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How to help a shy child: हमेशा पीछे रह जाते हैं शरमाने वाले बच्‍चे, मां-बाप की मदद से हो सकता है भला

How to help a shy child: पेरेंट्स इन बातों को पूरी ईमानदारी के साथ फॉलो करें तो फायदा जरूर होगा। याद रखें कि प्यार, समझ और सकारात्मक प्रोत्साहन से शर्मीला बच्चा भी धीरे-धीरे मिलनसार और आत्मविश्वासी बन सकता है।

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बहुत ज्यादा शर्मीले बच्चों की आदत कैसे छुड़ाएं (Photo: iStock)

How to help a shy child: आजकल कई माता-पिता की सबसे बड़ी चिंता होती है कि उनका बच्चा शर्मीला। नए लोगों से बात करने में हिचकिचाहट, दोस्त बनाने में कठिनाई और सामाजिक स्थितियों से दूर रहना – ये आम समस्याएं हो गई हैं। डिजिटल युग में मोबाइल और स्क्रीन टाइम बढ़ने से बच्चे अकेले रहने की आदत डाल लेते हैं, जिससे उनके सोशल स्किल्स कमजोर पड़ जाते हैं। लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है। कुछ सरल और प्रभावी पेरेंटिंग टिप्स अपनाकर आप अपने शर्मीले बच्चे को धीरे-धीरे मिलनसार, आत्मविश्वासी और सामाजिक बना सकते हैं।

1. शेयरिंग की आदत डालें

बच्चों में शेयरिंग की आदत विकसित करना बहुत जरूरी है। उन्हें बताएं कि अपनी चीजें दूसरों के साथ बांटने से कुछ कम नहीं होता, बल्कि प्यार और दोस्ती बढ़ती है। स्कूल में पेंसिल, रबर या टिफिन से बिस्किट शेयर करने के लिए प्रोत्साहित करें। जब बच्चा शेयरिंग करता है, तो उसकी तारीफ करें। इससे बच्चे का आत्मविश्वास बढ़ता है और वह दूसरों से जुड़ने में सहज महसूस करता है।

2. तारीफ करना सिखाएं

बच्चों को सिखाएं कि दूसरों की अच्छी बातों की तारीफ करें। साथ ही जब बच्चा खुद कोई अच्छा काम करे, तो उसकी खुलकर प्रशंसा करें। बच्चे देखकर सीखते हैं। जब वे देखेंगे कि तारीफ से रिश्ते कैसे बेहतर होते हैं, तो वे खुद दूसरों की तारीफ करने लगेंगे। इससे उनकी शर्म कम होगी और सामाजिक संपर्क बढ़ेगा।

3. पार्क और खेल के मैदान ले जाएं

बच्चे को नियमित रूप से पार्क या खेल के मैदान ले जाएं। वहां दूसरे बच्चों के साथ खेलने और बात करने के लिए प्रोत्साहित करें। शुरू में आप उनके साथ रहकर मदद करें, फिर धीरे-धीरे उन्हें स्वतंत्र होने दें। समूह में खेलना बच्चों की सामाजिक कौशल को तेजी से विकसित करता है और उनकी शर्म को कम करता है।

4. मोबाइल और स्क्रीन से दूर करें

आजकल बच्चों का ज्यादा समय मोबाइल, टैबलेट और टीवी पर बीतता है, जो उन्हें अकेले रहने की आदत डाल देता है। माता-पिता को चाहिए कि बच्चे का स्क्रीन टाइम कम करें और उन्हें खेलने, पढ़ने या परिवार के साथ समय बिताने के लिए प्रोत्साहित करें। मोबाइल से दूरी बनाने से बच्चे वास्तविक दुनिया से जुड़ते हैं और उनकी शर्म कम होती है।

5. बच्चों को नई जगहों पर ले जाएं

समय-समय पर परिवार के साथ छोटी ट्रिप या घुमाव पर जाएँ। नई जगहों पर जाने से बच्चे नए लोगों से मिलते हैं और बातचीत करने का मौका मिलता है। ट्रिप के दौरान बच्चे को दूसरों से बात करने के लिए प्रोत्साहित करें। इससे उनकी हिचकिचाहट कम होती है और आत्मविश्वास बढ़ता है।

पेरेंट्स इन बातों को पूरी ईमानदारी के साथ फॉलो करें तो फायदा जरूर होगा। याद रखें कि प्यार, समझ और सकारात्मक प्रोत्साहन से शर्मीला बच्चा भी धीरे-धीरे मिलनसार और आत्मविश्वासी बन सकता है।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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