लाइफस्टाइल

Padma Awards 2023: पिता की एक सीख से पाया मुकाम, जानें कौन हैं पद्मश्री पाने वाले अहमद हुसैन और मोहम्मद हुसैन

  • Authored by: कुलदीप राघव
  • Updated Jan 26, 2023, 01:25 PM IST

Who is Ahmed Hussain- Mohammed Hussain: 'मैं हवा हूं कहां वतन मेरा...', ये गजल आपने जरूर सुनी होगी और कमाल की बात ये है कि इसे आवाज देने वाले हुसैन बंधुओं यानी अहमद हुसैन और मोहम्मद हुसैन को मोदी सरकार पद्मश्री प्रदान करेगी। 25 जनवरी की शाम पद्म पुरस्कारों की सूची जारी की गई जिसमें पद्मश्री के लिए गजल गायक अहमद हुसैन और मोहम्मद हुसैन का भी नाम है। आइये जानते हैं ये दोनों कौन हैं-

Image

Padma Awards 2023: पिता की एक सीख से पाया मुकाम, जानें कौन हैं पद्मश्री पाने वाले अहमद हुसैन और मोहम्मद हुसैन

Ahmed Hussain- Mohammed Hussain Biography: 'मैं हवा हूं कहां वतन मेरा...', 'नजर मुझसे मिलती हो- तुम शरमा सी जाती हो'....ये गजलें आपने जरूर सुनी होगी और कमाल की बात ये है कि इन गजलों को अपनी आवाज से सजाने वाले जयपुर के हुसैन बंधुओं यानी अहमद हुसैन और मोहम्मद हुसैन को मोदी सरकार पद्मश्री प्रदान करेगी। यह जोड़ी पिछले 50 सालों से गजल, क्लासिक म्यूजिक और भजन की दुनिया में सक्रिय है। 25 जनवरी की शाम पद्म पुरस्कारों की सूची जारी की गई जिसमें पद्मश्री के लिए गजल गायक अहमद हुसैन और मोहम्मद हुसैन का भी नाम है। आइये जानते हैं ये दोनों कौन हैं-

ऐसे शुरू हुआ गायकी का सफर

अहमद हुसैन और मोहम्मद हुसैन भाई हैं। उन्होंने अपनी गायकी का सफर 1958 में शुरू किया। इसके बाद 1959 में चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में आकाशवाणी, जयपुर से सफर शुरू किया। उनकी पहली एलबम थी 'गुलदस्ता' है जोकि 1980 में रिलीज हुई और इसके बाद दोनों ने तकरीबन 50 एलबम तैयार कीं। हालांकि उन्हें पहचान मिली साल 1978 में आए गाने 'मैं हवा हूं कहां वतन मेरा' से। उन्हें वीरजारा सहित कई फिल्मों में काम किया। उनकी पॉपुलर गजल 'चल मेरे साथी चल', 'नज़र मुझसे' भी काफी चर्चाओं में रहीं।

Ahmed and Mohammed Hussain

Ahmed and Mohammed Hussain

मुंबई ले गई थीं सितारा देवी (Ahmed Hussain- Mohammed Hussain journey)

दोनों भाई जयपुर में परफॉर्म कर रहे थे और वहां सितारा देवी मौजूद थीं। परफॉर्मेंस के बाद सितारा देवी ने उनसे साथ मुंबई चलने के लिए कह दिया। वहां काम था लेकिन पैसा कम, इसलिए वह जयपुर आकर काम करते थे और फिर कुछ पैसे जोड़कर मुंबई चले जाते थे। जयपुर से मुंबई खूब दौड़ लगी। इसके बाद सितारा देवी ने उन्हें कल्याणजी-आनंदजी से मिलवाया और 1970 में एलबम ‘गुलदस्ता’ रिलीज हुआ। इस एलबम का गाना 'मैं हवा हूं कहां वतन मेरा' (Main Hawa Hoon Kahan Watan Mera) जबरदस्त हिट रहा।

पिता ने दी थी सीख Ahmed Hussain- Mohammed Hussain Gazal

हुसैन बंधुओं को साल 2000 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से नवाजा गया। इनके पिता गजल गायक थे और दोनों ने संगीत की पहली क्लास अपने घर पर पिता से ली। जब इन दोनों ने संगीत सीखने का मन बनाया, तो इनके पिता ने मां से कहा था कि दोनों बच्चों को मेरे पास बेटों के तौर पर नहीं शिष्य के तौर पर ही भेजना। पिता ने ही दोनों से कहा था कि तुम्हारी जोड़ी एक दिन कमाल करेगी। ये साथ तुम दोनों की ताकत है।

कुलदीप राघव
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article