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ट्विशा शर्मा केस से हर मां-बाप ले सबक, विदा करने से पहले बेटियों को जरूर सिखाएं ये जरूरी बातें

Parenting lessons from Twisha Sharma case: ट्विशा शर्मा के केस ने केवल एक परिवार को नहीं तोड़ा, बल्कि लाखों पेरेंट्स को कुछ जरूरी सबक भी सिखाए हैं।

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ट्विशा शर्मा केस के सबक जो हर पेरेंट्स को विदाई से पहले बेटी को जरूर देने चाहिए।

Parenting lessons from Twisha Sharma case: नोएडा की रहने वाली 31 वर्षीय ट्विशा शर्मा की मौत ने पूरे सभ्य समाज को झकझोर कर रख दिया। ना जाने कितने ही सपने संजो कर ससुराल पहुंची ट्विशा जब अपने घर लौटी तो लाश बनकर। मां-बाप के पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई। ट्विशा की मौत ने उन्हें कभी ना सूखने वाले आंसुओं के सैलाब में धकेल दिया है। लेकिन फिर किसी बेटी को वो सब ना झेलना पड़े जो ट्विशा ने झेला इसकी जिम्मेदारी सबसे ज्यादा लड़कियों के पेरेंट्स की है।

ट्विशा शर्मा के केस ने केवल एक परिवार को नहीं तोड़ा, बल्कि लाखों पेरेंट्स को कुछ जरूरी सबक भी सिखाए हैं। लोगों को रुला देने वाली इस घटना के बाद हर मां-बाप बेटी को शादी से पहले कुछ बातें जरूर बताएं:

कुछ भी हो, हम तुम्हारे साथ हैं

ट्विशा शर्मा के केस से सबसे पहला सबक बेटियों को ये सिखाएं कि वो कभी ना भूलें कि शादी के बाद भी उनके पेरेंट्स हमेशा साथ खड़े हैं। उन्हें भरोसा दिलाएं कि किसी भी स्थिति में आप उसके साथ रहेंगे और जो भी समस्याएं हो उनसे मिलकर लड़ेंगे। बेटी को समझाएं कि शादी के बाद विदा करने का ये मतलब कभी नहीं है कि हमने तुम्हें अकेला छोड़ दिया है।

हमेशा ना करे एडजस्ट

बेटी को समझाएं कि समझौतों से ही शादी चलती है, लेकिन उसे ये भी समझाएं कि हर चीज में समझौता ठीक नहीं। अगर उसे लगे कि रिश्ता चलाने के लिए उसे अपने आत्मसम्मान ये सुरक्षा से समझौता करना पड़ रहा है तो वह ऐसा ना करे। अगर खुद की पहचान बचाने के लिए रिश्ते निकलना ही एक रास्ता है तो उस रास्ते को चुनने से बिल्कुल ना हिचकिचाए।

समाज की चिंता ना करे

बेटियों को ये समझाएं कि अगर शादी ठीक से नहीं चल रही है तो अलग हो जाए। ये सोचकर रिश्ते को ना खींचे कि समाज क्या कहेगा, परिवार और रिश्तेदार क्या कहेंगे। उस बताए कि उसकी जिंदगी के आगे ये सब कुछ मायने नहीं रखता।

आर्थिक तौर पर मजबूत बने

बेटी को सिखाएं कि शादी के बाद खुद को आर्थिक तौर पर मजबूत बनाए। ससुराल या पति के पैसों से अलग अपनी पूंजी बनाए। इससे होगा ये कि अगर कभी अलग होना पड़े तो यही पैसे काम आएंगे। सिर्फ पैसों की कमी के कारण जिंदगी को नर्क बनाए रखना बेवकूफी है।

सोच समझकर चुने साथी

जैसे ट्विशा केस में देखने को मिला था कि दोनों एक डेटिंग या मैट्रीमोनी साइट्स के जरिए मिले, सोशल मीडिया पोस्ट्स देख ट्विशा को लगा कि लड़का उसके लिए सही है। बेटियों को बताएं कि सोशल मीडिया की चमक फिल्टर्ड होती है। जीवनसाथी का चुनाव बहुत देख-परख कर और सोट समझकर करे।

Suneet Singh
सुनीत सिंह author

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे ... और देखें

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