तो मांगनी ही चाहिए।”

'छात्रों की गूंज' में मां के अपमान पर दिल्ली के छात्रों ने दी प्रतिक्रिया।

'छात्रों की गूंज' में मां के अपमान पर दिल्ली के छात्रों ने दी प्रतिक्रिया।

सियासत में आरोप-प्रत्यारोप चलते रहेंगे, राजनीतिक मतभेद भी अपनी जगह रहेंगे, लेकिन मां का सम्मान भारतीय समाज की उस भावना से जुड़ा है, जिसे राजनीति से ऊपर माना जाता है। अब सवाल सिर्फ एक कार्यक्रम या एक बयान का नहीं, बल्कि उस मर्यादा का है, जिसकी उम्मीद सार्वजनिक मंचों से की जाती है।

मां के सम्मान पर उठे इस विवाद ने सियासत को फिर कठघरे में खड़ा कर दिया है। अब देखना होगा कि इस पूरे मामले पर विवाद थमता है या आने वाले दिनों में यह मुद्दा और बड़ा सियासी सवाल बनकर सामने आता है।

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